Sarayu Canal National Project: दर्द सहते हुए भी हम ना अपनी गति रोकते हैं और ना अपनी प्रगति- पीएम मोदी

शनिवार की दोपहर करीब एक बजे पीएम नरेंद्र मोदी बलरामपुर पहुंचे. इस बीच उन्हें सुनने और देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. कार्यक्रम में सबसे पहले एक मॉडल के जरिए पीएम नरेंद्र मोदी ने लाभकारी नीति को समझा.
PM Narendra Modi In Balrampur: पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पूर्वांचल के 9 जिलों को सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना की सौगात दी. इस योजना के उद्घाटन करने के लिए पीएम मोदी बलरामपुर पहुंचे. उनके साथ सीएम योगी आदित्यनाथ समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे. पीएम मोदी ने योजना के उद्घाटन से पहले उसके बारे में जाना. इसके साथ ही किसानों के बारे में बातें की. पीएम मोदी ने रिमोट कंट्रोल से परियोजना का शुभारंभ किया और नहर में पानी छोड़ने की शुरुआत हुई. परियोजना के उद्घाटन के बाद पीएम मोदी ने एक डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई.
पीएम मोदी ने जिक्र किया कि क्रांतिकारियों की इस धरती ने देश की स्वतंत्रता में अपना असीम योगदान दिया. अयोध्या में बन रहे प्रभु श्रीराम के मंदिर की जब-जब बात होगी, बलरामपुर रियासत के महाराजा पाटेश्ववरी प्रसाद सिंह का उल्लेख जरूर होगा. पीएम मोदी ने कहा कि जब सोच ईमानदार होती है तब काम भी दमदार होता है. सालों से लोग परियोजना के पूरे होने का इंतजार कर रहे थे. आज हमारी सरकार में समृद्धि का नया दौर शुरू होने वाला है. पीएम मोदी ने बलरामपुर, बहराईच, गोंडा, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, बस्ती, गोरखपुर, महाराजगंज और कुशीनगर के सभी साथियों और लाखों किसानों को भी मंच से धन्यवाद दिया.
भारत दुख में है. लेकिन, दर्द सहते हुए भी हम ना अपनी गति रोकते हैं ना अपनी प्रगति. भारत रुकेगा नहीं, भारत थमेगा नहीं. हम भारतीय मिलकर और मेहनत करेंगे. देश के भीतर और बाहर बैठी हर चुनौती का मुकाबला करेंगे.
बलरामपुर में पीएम नरेंद्र मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि इतिहास गवाह है कि अगर किसी प्यासे को प्याला भर पानी पिला दें तो वो इंसान जीवन भर उस इंसान को नहीं भूलता है. आज किसानों के प्यासे खेत जब पानी प्राप्त करेंगे तो हमें भरोसा है कि जीवन भर आपका आशीर्वाद हमें काम करने की प्रेरणा देगा. एक समय गन्ना किसानों को भुगतान के लिए दर-दर ठोकर खानी पड़ती थी. आज हमारी सरकार में किसानों को बकाया भुगतान के लिए भटकना नहीं पड़ता है. पीएम मोदी ने 16 दिसंबर को प्राकृतिक खेती को लेकर आयोजित कार्यक्रम में देशभर के किसानों को आने का निमंत्रण दिया.
विपक्षियों पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा- मुझे सबसे ज्यादा पीड़ा तब होती थी जब देश के संसाधन और धन का दुरुपयोग हो रहा था. ये सोच देश के विकास के लिए सबसे बड़ी रुकावट बनी थी. आज से करीब 50 साल पहले इस नहर परियोजना पर काम शुरू हुआ था. आप सोचिए आज ये परियोजना पूरी हो सकी है. 100 करोड़ की योजना की लागत 10,000 करोड़ तक पहुंच गई. यह पूर्व की सरकारों की नीयत के कारण हुआ है. उन्होंने कहा कि जब सरकार जनता का दुख-दर्द सुनती है तब फर्क आने से कोई नहीं रोक सकता.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना से पूर्वांचल समेत यूपी के देश बदलेंगे. उन्होंने कहा बलरामपुर की धरती पर आकर खुशी मिली है. आप लोगों से खूब आशीर्वाद मिला है. पीएम मोदी ने सीडीएस जनरल बिपिन रावत समेत तमाम शहीदों को याद किया. उन्होंने कहा कि उन सभी का जाना हर राष्ट्रभक्त के लिए बहुत बड़ी क्षति है. जनरल बिपिन रावत ने सेना के आधुनिकीकरण के लिए काफी काम किया था. वो जहां भी होंगे, वहां से भारत को आगे बढ़ते हुए देखेंगे. देश की सीमाओं की सुरक्षा को आगे बढ़ाने और देश की सेनाओं को आत्मनिर्भर बनाने का अभियान तेजी से आगे बढ़ता रहेगा.
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश आजादी के बाद से लगातार उपेक्षित था. इसलिए यहां गरीबी और पिछड़ापन था. लेकिन, यहां के अभिशाप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने लोगों को आजादी दिलाई है. जिन क्षेत्रों ने कभी सपना भी नहीं देखा था कि उन्हें सिंचाई के लिए पानी मिलेगा. ऐसे क्षेत्रों में आज सरयू नहर परियोजना के माध्यम से किसानों को एक ऐतिहासिक सौगात मिली है. लाखों किसानों के सपने सच हुए हैं.
शनिवार की दोपहर करीब एक बजे पीएम नरेंद्र मोदी बलरामपुर पहुंचे. इस बीच उन्हें सुनने और देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. प्रदेश की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर सभी काफी सजग रहे हैं. कार्यक्रम में सबसे पहले एक मॉडल के जरिए पीएम नरेंद्र मोदी ने लाभकारी नीति को समझा.
पीएम नरेंद्र मोदी के दिशा-निर्देशों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चार दशक पुरानी इस परियोजना को चार वर्ष में पूरा कराया है. इसका लाभ 14 लाख 50 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल की भूमि को मिलेगा. 9802 करोड़ रुपए की इस परियोजना का लाभ नौ जिलों के 30 लाख किसानों को मिलेगा. इसकी मुख्य नहर 350 किमी लंबी है. सहायक नहरों की लंबाई 6600 किमी है. यह परियोजना के तहत पांच नदियों घाघरा, सरयू, राप्ती, बाणगंगा व रोहिणी नदियों को जोड़ा गया है.
शनिवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर बताया, ‘पांच नदियों ‘घाघरा, सरयू, राप्ती, बाणगंगा व रोहिणी’ को जोड़ने वाली ‘सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना’ जल संसाधनों के समुचित उपयोग को सुनिश्चित करती ‘प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना’ की सबसे बड़ी परियोजना है. इस युगांतकारी सौगात हेतु प्रधानमंत्री का हार्दिक आभार!’
कुछ दिन पहले को सीएम योगी आदित्यनाथ ने परियोजना का बलरामपुर में पहुंचकर निरीक्षण किया था. सीएम योगी ने बताया था कि तकरीबन 10,000 करोड़ रुपए की लागत वाली सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना से 6,227 गांवों की लगभग 15 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई हो सकेगी. कृषि एवं कृषक उत्थान को समर्पित ‘सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना’ विकास के नए मानक स्थापित करेगी.
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By Prabhat Khabar News Desk
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