सुप्रीम कोर्ट ने नेताओं पर दर्ज मामलों का मांगा ब्यौरा, केंद्र ने विशेष अदालत गठन का किया समर्थन

नयी दिल्ली : केंद्र ने उच्चतम न्यायालय से आज कहा कि राजनीति को अपराधमुक्त करना होगा और नेताओं के खिलाफ दायर आपराधिक मामले देखने के लिए विशेष अदालतों के गठन का समर्थन किया. केंद्र ने उच्चतम न्यायालय से कहाहैकि आपराधिक मामलों में दोषी करार दिए गए नेताओं पर आजीवन प्रतिबंध लगाने की वकालत करने वाली […]
नयी दिल्ली : केंद्र ने उच्चतम न्यायालय से आज कहा कि राजनीति को अपराधमुक्त करना होगा और नेताओं के खिलाफ दायर आपराधिक मामले देखने के लिए विशेष अदालतों के गठन का समर्थन किया. केंद्र ने उच्चतम न्यायालय से कहाहैकि आपराधिक मामलों में दोषी करार दिए गए नेताओं पर आजीवन प्रतिबंध लगाने की वकालत करने वाली चुनाव आयोग एवं विधि आयोग की सिफारिश पर सक्रियता से विचार किया जा रहा है.
उच्चतम न्यायालय ने केंद्र से बताने को कहा कि 2014 केचुनावके आंकड़ों के अनुसार सांसदों एवं विधायकों सेजुड़े 1,581 मामलों में से कितनों का एक साल के भीतर निपटान किया गया है. उच्चतम न्यायालय ने केंद्र से पूछा कि इन 1,581 मामलों में से कितनों में प्रतिवादी को दोषी करार दिया गया और कितनों में प्रतिवादी को बरी किया गया. मामले की सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति रंजन गोगई और नवीन सिन्हा की पीठ ने इस मामले में केंद्र सरकार से ब्यौरा मांगा है.
उच्चतम न्यायालय ने 2014 से 2017 के बीच नेताओं के खिलाफ दायर आपराधिक मामलों का ब्यौरा और उनके निपटान का आंकड़ा मांगा. बेंच ने राजनेताओं के मामलों के निबटारे के लिए स्पेशल कोर्ट के गठन एवं उसके लिए कोष का प्रबंध करने को कहा.
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