बीएनएमयू के दोनों पीएचडी शोधार्थी को मिला न्याय, आत्मदाह का निर्णय वापस

प्रतिनिधि, मधेपुरा. भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय में शोधार्थी छात्र अरमान अली व छात्रा मौसम कुमारी के आत्मदाह की स्वीकृति को लेकर राष्ट्रपति को आवेदन देने के बाद दोनों पीड़ित छात्रों
प्रतिनिधि, मधेपुरा. भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय में शोधार्थी छात्र अरमान अली व छात्रा मौसम कुमारी के आत्मदाह की स्वीकृति को लेकर राष्ट्रपति को आवेदन देने के बाद दोनों पीड़ित छात्रों के न्याय के लिए संयुक्त छात्र संगठन एनएसयूआइ, छात्र राजद, छात्र जदयू, युवा शक्ति, एआईएफएफ, आइसा, भीम आर्मी, छात्र लोजपा का छात्र न्याय सत्याग्रह धरना दूसरे दिन यानी रविवार को समाप्त हो गया. छात्र न्याय सत्याग्रह धरना में संयुक्त छात्र संगठन को न्याय मिल गया यानी दोनों शोधार्थी को न्याय मिल गया. सभी मांगों को विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा मान लिया गया. कुलपति के चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने की छात्र नेताओं से वार्ता इधर, सत्याग्रह के दूसरे दिन संयुक्त छात्र संगठन विश्वविद्यालय प्रशासन के सद्बुद्धि के लिए यज्ञ करने की तैयारी कर रही थी. वहीं बीएनएमयू कुलपति प्रो डा विमलेंदु शेखर झा ने अपने प्रतिनिधि के तौर पर चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मानविकी संकाय के संकायाध्यक्ष डा राजीव कुमार मलिक, पार्वती विज्ञान महाविद्यालय मधेपुरा के प्राचार्य डा अशोक कुमार, अध्यक्ष छात्र कल्याण डा अशोक कुमार सिंह व कुलानुशासक डा विमल सागर को बीएनएमयू परिसर स्थित गांधी प्रतिमा के समक्ष छात्र न्याय सत्याग्रह धरना स्थल पर भेज कर सत्याग्रह कर रहे छात्र नेताओं के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता किया. दीक्षांत समारोह के बाद बीएनएमयू वापस करेगा निलंबन उधर, जिला प्रशासन ने भी छात्र नेताओं से बातचीत कर समाधान की ओर सकारात्मक पहल किया. इसके बाद छात्र नेताओं ने एक स्वर में कहा कि बगैर किसी शर्त के निलंबन वापस हो, जिस पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपनी सहमति देते हुए दीक्षांत समारोह के बाद निलंबन वापस करने की बात कही. साथ ही अन्य मांगों को भी विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा मान लिया गया है और दोनों छात्रों का पीएचडी पंजीयन पत्र सोमवार को निर्गत करने की बात कही. इसके बाद दोनों शोधार्थी सह छात्र नेताओं को बुलाकर वार्ता किया. जिसपर जिस पर दोनों छात्र नेता अरमान अली व मौसम प्रिया ने सहमति जताते हुए आत्मदाह का फैसला वापस लिया. विश्वविद्यालय व महाविद्यालय की आंख और कान होती है छात्र संगठन छात्र संगठनों से वार्ता के लिए पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि छात्र संगठन विश्वविद्यालय व महाविद्यालय की आंख और कान होती है, जो हमेशा विश्वविद्यालय प्रशासन को सभी वस्तु स्थिति से अवगत कराती है. संयुक्त छात्र संगठन के छात्र नेता ने कहा कि यह आंदोलन छात्रों की न्याय दिलाने की लड़ाई थी. हम सभी छात्र संगठन नहीं चाह रहे थे कि देश में कोई दूसरा रोहित बेमूला जैसी घटना हो, इसलिए सभी छात्र संगठन आर-पार के मुड में थे और आंदोलन करने का निर्णय लिये थे. मौके पर एनएसयूआइ के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक मनीष कुमार, छात्र राजद के विश्वविद्यालय अध्यक्ष सोनु यादव, छात्र जदयू के विश्वविद्यालय अध्यक्ष निखिल सिंह यादव, युवा शक्ति नेता सौरभ यादव, आइसा के जिला संयोजक पावेल कुमार, एआइएसएफ छात्र नेता प्रभात रंजन, भीम आर्मी के बिट्टू रावण, छात्र लोजपा के जसवीर पासवान, एनएसयूआई के अंकित झा, छात्र राजद प्रदेश उपाध्यक्ष अमृत अमरकांत, नीतीश कुमार, संजीव कुमार, महाकाल यादव, राजा कुमार, शैलेंद्र कुमार, छात्र जदयू के सनोज यादव, युवा शक्ति के निरंजन कुमार, सुमित कुमार समेत अन्य उपस्थित थे.
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