भगवानपुर. डॉ सीवी रमन विश्वविद्यालय परिसर में शनिवार को विश्व हिंदी दिवस का भव्य आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक एवं साहित्यिक पहल के तहत वनमाली सृजनपीठ द्वारा किया गया. यह समारोह हिंदी भाषा की गरिमा, समृद्ध परंपरा और वैश्विक महत्व को रेखांकित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ समित तिवारी, प्रतिकुलपति डॉ बसंत कुमार सिंह, कुलसचिव डॉ ब्रिजेश सिंह, कवि और साहित्यकार अखौरी चंद्रशेखर, डॉ. सुनीता गुप्ता, डॉ छोटेलाल गुप्ता और मीडिया विशेषज्ञ अर्पिता स्नेह थे. कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति डॉ समित तिवारी ने की. इस अवसर पर विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक कविता पाठ और काव्य प्रस्तुतियों में भाग लिया. कुलसचिव डॉ ब्रिजेश सिंह ने हिंदी भाषा के विकास, वर्तमान स्थिति और इसके संवैधानिक पक्ष पर महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत किये. डॉ समित तिवारी ने हिंदी की समकालीन प्रासंगिकता पर चर्चा करते हुए कविता पाठ के माध्यम से अपने विचार व्यक्त किये. डॉ सुनीता गुप्ता ने हिंदी भाषा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के समन्वय पर प्रकाश डाला, जबकि अर्पिता स्नेह ने मीडिया में हिंदी की भूमिका पर अपने विचार रखते हुए अपनी स्वरचित कविता प्रस्तुत की. डॉ छोटेलाल गुप्ता ने ”मेरी कलम” शीर्षक कविता का पाठ किया और अखौरी चंद्रशेखर ने हिंदी भाषा की विशिष्टताओं पर प्रभावशाली वक्तव्य दिया.
कविता संग्रह ”सपनों का गणित” का लोकार्पण
कार्यक्रम के दौरान डॉ सुशील जमरियार द्वारा रचित कविता संग्रह ”सपनों का गणित” का लोकार्पण किया गया. साथ ही विश्वविद्यालय के आधिकारिक न्यूजलेटर का विमोचन भी हुआ. मंच संचालन शुभांगी शिखा और राणा आशुतोष ने किया. अंत में डॉ विनोद कुमार शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन किया. विश्व हिंदी दिवस के इस आयोजन ने हिंदी भाषा की महत्ता को पुनः उजागर किया और इसके विकास एवं संवर्धन पर विचार विमर्श का महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया. विश्वविद्यालय के छात्रों और शिक्षकों ने हिंदी की समृद्ध परंपरा और वैश्विक महत्व को मनाया.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

