मुंबई : ‘मोदी लहर ’ पर सवार और सत्ताविरोधी कारण को भुनाते हुए भाजपा-शिवसेना नीत गठबंधन ने महाराष्ट्र में शानदार जीत कर कांग्रेस-राकांपा गंठबंधन को शिकस्त दी और राज्य की 48 में से 42 सीटें अपने नाम कर लीं. सत्तारुढ गठबंधन का अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन रहा और उसकी झोली में महज छह सीटें आयीं. भाजपा ने 23,शिवसेना ने 18 और उसके सहयोगी स्वाभिमानी पक्ष ने एक सीटें जीती जबकि कांग्रेस के खाते में दो और राकांपा की झोली में चार सीटें गयीं.
निवर्तमान लोकसभा में कांग्रेस के 17 और राकांपा के आठ सदस्य हैं जिस लिहाज से उसे करारी शिकस्त मिली है. विपक्ष के निशाने बनाने और इस्तीफे की मांग के बाद मुख्यमंत्री पृथ्वी चव्हाण ने कहा कि वह हार के लिये ‘‘पूरी नैतिक जिम्मेदारी ’’ लेते हैं. इस चुनाव में केंद्रीय मंत्री सुशील कुमार शिंदे प्रफुल पटेल और प्रतीक पटेल वरिष्ठ राकांपा नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री छगन भुजबल और नौ बार सांसद रहे माणिकराव गावित जैसे दिग्गज खेत रहे.
उद्योग मंत्री नारायण राणो ने इस्तीफा दे दिया. उनके बेटे निलेश की सिंधुदुर्ग.रत्नागिरी सीट से हार गये हैं. राणो ने हार के लिये जिम्मेदारी लेते हुए कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया. नागपुर से पूर्व भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी के जीतने के बाद एक और कांग्रेस मंत्री नितिन राउत ने भी इस्तीफा दे दिया. हारने वालों में सामाजिक कार्यकर्ता और आप की उम्मीदवार मेधा पाटेकर और कांग्रेस की प्रिय दत्त भी शामिल हैं.
सोलापुर में अपनी सीट नहीं बचा पाये शिंदे
पुणे : सोलापुर से पांचवीं बार अपनी लोकसभा सीट को बचाने के लिए मैदान में उतरे केंद्रीय गृह मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुशील कुमार शिंदे को आज भाजपा के शरत बनसोडे के हाथों डेढ लाख मतों के भारी अंतर से पराजय का सामना करना पडा. शिंदे के पक्ष में 368205 मत पडे जबकि बनसोडे को 517879 वोट मिले. कांग्रेस के इस वरिष्ठ नेता को मोदी लहर का भी खामियाजा उठाना पडा. पिछले लोकसभा चुनाव में शिंदे ने बनसोडे को पराजित किया था.

