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सावधान! बीवी का एटीएम है तो क्या हुआ, पैसे नहीं निकाल सकते आप, अदालत ने भी कहा

Updated at : 07 Jun 2018 5:25 PM (IST)
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सावधान! बीवी का एटीएम है तो क्या हुआ, पैसे नहीं निकाल सकते आप, अदालत ने भी कहा

बेंगलुरु: आपको जब जल्दी होती है, तो अाप अपना एटीएम कार्ड और पिन नंबर किसी विश्वासी आदमी को देकर पैसे निकालने भेज देते हैं. घरों में तो यह आम है. अमूमन बीवी के एटीएम कार्ड से पति ही पैसे निकालते हैं. मगर अब सावधान हो जाइए, नहीं तो आपको लेने के देने पड़ जा सकते […]

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बेंगलुरु: आपको जब जल्दी होती है, तो अाप अपना एटीएम कार्ड और पिन नंबर किसी विश्वासी आदमी को देकर पैसे निकालने भेज देते हैं. घरों में तो यह आम है. अमूमन बीवी के एटीएम कार्ड से पति ही पैसे निकालते हैं. मगर अब सावधान हो जाइए, नहीं तो आपको लेने के देने पड़ जा सकते हैं. एेसे ही एक मामले में बेंगलुरु की एक महिला के 25 हजार रुपये डूब गये. कोर्ट ने भी इस मामले में महिला को राहत नहीं दिया.

क्या था मामला

नवंबर 2013 की बात है. बेंगलुरु के मराठाहल्ली की रहनेवाली वंदना नामक महिला ने अपने पति राजेश को एटीएम कार्ड देकर 25 हजार रुपये निकालने के लिए भेजा. उसने अपना पिन नंबर भी अपने पति को बता दिया था. वह अपने इलाके के नजदीकी एसबीआई एटीएम में गया. कार्ड स्वैप किया, मशीन से रसीद तो बाहर निकली, मगर पैसा नहीं निकला. रसीद में लिखा आया कि पैसे निकल गये हैं लेकिन दरअसल पैसे एटीएम से निकले नहीं थे. उसने तुरंत एसबीआई कस्टमर केयर में फोन करके सूचना दी. 24 घंटे बीत गये, पर पैसा एकाउंट में नहीं आया. तब वह एसबीआई की ब्रांच में गये और शिकायत दर्ज करायी. लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली, बल्कि झटका ही लगा. एसबीआई ने कुछ दिनों में उनका केस यह कहते हुए बंद कर दिया कि ट्रांजैक्शन सही था और ग्राहक को पैसा मिल गया.

मामला कोर्ट में गया. चार सालों तक एक के बाद दूसरे कोर्ट में जाता रहा. मामला और गरमा गया, जब राजेश ने कोर्ट में एटीएम में लगे सीसीटीवी फुटेज को पेश किया, जिसमें यह दिख रहा था कि मशीन से पैसा नहीं निकला. इस पर बैंक की जांच समिति ने कहा कि एकाउंटहोल्डर वंदना फुटेज में नहीं दिख रही हैं और उनकी जगह कोई अन्य व्यक्ति पैसा निकालता नजर आ रहा है. बैंक ने साफ कह दिया कि पिन साझा किया गया, इसलिए केस बंद. कोर्ट ने भी बैंक का साथ दिया.

अदालत ने क्या कहा

अदालत ने एसबीआई के नियम ‘पिन शेयर हुआ, केस खत्म’ को मानते हुए बैंक के पक्ष में फैसला सुना दिया. 29 मई, 2018 को दिए फैसले में अदालत ने बैंक की बात को सही माना और कहा कि खुद नहीं जा सकने की हालत में वंदना को सेल्फ चेक या फिर अधिकार पत्र देकर पति को पैसा निकालने के लिए भेजना चाहिए

अब चेत जाइए

मालूम रहे कि किसी दूसके के साथ पिन नंबर शेयर करना बैंक के नियमों का उल्लंघन है. अब अगली बार अपना एटीएम कार्ड और पिन नंबर किसी को मत दीजिएगा.

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