झरिया के चौथाई कुलहि में जमीन धंसने से घरों आईं दरारें, इलाके में मचा हड़कंप

Updated at : 08 Apr 2026 5:55 PM (IST)
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Jharia Land Subsidence

झरिया में जमीन धंसने के बाद घरों में आईं दरारों को दिखाते स्थानीय निवासी. फोटो: प्रभात खबर

Jharia Land Subsidence: झरिया के चौथाई कुलहि में जमीन धंसने से एक दर्जन से अधिक घरों में दरारें आ गई हैं. लोग डर के कारण घर छोड़ने लगे हैं. बंद पड़ी कोयला खदान को वजह माना जा रहा है. प्रशासन और बीसीसीएल की लापरवाही पर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

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Jharia Land Subsidence: झारखंड की कोयलानगरी झरिया में एक बार फिर जमीन धंसने की घटना ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. चौथाई कुलहि इलाके में धनबाद–सिंदरी मुख्य मार्ग के पास स्थित धर्मनगर और आसपास के क्षेत्रों में अचानक कई घरों में दरारें पड़ गई हैं. जमीन फटने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है.

एक दर्जन से अधिक घरों पर संकट

स्थानीय लोगों के मुताबिक, एक दर्जन से ज्यादा घरों में गंभीर दरारें देखी गई हैं. कई मकानों की दीवारें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जबकि कुछ घरों के पूरी तरह गिरने का खतरा मंडरा रहा है. दरारों का दायरा धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है, जिससे लोगों की नींद उड़ गई है. स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि लोग अपने घरों में रहने से डर रहे हैं. कई परिवारों ने एहतियात के तौर पर अपने घर खाली कर दिए हैं और सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन शुरू कर दिया है.

जमीन फटने से बढ़ी दहशत

इलाके में जगह-जगह जमीन फटने की घटनाएं सामने आ रही हैं. लोगों का कहना है कि पहले छोटी दरारें दिखीं, लेकिन अब वे तेजी से चौड़ी होती जा रही हैं. इससे यह आशंका जताई जा रही है कि किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है. स्थानीय निवासी बेहद डरे हुए हैं और प्रशासन से तत्काल राहत और सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो कई परिवार बेघर हो सकते हैं.

पुरानी खदान बना खतरे की वजह

स्थानीय लोगों ने बताया कि इस क्षेत्र में पहले कोयला खदान संचालित होती थी. करीब 50 वर्षों से लोग यहां रह रहे हैं, लेकिन अब जमीन धंसने की घटनाएं तेज हो गई हैं. माना जा रहा है कि बंद पड़ी खदानों के नीचे खाली स्थान और कमजोर जमीन इसकी मुख्य वजह हो सकती है. झरिया क्षेत्र पहले भी इस तरह की घटनाओं के लिए जाना जाता रहा है, जहां भूमिगत आग और खदानों के कारण जमीन धंसने की समस्या लगातार बनी रहती है.

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प्रशासन और बीसीसीएल पर लापरवाही का आरोप

घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश भी देखने को मिल रहा है. लोगों का आरोप है कि अब तक जिला प्रशासन और बीसीसीएल के कोई भी अधिकारी मौके पर हालात का जायजा लेने नहीं पहुंचे हैं. निवासियों का कहना है कि इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद प्रशासन की उदासीनता समझ से परे है. लोगों ने जल्द से जल्द राहत कार्य शुरू करने, प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और इलाके की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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