ePaper

मुजफ्फरपुर मौसम: आखिरकार बदला मौसम का मिजाज, बरसे बादल तो मिली गर्मी से राहत

Updated at : 29 Jun 2023 2:30 AM (IST)
विज्ञापन
मुजफ्फरपुर मौसम: आखिरकार बदला मौसम का मिजाज, बरसे बादल तो मिली गर्मी से राहत

मॉनसून के दस्तक देने के करीब 16 दिनों के बाद आखिरकार बुधवार को शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में मॉनसून का असर दिखा. सुबह से शाम तक आकाश में काले बादलों के साथ रुक-रुक कर मॉनसून बौछार होती रही.

विज्ञापन

मुजफ्फरपुर: उत्तर बिहार में 12 जून को मॉनसून ने दस्तक दी थी. करीब 16 दिनों पर बुधवार को शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में मॉनसून का असर दिखा. सुबह से शाम तक आकाश में काले बादलों के साथ रुक-रुक कर मॉनसून बौछार होती रही. घर से बाजार तक लोगों ने इसे जम कर सेलिब्रेट किया. दिन में कई बार शहर में टुकड़ों में अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश हुई. हालत यह थी कि अघोरिया बाजार में बारिश हो रही थी, तो धर्मशाला चौक पर सूखा पड़ा था.

काफी हद तक नीचे गिरा पारा 

किसान के साथ आम लोग तेज बारिश का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे. लेकिन वैसी बारिश नहीं हुई. मौसम विभाग के अनुसार मॉनसून के कमजोर होने से हल्की बारिश हुई. मौसम का मिजाज बदलने से लोगों को गर्मी से राहत मिली. पारा भी काफी हद तक नीचे गिरा हुआ. पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गयी है. अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री दर्ज किया गया. मौसम जरूर सुहाना हो गया है, लेकिन विभागीय पूर्वानुमान के अनुसार दो जुलाई तक अच्छी बारिश की नहीं होने की संभावना जतायी गयी है.

Also Read: अधिक वजन वाले बच्चे हो रहे प्री डायबिटीज के शिकार, नियंत्रण के लिए शिशु रोग विशेषज्ञों की ये है सलाह…
बाजार और चौराहों की बढ़ी रौनक

बारिश का इंतजार लोग लंबे समय से कर रहे थे. ऐसे में दिन-भर काली घटा छाये रहने से बाजार से लेकर चौक-चौराहों की रौनक बढ़ गयी. लोग पहली बारिश को सेलिब्रेट कर रहे थे. सड़कों पर वैसे लोगों की संख्या कम थी, जो बारिश की वजह से छुपने की कोशिश कर रहे थे. अधिकांश लोग पहली बारिश का आनंद ले रहे थे. घर की छतों पर जा कर बच्चों ने भी बारिश के दौरान खूब मस्ती की. बारिश के बावजूद बाजार में खूब भीड़ रही.

किसानों के बिचड़ा को मिला ऑक्सीजन

बुधवार को हुई बारिश से सबसे अधिक किसानों राहत मिली है. यह पानी पहले से सूख रहे धान के बिचड़ा के लिए ऑक्सीजन का काम करेगा. जिले के अधिकांश प्रखंडों में धान का बिचड़ा झुलस गया था. किसानों के अनुसार मॉनसून की यही स्थिति बनी रही, तो देर से ही सही, धान की फसल के लिए किसान हिम्मत जुटा पायेंगे. फिलहाल जिले में वैसे किसानों की संख्या अधिक है, जिनके पास सिंचाई के अपने साधन नहीं हैं. उनकी मुसीबत धीरे-धीरे बढ़ती जा रही थी.

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन