मोदी कैबिनेट : चार पूर्व प्रशासनिक अधिकारी भी बने मंत्री, लेकिन उनके विभाग को लेकर उठे सवाल

Updated at : 04 Sep 2017 8:47 AM (IST)
विज्ञापन
मोदी कैबिनेट : चार पूर्व प्रशासनिक अधिकारी भी बने मंत्री, लेकिन उनके विभाग को लेकर उठे सवाल

नयी दिल्ली : मोदी कैबिनेट विस्तार में चार पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों को शामिल किया गया है. इन चार प्रशासनिक अधिकारियों में दो आइएएस, एक आइएफएस और एक आइपीएस अधिकारी हैं. कहा जा रहा है कि मोदी किसी भी कीमत पर काम चाहते हैं. लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों को मंत्रिमंडल में लाये जाने को लेकर मोदी की […]

विज्ञापन

नयी दिल्ली : मोदी कैबिनेट विस्तार में चार पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों को शामिल किया गया है. इन चार प्रशासनिक अधिकारियों में दो आइएएस, एक आइएफएस और एक आइपीएस अधिकारी हैं. कहा जा रहा है कि मोदी किसी भी कीमत पर काम चाहते हैं. लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों को मंत्रिमंडल में लाये जाने को लेकर मोदी की जहां एक और सराहना हो रही है, वहीं विभागों के बंटवारे पर सवाल उठने लगे हैं. सोशल मीडिया और टीवी डिबेटों में लोगों ने पोर्टफोलियों बंटवारे पर हैरानी जतायी.

जानकार बताते हैं कि इस दूरदर्शिता की कमी पहले भी दिखते आयी है. मसलन हर्षवर्द्धन डॉक्टर थे. उन्हें स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया था और उन्होंने अपने मंत्रालय के कामकाज में सक्रियता भी दिखाई थी लेकिन उनका विभाग बदल दिया गया और जेपी नड्डा को स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने मोदी के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब स्वास्थ्य और कृषि का हाल इतना बुरा है तो उन मंत्रियों के विभाग में फेरबदल क्यों नहीं किया गया.
सत्यपाल सिंह : मुंबई पुलिस कमिश्वनर रह चुके सत्यपाल सिंह अपराधियों से लोहा लेने के लिए जाने जाते हैं. उनकी गिनती एक काबिल पुलिस ऑफिसर के रूप में रही है. सत्यपाल सिंह को मानव संसाधन विकास (राज्य मंत्री) व गंगा सफाई, जल संसाधन मंत्री का प्रभार दिया गया है. ऐसे में उनके अनुभव का फायदा क्यों नहीं लिया गया. इस पर भी सोशल मीडिया में खूब चर्चा हुई.
हरदीप पुरी : विदेश सेवा से आने वाले हरदीप पुरी को शहरी विकास मंत्रालय दिया गया है. उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति का माहिर खिलाड़ी माना जाता है. तकरीबन 40 सालों के राजनयिक जीवन में उन्होंने कई अहम जिम्मेवारियां निभायी है. जिनमें संयुक्त राष्ट्र का अनुभव भी शामिल है. कल विभाग का बंटवारा से पहले कयास लगाये जा रहा था कि उन्हें विदेश राज्य मंत्री या फिर वाणिज्य मंत्रालय दिया जा सकता है लेकिन शहरी विकास मंत्रालय का विभाग देकर प्रधानमंत्री ने सबकों चौंका दिया. उनके मित्र भी बताते हैं कि उनकी रूचि हमेशा से विदेश सेवा में रही है. ऐसी परिस्थिति में अगर शहर में आम जनजीवन रोजमर्रे की समस्या नली का निर्माण से लेकर पेयजल सुनिश्चित कर पाना. यह उनके लिए अलग दुनिया होगी. फिर भी वक्त ही बतायेगा कि हरदीप पुरी अपने बदली हुई भूमिका में क्या कर पाते हैं ?
अलफोन्स कन्नाथनम : दिल्ली में अतिक्रमण के खिलाफ व्यापक अभियान चला कर कम -से कम 15 हजार अवैध इमारतें हटवाने वाले पूर्व प्रशासनिक अधिकारी अलफोन्स कन्नाथनम को कल जब मंत्रीपद की शपथ दिलायी जा रही थी. तब लोगों को उम्मीद थी कि उन्हें शहरी विकास मंत्रालय दिया जायेगा. दिल्ली में उनके काम को देखते हुए इस तरह की उम्मीद की ठोस वजह भी थी, लेकिन उन्हें पर्यटन मंत्रालय दिया गया. कन्नाथनम ने कोट्टायम के जिला कलेक्टर के अपने कार्यकाल के दौरान 1989 में इसे 100 फीसदी साक्षरता वाला शहर बना कर देश में नया रिकार्ड कायम किया था. इस लिहाज से उन्हें मानव संसाधन विकास (राज्य मंत्री) मंत्रालय भी दिया जा सकता था, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया.
आरके सिंह : केंद्र में गृह सचिव रह चुके राजकुमार सिंह को गृह मंत्रालय में लगाये जाने की उम्मीद की जा रही थी लेकिन उन्हें ऊर्जा मंत्रालय दिया गया. हलांकि यह बड़ी जिम्मेवारी है. पटना के डीएम के अलावा रक्षा उत्पाद सचिव और अंत में देश के गृह सचिव भी रह चुके हैं. बिहार में सड़क निर्माण विभाग के सचिव के रूप में उन्होंने राज्य की सड़कें सुधारी.
हालांकि पीएम मोदी ने निशानेबाजी के चैंपियन रह चुके राज्यवर्द्धन सिंह राठौर को सूचना व प्रसारण मंत्रालय से हटाकर खेल मंत्रालय दिया है. राठौर ने अपने नये मंत्रालय के बारे में मीडिया को बताया कि मैं देश में खेल को लेकर इकोसिस्टम को ठीकर करने का प्रयास करूंगा.सुरेश प्रभु और पीयूष गोयल के मंत्रालय में हेरफेर किया गया है लेकिन उनके पोर्टफोलियों के बंटवारे में अनुभव और पेशेवर योग्यता का ख्याल रखा गया है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola