अब 25 दिन में नहीं मिलेगा एलपीजी सिलेंडर, डबल गैस बुकिंग के लिए 35 दिनों तक करना होगा इंतजार

Updated at : 25 Mar 2026 10:21 AM (IST)
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LPG Cylinder Booking Rule

एलपीजी सिलेंडरों की बुकिंग के नियमों में बदलाव.

LPG Cylinder Booking Rule: एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के नियम बदल गए हैं. अब डबल सिलेंडर उपभोक्ताओं को 35 दिनों तक इंतजार करना होगा. खाड़ी देशों में युद्ध के कारण गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है. डिलिवरी के समय डीएसी और ई-केवाईसी अनिवार्य किया गया है, जिससे उपभोक्ताओं को नई व्यवस्था अपनानी होगी. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

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रांची से राजेश कुमार की रिपोर्ट

LPG Cylinder Booking Rule: देश में एलपीजी को लेकर धीरे-धीरे हालात बदल रहे हैं. खाड़ी देशों में युद्ध का असर गैस आपूर्ति पर साफ दिखने लगा है. इसी कारण सरकार और तेल कंपनियों ने फिर गैस बुकिंग के नियमों में बदलाव कर दिया है. अब शहरी गैस उपभोक्ता दूसरे सिलेंडर के लिए बुकिंग 25 दिनों की जगह 35 दिनों के बाद कर पाएंगे. इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है. नया नियम डबल सिलेंडर वाले उपभोक्ताओं के लिए है.

35 दिनों में होगी डिलीवरी

शहरी क्षेत्रों के उपभोक्ता पहले 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ता 45 दिनों के बाद बुकिंग कर पाते थे. वहीं इसके पूर्व बुकिंग की अवधि 21 दिन तय की गयी थी. जब आपको गैस रिफिल की डिलिवरी होगी, उस दिन से 35 दिनों के अंतराल की गिनती होगी. वहीं पांच किलो सिलेंडर वाले शहरी घरेलू उपभोक्ता 12 दिनों के बाद और 10 किलो कंपोजिट सिलेंडर के उपभोक्ता 25 दिन के बाद बुकिंग कर सकेंगे. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा गैस आयात से पूरा करता है. खाड़ी देशों से अधिकांश हिस्सा आता है. युद्ध के कारण आपूर्ति प्रभावित हो गयी है.

डिलिवरी के समय डीएसी जरूरी

वास्तविक ग्राहकों तक गैस की डिलिवरी हो सके, इसके लिए गैस कंपनियों ने अपनी-अपनी एजेंसियों को निर्देश दिया है कि डिलिवरी के समय डिलिवरी अथॉन्टिकेशन कोड (डीएसी) जरूर लें. साथ ही गैस उपभोक्ताओं से कहा गया है कि उपभोक्ता इ-केवाइसी जरूर करा लें.

कितने दिनों में होगी सिंगल सिलेंडर की बुकिंग

  • 14.2 किलो: 25 दिन
  • 05 किलो: 09 दिन
  • 10 किलो: 18 दिन

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डबल सिलेंडर की बुकिंग

  • 14.2 किलो: 35 दिन
  • 05 किलो: 12 दिन
  • 10 किलो: 25 दिन

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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