मधेपुरा में गर्मी के कहर से बेहाल हुआ शहर, अस्पतालों में मरीजों की भीड़
Published by : Pratyush Prashant Updated At : 08 Jun 2026 10:33 AM
तेज धूप और उमस ने बढ़ाई मुश्किलें, अस्पतालों में मरीजों की भीड़, छात्राएं सबसे ज्यादा परेशान
Madhepura Heat Wave: मधेपुरा में भीषण गर्मी और उमस ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. सुबह 10 बजे के बाद घर से निकलना मुश्किल हो रहा है. अस्पतालों में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जबकि कोचिंग जाने वाली छात्राएं रोजाना धूप और लू से जूझ रही हैं.
मधेपुरा से अमन श्रीवास्तव की रिपोर्ट
Madhepura Heat Wave: मधेपुरा और आसपास के शहरी क्षेत्रों में इन दिनों भीषण गर्मी ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं का असर महसूस होने लगता है. दोपहर तक तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच जाने से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है. उमस भरी गर्मी ने परेशानी को और बढ़ा दिया है.
शहर के प्रमुख बाजारों, चौक-चौराहों और सड़कों पर दोपहर के समय सन्नाटा पसरा दिखाई दे रहा है. लोग केवल जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं. बाहर निकलने वाले लोग गमछा, छाता और चेहरे को ढंककर धूप से बचने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन गर्म हवाओं से राहत नहीं मिल रही है.
अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या
भीषण गर्मी का सबसे अधिक असर लोगों की सेहत पर दिखाई दे रहा है. सदर अस्पताल और निजी क्लीनिकों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. चिकित्सकों के अनुसार इन दिनों डिहाइड्रेशन, उल्टी-दस्त, बुखार, चक्कर आना और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं से पीड़ित मरीज बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं.
अस्पताल सूत्रों के अनुसार पहले जहां प्रतिदिन 150 से 200 मरीज इलाज के लिए आते थे, वहीं अब यह संख्या 300 के पार पहुंच गई है. ओपीडी में लंबी कतारें लग रही हैं और कई मरीजों को भर्ती भी करना पड़ रहा है. डॉक्टरों ने लोगों को अधिक पानी पीने, हल्का भोजन करने और दोपहर की धूप से बचने की सलाह दी है.
कोचिंग जाने वाली छात्राओं की बढ़ी परेशानी
गर्मी का असर पढ़ाई कर रही छात्राओं पर भी साफ दिखाई दे रहा है. शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों में जाने वाली छात्राओं को तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच सफर करना पड़ रहा है. दोपहर के समय सड़क पर पैदल चलना मुश्किल हो जाता है और सार्वजनिक परिवहन भी आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाता.
कई छात्राओं ने बताया कि गर्मी के कारण रास्ते में थकान और चक्कर जैसी स्थिति बन जाती है. वहीं अभिभावक भी बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं और कोचिंग संस्थानों से समय में बदलाव की मांग कर रहे हैं.
बारिश का इंतजार, राहत की उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते जलवायु पैटर्न के कारण हर साल गर्मी का असर अधिक गंभीर होता जा रहा है. फिलहाल शहरवासियों की नजर आसमान पर टिकी है. बादल तो दिखाई दे रहे हैं, लेकिन बारिश नहीं होने से उमस लगातार बढ़ रही है. लोगों को उम्मीद है कि जल्द होने वाली बारिश उन्हें इस भीषण गर्मी से राहत दिलाएगी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










