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कुर्मी समाज को एसटी में शामिल करना मूल आदिवासी समाज के अस्तित्व पर हमला

Updated at : 24 Sep 2025 8:21 PM (IST)
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कुर्मी समाज को एसटी में शामिल करना मूल आदिवासी समाज के अस्तित्व पर हमला

कुर्मी–कुड़मी समाज द्वारा अनुसूचित जनजाति (एसटी) की सूची में शामिल किये जाने की मांग का विरोध तेज हो गया है

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कुजू. कुर्मी–कुड़मी समाज द्वारा अनुसूचित जनजाति (एसटी) की सूची में शामिल किये जाने की मांग का विरोध तेज हो गया है. इसी मुद्दे को लेकर बुधवार को आदिवासी संगठनों की एक बैठक पैंकी स्थित भगवान बिरसा मुंडा चौक में हुई. . बैठक की अध्यक्षता युवा नेता रामचल मुंडा ने की, जबकि संचालन प्रकाश मुंडा ने किया. बैठक में वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि कुर्मी समाज को एसटी में शामिल करना मूल आदिवासी समाज के अधिकारों और अस्तित्व पर सीधा हमला है. उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की अलग पहचान, परंपरा और संस्कृति है, जिसे किसी भी परिस्थिति में कमजोर नहीं होने दिया जायेगा. बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि सरकार कुर्मी समाज को एसटी में शामिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाती है तो आदिवासी समाज व्यापक आंदोलन करेगा. बैठक में मिहिरचंद मुंडा, निर्मल करमाली, बरतू मुंडा, विनोद करमाली, फूलो मुंडा, पवन मुंडा, अमरदीप मुंडा, रोहित मुंडा, संदीप मुंडा, मनोज मुंडा, नागेश्वर मुंडा, बॉबी मुंडा, शंकर करमाली, बसंती देवी, फूलासो देवी, शुकरमणि देवी, रूपा देवी, सरिता देवी, सुनीता देवी समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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VIKASH NATH

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By VIKASH NATH

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