CJI दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव में मनमोहन सिंह को रणनीति के तहत शामिल नहीं किया गया: सिब्बल

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 20 Apr 2018 12:59 PM

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नयी दिल्ली :महाभियोग प्रस्ताव में मनमोहन सिंह को रणनीति के तहत शामिल नहीं किया : सिब्बल नयी दिल्ली, 20 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस ने आज दावा किया कि विपक्षी दलों की ओर से देश के प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग चलाने के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने वाले सदस्यों में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को […]

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नयी दिल्ली :
महाभियोग प्रस्ताव में मनमोहन सिंह को रणनीति के तहत शामिल नहीं किया : सिब्बल नयी दिल्ली, 20 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस ने आज दावा किया कि विपक्षी दलों की ओर से देश के प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग चलाने के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने वाले सदस्यों में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को रणनीति के तहत शामिल नहीं किया गया है. यह पहला अवसर है जब देश के प्रधान न्यायाधीश को पद से हटाने के लिए उन पर महाभियोग चलाने के प्रस्ताव का नोटिस दिया गया है.

कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने आज राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू को विपक्षी दलों की ओर से महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस सौंपने के बाद संवाददाता सम्मेलन में बताया कि डॉ सिंह सहित अन्य प्रमुख नेताओं को जानबूझ कर इस प्रक्रिया में शामिल नहीं किया है. प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने वाले नेताओं के नाम पर पार्टी में मतभेद के सवाल पर सिब्बल ने कहा ‘इस बारे में पार्टी में विभाजन जैसी कोई बात नहीं है. डॉ सिंह पूर्व प्रधानमंत्री हैं इसलिए हमने जानबूझ कर उन्हें इस प्रक्रिया में शामिल नहीं किया है.’ सिब्बल ने स्पष्ट किया कि डॉ सिंह ही नहीं बल्कि कुछ अन्य ऐसे वरिष्ठ नेताओं को भी प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने वाले नेताओं में शामिल नहीं किया है जिनके खिलाफ न्यायालय में मामले लंबित हैं.
गौरतलब है कि कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दलों ने चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही के लिए नोटिस देने का निर्णय लिया. चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग कार्यवाही के नोटिस पर सात राजनीतिक दलों के 60 से ज्यादा सांसदों ने हस्ताक्षर किये. नोटिस पर हस्ताक्षर करने वाले दलों में कांग्रेस, राकांपा, माकपा, भाकपा , सपा , बसपा और मुस्लिम लीग शामिल हैं. कांग्रेस और अन्य दलों के नेताओं ने उपराष्ट्रपति व राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू से मुलाकात कर चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग का नोटिस सौंपा.

वहीं आज सुप्रीम कोर्ट ने न्यायाधीशों के खिलाफ महाभियोग पर सार्वजिनक रूप से चर्चा किये जाने को ‘ बेहद दुर्भाग्यपूर्ण ‘ करार दिया और अटॉर्नी जनरल से यह जानकारी मांगी कि क्या इसे रोका जा सकता है. इससे संबंधित एक याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा कि इससे हम सभी ‘ परेशान ‘ हैं . मीडिया में ऐसी चर्चाओं पर रोक लगाने की याचिका में मांग की गयी है.
आज राज्यसभा में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद के कमरे में एक बैठक बुलायी गयी थी. बैठक में तमाम दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया. चर्चा के बाद CJI के खिलाफ राज्यसभा के सभापति को नोटिस देने का निर्णय लिया गया. जज लोया की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर फैसला आने के बाद के हालात पर इस बैठक में चर्चा हुई.
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