वोटर लिस्ट से नाम हटाये जाने के खिलाफ फिर कोर्ट जायेंगी ममता बनर्जी, BJP पर लगाये गंभीर आरोप

Updated at : 08 Apr 2026 5:11 PM (IST)
विज्ञापन
Mamata Banerjee News Today SIR Voter List Court West bengal election 2026

Mamata Banerjee News Today: ममता बनर्जी ने SIR प्रक्रिया के दौरान वोटर लिस्ट से 91 लाख मतदाताओं के नाम हटाये जाने पर दोबारा कोर्ट जाने की घोषणा की है. हुगली की रैली में उन्होंने भाजपा पर बंगाल विभाजन और खान-पान पर पाबंदी लगाने का आरोप लगाया.

विज्ञापन

Mamata Banerjee News Today: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के रण में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने निर्वाचन आयोग और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. बुधवार को हुगली जिले के आरामबाग, बालागढ़ और श्रीरामपुर में ताबड़तोड़ रैलियां करते हुए ममता बनर्जी ने घोषणा की कि वोटर लिस्ट से करीब 91 लाख लोगों के नाम हटाये जाने के खिलाफ उनकी पार्टी एक बार फिर कोर्ट जायेगी. उन्होंने साफ कहा कि केवल नाम काटकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को भाजपा नहीं हरा पायेगी.

वोटर लिस्ट फ्रीज करना कैसा लोकतंत्र : ममता बनर्जी

आरामबाग की रैली में ममता बनर्जी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए निर्वाचन आयोग (ECI) को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा- अक्टूबर 2025 में 7.66 करोड़ मतदाता थे. इनमें से 90.83 लाख से ज्यादा नाम हटा दिये गये. हम संविधान के अनुसार नामों को वापस शामिल करवाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ेंगे. जब लोग वोट ही नहीं डाल पायेंगे, तो न्यायाधिकरण (Tribunal) बनाने का क्या फायदा? आप कहते हैं कि लिस्ट फ्रीज कर दी गयी है, हम इसे चुनौती देंगे.

आयोग पर लगाया फोन कर धमकाने का आरोप

ममता बनर्जी यहीं नहीं रुकीं. उन्होंने निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है. उन्होंने दावा किया कि आयोग लोगों को फोन करके धमका रहा है. उन्होंने कहा कि भाजपा मतदाताओं को लुभाने के लिए धन का प्रलोभन दे रही है और वोटर लिस्ट में हेरफेर करने की कोशिश कर रही है.

बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

भाजपा को वोट दिया तो छूट जायेगा मछली-भात : ममता

बालागढ़ की रैली में ममता बनर्जी ने एक नया ‘कल्चरल कार्ड’ खेलते हुए लोगों को चेतावनी दी. उन्होंने कहा- भाजपा को वोट देने का मतलब है अपनी भाषा और खान-पान का त्याग करना. उत्तर प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में लोगों को अंडे, मछली या मांस खाने की आजादी नहीं है. अगर बंगाल में भाजपा की सरकार आ गयी, तो यहां भी मछली, मांस खाना और बांग्ला भाषा बोलना मुश्किल हो जायेगा.

इसे भी पढ़ें : बंगाल में ममता का ‘चौका’ या भाजपा का ‘परिवर्तन’? 294 सीटों का पूरा गणित और 2 चरणों का चुनावी शेड्यूल, यहां जानें सब कुछ

बंगाल के विभाजन की साजिश का दावा

श्रीरामपुर की जनसभा में ममता बनर्जी ने परिसीमन (Delimitation) को लेकर भी भाजपा को घेरा. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा परिसीमन की आड़ में बंगाल को विभाजित करने की गहरी साजिश रच रही है. वे बंगाल को बांटकर एक और नया राज्य बनाना चाहते हैं, लेकिन हम बंगाल का बंटवारा किसी कीमत पर नहीं होने देंगे. बंगाल चुनाव के इस दूसरे चरण से पहले ममता बनर्जी के इन बयानों ने राज्य की राजनीति में ‘अस्मिता’ और ‘अधिकार’ की लड़ाई को और तेज कर दिया है.

इसे भी पढ़ें

बंगाल चुनाव से पहले दिल्ली में हाई वोल्टेज ड्रामा, CEC ने चले जाने को कहा या TMC नेता चिल्लाए?

नंदीग्राम का संग्राम : 21 लाख लेकर मैदान में उतरे शुभेंदु अधिकारी ने खर्च किये 23.62 लाख रुपए, ममता बनर्जी को हराया

बंगाल की सियासत में ‘आया राम, गया राम’, 2021 की जीत के बाद 10 विधायकों ने बदला पाला, BJP को सबसे बड़ा झटका

Exit Poll पर 9 से 29 अप्रैल तक बैन, दिखाने वाले 2 साल के लिए जायेंगे जेल

विज्ञापन
Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola