बिना इंजन की ट्रेन, खुद ही बढ़ेगी आगे, जानें खास बातें

Updated at : 08 Jul 2018 8:12 AM (IST)
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बिना इंजन की ट्रेन, खुद ही बढ़ेगी आगे, जानें खास बातें

-पटरियों पर जल्द दौड़ेगी भारत की पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेननयी दिल्ली : भारत में बनने वाली पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेनें अगले कुछ महीनों में पटरियों पर दौड़ने लगेगी. इन ट्रेनों में कई नये फीचर्स हैं, जो न्यू जेनरेशन के हैं. इस ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत है कि इसमें मेट्रो ट्रेन और एरोप्लेन […]

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-पटरियों पर जल्द दौड़ेगी भारत की पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन
नयी दिल्ली : भारत में बनने वाली पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेनें अगले कुछ महीनों में पटरियों पर दौड़ने लगेगी. इन ट्रेनों में कई नये फीचर्स हैं, जो न्यू जेनरेशन के हैं. इस ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत है कि इसमें मेट्रो ट्रेन और एरोप्लेन वाली कई सुविधाएं जोड़ी गयी हैं.

ट्रेनों के कोच खास तरह से डिजाइन किये गये हैं, जिनमें अन्य सुविधाओं के अलावा विंडो विजन को शानदार एहसास की परिकल्पना शामिल है़ इस ट्रेन को चेन्नई स्थित इंट्रीग्रल कोच फैक्टरी में तैयार किया गया है. इसे ‘ट्रेन-18’ नाम दिया गया है. यह भारतीय रेल की वर्ष 2018 की बड़ी उपलब्धि होगी. इस ड्रीम प्रोजेक्ट को तैयार करने के लिए कोच फैक्टरी में 16 माह तक दिन-रात काम चलता रहा.

अब यह बन कर तैयार हो चुकी है. इस सेमी हाई स्पीड ट्रेन कर रफ्तार 160 किमी प्रति घंटे की होगी. इस ट्रेन की दूसरी बड़ी खासियत यह है कि इसे मेक इन इंडिया के तहत तैयार किया गया है.

छह ट्रेनें होंगी तैयार, दो ट्रेनों में स्लीपर कोच :
स्वदेशी तकनीक पर तैयार इस सेमी हाइ स्पीड ट्रेन में इंजन नहीं होगा. हर कोच अपने आप में पॉवर वेगन का काम करेगा. यह ट्रेन हाई स्पीड इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट ट्रेनसेट होगी. यह इलेक्ट्रिक लाइन पर मेट्रो की तरह खुद ही आगे बढ़ सकेगी. इस ट्रेन को शताब्दी एक्सप्रेस समेत मौजूदा इंटरसिटी एक्सप्रेस की जगह चलाया जायेगा. आइसीएफ की ओर से ऐसी छह ट्रेनें तैयार की जायेंगी. इनमें से दो ट्रेनों में स्लीपर कोच भी होंगे.

दिव्यांगों के लिए खास व्यवस्था

ये ट्रेनें कई मायने में खास हैं. इनमें यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई शानदार फीचर भी जोड़े जा रहे हैं. इन ट्रेनों के दरवाजे मेट्रो ट्रेन की तरह ऑटोमेटिक होंगे, यानि स्टेशन के आने पर ट्रेन के दरवाजे खुद खुलेंगे और स्टेशन छोड़ने के पहले खुद ही बंद होंगे. इनमें फुट स्टेप होंगे, जो ट्रेन के चलते ही ऑटोमेटिक वापस हो जायेगा और ट्रेन के प्लेटफार्म पर रुकते ही फुट स्टेप खुल जायेंगे. इसमें विमानों जैसे वैक्यूम आधारित बायो टायलेट होगा. ट्रेन में दिव्यांगों के लिए लिए भी खास सुविधाओं का ध्यान रखा गया है. उनके लिए इन ट्रेनों में पहले से सीटें आरक्षित होंगी. मेट्रो की तर्ज पर ट्रेन के आखिरी कोच में व्हीलचेयर लगाने के लिए अलग से जगह की व्यवस्था की गयी है. ट्रेन में वाई-फाई और इन्फोटेनमेंट का पूरा इंतजाम होगा और यात्रियों को ये सुविधाएं मुफ्त में प्राप्त होंगी.

इस ट्रेन के खास फीचर्स

एसी-चेयर कार, बॉयो-वैक्यूम सिस्टम वाले मॉड्यूलर टॉयलेट

आधुनिक कपलर्स, ताकि यात्रियों को झटके न महसूस हों

बाहर का नजारा दिखे, इसके लिए विंडो पर शानदार ग्लास

एग्जिक्युटिव क्लास के कोच में रोटेटिंग सीटें

रोलर ब्लाइंड्स और दूर तक लेड लाइट्स

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