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Rahul Gandhi: बचपन में बहुत शरारती थे राहुल गांधी, स्कूली बच्चों से बातचीत में कांग्रेस सांसद ने किया बड़ा खुलासा

Updated at : 13 Jan 2026 6:10 PM (IST)
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Rahul Gandhi

राहुल गांधी ने बताई अपने बचपन की बात

Rahul Gandhi: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को तमिलनाडु के नीलगिरी में स्कूली बच्चों से बात की. उन्होंने बातचीत में अपने स्कूली जीवन से जुड़ी भी एक बात का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि बचपन में वो काफी शरारती थे, और हर दिन कुछ न कुछ शरारत करते थे.

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Rahul Gandhi: कांग्रेस नेता राहुल गांधी मंगलवार को नीलगिरि के गुडलूर स्थित सेंट थॉमस इंग्लिश हाई स्कूल में स्कूली बच्चों से मिले. उन्होंने जेन Z से कई बातें शेयर की. राहुल गांधी ने उन्हें बताया कि वो अपने स्कूली दिनों में काफी शरारती हुआ करते थे. हर दिन वो कुछ न कुछ शरारत करते थे. उन्होंने बच्चों के साथ अपने बोर्डिंग स्कूल की एक बात शेयर की. राहुल गांधी ने बताया कि बोर्डिंग स्कूल वो पढ़ते थे, काफी खुश थे लेकिन लो हमेशा अपने माता-पिता को यह यकीन दिलाया कि वो खुश नहीं हैं, ताकि उनके पेरेंट्स उनके मिलने आते रहें.

केमेस्ट्री की टीचर को काफी पसंद करते थे राहुल गांधी

राहुल गांधी ने स्कूली छात्रों से बातचीत में बताया कि उन्हें रसायन विज्ञान की टीचर काफी अच्छी लगती थी, क्योंकि इस विषय को उन्होंने काफी अच्छे से पढ़ाया और एग्जाम की तैयारी में भी काफी मदद की. राहुल गांधी ने कहा कि इस कारण वो मुझे काफी अच्छी लगती थीं.

Manufacturing Sector पर ध्यान देने की जरूरत- राहुल गांधी

बच्चों से बात करने के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि हमने आईटी क्षेत्र में काफी अच्छा काम किया है. सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में हमारी सफलता के बारे में सभी ने सुना है. लेकिन एआई के कारण अब यह उद्योग मुश्किलों में फंसने वाला है. ऐसे में हमें यह तय करना होगा कि हम सर्विस सेक्टर में पिछड़ न जाएं, जहां हम अच्छा काम कर रहे हैं. ऐसे में हमें अब Manufacturing Sector में शुरुआत करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि आज जो स्थिति है वह यह है कि चीन ने विनिर्माण क्षेत्र पर अपना दबदबा बना लिया है. हम जो कुछ भी इस्तेमाल करते हैं, यह माइक्रोफोन, वह कैमरा, ये सब चीजें चीन में बनी हैं. और हम चाहते हैं कि ये भारत में भी बनें. ऐसा करने के लिए हमें मानसिकता बदलनी होगी.

राहुल गांधी ने बताया वो क्या करना चाहते हैं?

छात्रों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वो सोचते हैं कि शिक्षा (Education) बहुत महंगी नहीं होनी चाहिए. साथ ही इसका निजीकरण (Privatization) नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि प्राइवेट स्कूल और कॉलेज हो सकते हैं, लेकिन अच्छी और गुणवत्ता पूर्ण सरकारी शिक्षा की भी अपनी भूमिका है. और इसके लिए सरकार को शिक्षा के बजट में पैसा लगाना होगा. उन्होंने कहा कि दूसरी बात यह है कि रोजगार देने वाला माहौल होना चाहिए, वो भी सिर्फ सर्विस, इंडस्ट्री और आईटी सेक्टर में नहीं. बल्कि विनिर्माण (Manufacturing), लघु और मध्यम उद्योगों में भी रोजगार अवसर मिलने चाहिए. ताकि वे देश के विकास में योगदान दे सकें और युवा लड़के-लड़कियों को रोजगार मिल सके. उन्होंने कहा कि वो यही करेंगे.

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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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