सीमा पर रहनेवाले लोग देश के ‘सबसे बड़े स्ट्रेटजिक असेट'', सुरक्षा के लिए बनेंगे 1400 बंकर : राजनाथ

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भोपाल : केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवारको कहा कि भारतीय सीमा पर रहनेवाले लोगों को हम सामान्य नहीं, बल्कि भारत का ‘सबसे बड़ा स्ट्रेटजिक असेट’ मानते हैं, इसलिए हमने उनकी सुरक्षा के लिए 1400 नये बंकर बनाने का निर्णय लिया है जो कुछ ही महीने में तैयार हो जायेंगे. पाकिस्तान की ओर से […]

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भोपाल : केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवारको कहा कि भारतीय सीमा पर रहनेवाले लोगों को हम सामान्य नहीं, बल्कि भारत का ‘सबसे बड़ा स्ट्रेटजिक असेट’ मानते हैं, इसलिए हमने उनकी सुरक्षा के लिए 1400 नये बंकर बनाने का निर्णय लिया है जो कुछ ही महीने में तैयार हो जायेंगे.

पाकिस्तान की ओर से सीमा के निकट रह रहे भारतीयों पर बढ़ते हमलों के बारे में पूछे गये सवाल के जवाब में राजनाथ ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘यदि संघर्ष विराम का उल्लंघन उनकी (पाकिस्तान) ओर से होता है, तो सुरक्षा के लिए 1400 नये बंकर बनाने का निर्णय लिया गया है. कुछ ही महीनों के अंदर इन बंकरों को बनाकर तैयार कर देंगे.’ भाजपा नीत केंद्र सरकार की चार साल की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए राजनाथ ने कहा कि इन चार साल में देश में कोई बड़ा आतंकवादी हमला नहीं हुआ. उन्होंने कहा, ‘पिछले चार साल में देश की सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार हुआ है. इसमें कोई बड़ी आतंकवादी वारदात नहीं हुई.

गुरदासपुर और पठानकोट पर पाक प्रायोजित आतंकवादियों ने हमला करके पठानकोट के एयरबेस को तबाह करने की कोशिश की थी. गुरदासपुर में भी उन्होंने हमला करने की कोशिश की थी, लेकिन हमारे सुरक्षाकर्मियों ने उनके मंसूबों को विफल कर दिया. सारे के सारे आतंकवादी मारे गये.’ उन्होंने कहा, ‘और इसके बाद कोई भी बड़ी आतंकवादी घटना देश में नहीं होने दी गयी. एक अच्छी कामयाबी मिली है.’ एक सवाल के जवाब में राजनाथ ने कहा, ‘पाकिस्तान आतंकवाद को बंद करे. आतंकवाद को प्रायोजित करना बंद करे. यदि आतंकवाद से पाक अकेले नहीं निपट पाता है, तो वह पड़ोसी देश भारत का सहयोग प्राप्त करे. भारत सहयोग करेगा.’

उन्होंने बताया कि जब हम चार साल पहले केंद्र में सत्ता में आये थे, तब देश के कुल 126 जिले माओवादी उग्रवाद एवं नक्सलवाद से प्रभावित थे. लेकिन, आज ये घटकर 90 जिले हो गये हैं. उन जिलों को भी हमने नक्सलवाद से प्रभावित माना है, जहां पर नक्सलियों ने बिजली के ट्रांसफार्मर पर आग लगाने एवं लूट-खसोट जैसी छिटपुट घटनाओं को अंजाम दिया है. राजनाथ ने कहा, ‘लेकिन, अब मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि माओवादी उग्रवाद बड़ी मुश्किल से 10 से 11 जिलों में विशेष रूप से सिमट कर रह गया है.’

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