खतरनाक हो सकता है लंबे समय तक डिप्रेशन में रहना!

इस भाग-दौड़ भरी ज़िन्दगी में तनाव का होना एक आम समस्या है. व्यस्त जीवनशैली और बढ़ती जिम्मेदारियों के कारण हर दूसरा व्यक्ति तनाव को झेल रहा है. लेकिन क्या आप जानते हैं? लंबे समय तक रहने वाला यह तनाव आपकी याद्दाश्त को कमज़ोर बना रहा है! यह निष्कर्ष हालिया हुए एक शोध में सामने आया […]
इस भाग-दौड़ भरी ज़िन्दगी में तनाव का होना एक आम समस्या है. व्यस्त जीवनशैली और बढ़ती जिम्मेदारियों के कारण हर दूसरा व्यक्ति तनाव को झेल रहा है. लेकिन क्या आप जानते हैं? लंबे समय तक रहने वाला यह तनाव आपकी याद्दाश्त को कमज़ोर बना रहा है! यह निष्कर्ष हालिया हुए एक शोध में सामने आया है.
हालिया हुए इस नए शोध के अनुसार, जो व्यक्ति लगातार तनाव से झुझते रहते हैं उन्हें स्पेशियल (स्थानिक) स्मृति की परेशानी का सामना करना पड़ता है.
स्थानिक स्मृति मस्तिष्क का वह भाग है जहां विभिन्न जानकारी एकत्रित होती हैं. इसके साथ ही लंबे समय तक तनाव से व्यक्ति में सामाजिक परिहार की भावना विकसित होती है. ऐसे व्यक्ति मित्रों, परिवार और समाज से उन्मुख होने लगता है.
शोधकर्ताओं ने अध्ययन के दौरान दिमाग में औसत दर्जे का परिवर्तन पाया और इनमें सूजन का सबूत मिला. जो बाहरी तनाव की वजह से हुआ था.
यह शोध तनाव और मूड की समस्याओं के पीछे के रहस्यों को उजागर करने के लिए किया गया. इसके नतीजे उन लोगों के लिए मददगार हो सकते हैं जो तनाव, अवसाद, सदमा आदि समस्याओं से ग्रसित हैं.
यह शोध "न्यूरोसाइंस" में प्रकाशित हुआ है.
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