रांची के महावीर चौक पर नारी सेना का दिखा कौशल, तीसरी मंगलवारी पर अखाड़ों का सम्मान

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रांची के महावीर चौक पर नारी शक्ति को सम्मानित करते महावीर मंडल के पदाधिकारी. फोटो: प्रभात खबर

Ranchi News: रांची के महावीर चौक स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में तीसरी मंगलवारी पर भव्य आयोजन हुआ. महावीर मंडल ने 15 अखाड़ों का पारंपरिक स्वागत किया. नारी सेना ने अस्त्र-शस्त्र प्रदर्शन से सबका मन मोहा. कार्यक्रम उत्साह, अनुशासन और सांस्कृतिक परंपरा के शानदार संगम के साथ संपन्न हुआ. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

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रांची से अभिषेक आनंद की रिपोर्ट

Ranchi News: झारखंड की राजधानी रांची के महावीर चौक पर तीसरी और अंतिम मंगलवारी के अवसर पर प्राचीन हनुमान मंदिर भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला. इस अवसर पर महावीर मंडल की ओर से विभिन्न अखाड़ों का भव्य स्वागत किया गया. मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा वातावरण धार्मिक आस्था से सराबोर नजर आया. इस कार्यक्रम में नारी सेना का कौशल और साहस देखने को मिला.

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अखाड़ों का पारंपरिक अंदाज में स्वागत

कार्यक्रम के दौरान महावीर मंडल द्वारा प्रत्येक अखाड़े का 5-5 तलवारों, ध्वज और चुनरी उढ़ाकर पारंपरिक तरीके से सम्मान किया गया. कुल 15 अखाड़ों ने इस आयोजन में भाग लिया, जिनकी प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया. अनुशासन और परंपरा का सुंदर तालमेल इस कार्यक्रम की खास पहचान रहा.

नारी सेना का अद्भुत प्रदर्शन

इस आयोजन की विशेष आकर्षण नारी सेना के अखाड़े रहे. कुल 3 अखाड़े नारी सेना के थे, जिनकी प्रतिभागियों ने अस्त्र-शस्त्र प्रदर्शन के माध्यम से नारी शक्ति का अद्भुत परिचय दिया. उनके प्रदर्शन ने यह साबित किया कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और आत्मरक्षा के साथ परंपरा को भी आगे बढ़ा रही हैं.

अनुशासन और उत्साह के साथ संपन्न हुआ आयोजन

पूरे कार्यक्रम का संचालन बेहद व्यवस्थित और अनुशासित तरीके से किया गया. महावीर मंडल के अध्यक्ष सागर वर्मा, उपाध्यक्ष राजा सेन गुप्ता, मंत्री निलेश यादव, प्रचार मंत्री ऋषिकेश वर्मा और अंकेक्षक ब्रजेश कुमार सहित कई पदाधिकारी कार्यक्रम में उपस्थित रहे और आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

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परंपरा और संस्कृति का जीवंत उदाहरण

यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को भी मजबूत करने वाला साबित हुआ. अखाड़ों की प्रस्तुतियों और नारी शक्ति के प्रदर्शन ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया, जिससे उपस्थित लोग लंबे समय तक प्रभावित रहे.

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