मुंगेर नगर निगम के टारगेट पर निजी नर्सिंग होम संचालन, बिना नक्शा व्यवसायिक भवन निर्माण पर भेज रही नोटिस

Updated at : 19 Feb 2025 7:06 PM (IST)
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मुंगेर नगर निगम के टारगेट पर निजी नर्सिंग होम संचालन, बिना नक्शा व्यवसायिक भवन निर्माण पर भेज रही नोटिस

<P>- नर्सिंग होम संचालकों ने कहा नक्शा देने में निगम प्रशासन करती करती है मनमानी</P>- नर्सिंग होम संचालकों से वर्षों से निगम प्रशासन वसूल रहा कॉमर्शियल टैक्स, अब खोज रही

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– नर्सिंग होम संचालकों ने कहा नक्शा देने में निगम प्रशासन करती करती है मनमानी

– नर्सिंग होम संचालकों से वर्षों से निगम प्रशासन वसूल रहा कॉमर्शियल टैक्स, अब खोज रही नक्शा

मुंगेर

मुंगेर नगर निगम के टारगेट पर इन दिनों शहर के बड़े-बड़े निजी नर्सिंग होम है. जिससे वर्षों से निगम प्रशासन कॉमर्शियल टैक्स वसूल कर रही है. अब इन नर्सिंग होम संचालकों से वर्षों पहले बने भवन का नक्शा खोजा जा रहा है. निगम का मानना है कि बिना नक्शा स्वीकृत कराये अवैध रूप से भवन निर्माण कराकर उक्त भवन में निजी नर्सिंग होम खोल कर उसका व्यवसायिक उपयोग की जा रही है. जिसे लेकर निगम प्रशासन इन निजी नर्सिंग होम संचालकों को दो-दो नोटिस भेज कर जहां भवन से व्यवसायिक बोर्ड व पोस्टर हटा कर उसका व्यवसयिक उपयोग बंद करने का आदेश दिया है.

20 निजी नर्सिंग होम संचालकों को निगम भेज चुका है नोटिस

मुंगेर निगम प्रशासन ने प्रथम चरण शहर में बिना नक्शा स्वीकृत कराये ही भवन निर्माण कर उसमें निजी नर्सिंग होम खोल कर भवन का व्यवसायिक उपयाेग करने वाले संचालकों को टारगेट किया है. जिसके तहत शहर के 20 बड़े-बड़े नर्सिंग होम को चिह्नित कर नोटिस भेजा गया है. उन नगर आयुक्त कृष्ण भूषण के हस्ताक्षर से निगम कार्यालय से नोटिस निर्गत किया गया है. यह नोटिस जी प्लस वन से लेकर जी प्लस फोर तक के भवन में संचालित निजी नर्सिंग होम को शामिल किया गया है. पहले नोटिस का जबाव नहीं देने पर नर्सिंग होम संचालकों को दूसरा नोटिस निर्गत किया गया है. जिसमें कहा गया है कि बिना नक्शा स्वीकृत कराये अवैध रूप से व्यवसायिक भवन निर्माण के लिए नोटिस पूर्व में प्राप्त कराया जा चुका है. परंतु आपके द्वारा कोई जबाव इस कार्यालय को प्राप्त नहीं हुआ, जो कि बिहार नगर पालिका अधिनियम-2007 के प्रावधानों का उल्लंघन है. आपको पुन: आदेश दिया जाता है कि पत्र प्राप्त के एक सप्ताह के अंदर अपने भवन से व्यवायिक बोर्ड, पोस्टर हटा लें एवं व्यवसायिक संबंधित पक्ष स्पष्ट प्रतिवेदन के साथ समर्पित करें. अन्यथा यह समझा जायेगा कि आपको इस संबंध में कुछ नहीं कहना है तथा बिहार भवन उपविधि -2014 के सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई प्रारंभ कर दी जायेगी.

दूसरे नोटिस के बाद मचा हड़कंप, पहुंचने लगे जबाव

दूसरे नोटिस मिलने के बाद निजी नर्सिंग होम संचालकों में हड़कंप मच गया है. जिसके बाद एक के बाद एक नर्सिंग होम संचालक निगम के नोटिस का जबाव देना शुरू कर दिया. निगम की ओर से 20 नर्सिंग होम संचालकों को नोटिस भेजा गया. जिसमें से 10 से अधिक नर्सिंग होम संचालकों को अपने प्रतिष्ठान से संबंधित कागजात लगा कर जबाव तक दे दिया है. हालांकि जबाव देने वालों में अधिकांश नर्सिंग होम संचालक के पास निगम से पारित नक्शा नहीं है, क्योंकि अधिकांश ने निजी इंजीनियर से तैयार नक्शा लगा रखा है. जबाव देने वालों में कुछ ऐसे निजी संचालक है जिन्होंने नक्शा लगाते हुए नक्शा स्वीकृत करने का अनुरोध किया है. साथ ही कहा है कि जो शुल्क होगा वह उनके द्वारा भुगतान किया जायेगा.

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वर्षों से दे रहे कॉमर्शियल टैक्स, अब खोजा जा रहा नक्शा

मुंगेर : कुछ निजी नर्सिंग होम संचालकों ने कहा कि शहर में 20 से अधिक नर्सिंग होम व क्लीनिक संचालित हो रहा है. जहां पर प्रशिक्षित नर्सिंग स्टॉफ तक नहीं है. लेकिन टारगेट हमलोगों को किया गया है. निगम की मंशा क्या है यह तो हमलोग नहीं जानते है. लेकिन जब से हमलोगों ने नर्सिंग होम खोला है तब से उसका कॉमर्शियल टैक्स का भुगतान करते आ रहे है. कुछ चिकित्सक ने खास महाल की जमीन पर नर्सिंग होम खोला है. जिसका नक्शा ही निगम द्वारा पास नहीं किया जाता है. जबकि कुछ लोगों ने पूर्व में बने मकान को खरीद कर या भाड़े पर लेकर नर्सिंग होम खोला है. जिसके कारण यह पता नहीं था कि उसका नक्शा बना या नहीं. लेकिन निगम की और से कॉमर्शियल टैक्स जो निर्धारित किया गया है उसका भुगतान करते आ रहे है. इतना ही नहीं नक्शा के लिए आवेदन करते है तो निगम कर्मी की मनमानी शुरू हो जाती है. हमलोगों को वसूली करने की मंशा बना बैठते है. एक नर्सिंग होम संचालक से नक्शा और अंडर ग्राउंड के नाम पर लाखों की वसूली किया जा चुका है. अगर नियमानुसार नक्शा स्वीकृति प्रदान किया जाय तो हमलोग सरकार द्वारा निर्धारित दर का भुगतान करने को तैयार है.

कहते है उप नगर आयुक्त

उप नगर आयुक्त कृष्ण भूषण ने बताया कि बिना नक्शा स्वीकृत कराये अवैध रूप से व्यवसायिक भवन निर्माण को लेकर दो-दो नोटिस निजी नर्सिंग होम संचालकों को भेजा जा चुका है. दूसरे नोटिस की अवधी समाप्त हो चुकी है. कुछ नर्सिंग होम संचालकों ने नोटिस का जबाव भी दिया है. आगे की कार्रवाई शीध्र प्रारंभ की जायेगी.

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