इंसानियत की मिसाल बना चक्रधरपुर, समय से पहले जन्मी बच्ची “अबीरा शेख” को मिला नया जीवन
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 26 May 2026 2:45 PM
तस्वीर है प्रतिनिधि, चक्रधरपुर मानवता और सामाजिक एकजुटता की मिसाल पेश करते हुए टीम बैरम खान ने एक गंभीर हालत में गर्भवती महिला और उसकी नवजात बच्ची
तस्वीर है प्रतिनिधि, चक्रधरपुर मानवता और सामाजिक एकजुटता की मिसाल पेश करते हुए टीम बैरम खान ने एक गंभीर हालत में गर्भवती महिला और उसकी नवजात बच्ची की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई. जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह चक्रधरपुर रेलवे अस्पताल से डॉ. सामड ने सामाजिक कार्यकर्ता बैरम खान को सूचना दी कि कुर्ला-संतरागाछी ट्रेन से उतारी गई गर्भवती महिला की हालत बेहद गंभीर है. रेलवे अस्पताल में एनेस्थीसिया डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने के कारण तत्काल उसे एंबुलेंस से सदर अस्पताल चाईबासा भेजा गया. रविवार होने के कारण वहां भी विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे. स्थिति बिगड़ने पर टीम बैरम खान के सहयोग से महिला को निजी मुंद्रा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सफल ऑपरेशन के बाद बच्ची ने जन्म लिया. कुछ देर तक बच्ची के नहीं रोने से अस्पताल में चिंता का माहौल रहा, लेकिन डॉक्टरों के प्रयास से नवजात की किलकारी गूंजते ही सभी ने राहत की सांस ली. बच्ची का नाम “अबीरा शेख” रखा गया. परिवार महाराष्ट्र से पश्चिम बंगाल के हुगली जा रहा था. डॉक्टरों ने लंबी यात्रा से मना किया तो टीम बैरम खान ने ₹13 हजार खर्च कर एसी एंबुलेंस की व्यवस्था कराई और ₹5 हजार की आर्थिक सहायता भी दी. साथ ही बच्ची के लिए कपड़े, खिलौने और जरूरी सामान भेंट किए गए. बच्ची के पिता शेख मोहम्मद अरमान अली ने भावुक होकर कहा कि चक्रधरपुर और चाईबासा के लोगों की इंसानियत को वह जिंदगी भर नहीं भूलेंगे.
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