कब्ज से परेशान हैं 20% भारतीय. कहीं आप भी तो इनमें से नहीं!

Updated at : 12 Feb 2016 3:12 PM (IST)
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कब्ज से परेशान हैं 20% भारतीय. कहीं आप भी तो इनमें से नहीं!

देश के लगभग 20% लोग कब्ज से परेशान हैं. इनमें से 14% वे लोग हैं, जो शहरों में रहते हैं. यह रोग व्यक्ति को किसी भी उम्र में हो सकता है लेकिन महिलाओं और बुजुर्गों में कब्ज रोग की शिकायत अधिक होती है. यदि आपको लगातार तीन महीने से कब्ज है तो कई दूसरी बीमारियां […]

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देश के लगभग 20% लोग कब्ज से परेशान हैं. इनमें से 14% वे लोग हैं, जो शहरों में रहते हैं. यह रोग व्यक्ति को किसी भी उम्र में हो सकता है लेकिन महिलाओं और बुजुर्गों में कब्ज रोग की शिकायत अधिक होती है. यदि आपको लगातार तीन महीने से कब्ज है तो कई दूसरी बीमारियां भी हो सकती हैं.

शहर का रहन-सहन, कुछ भी खा लेने की आदत और मजबूरी, घटते शारीरिक श्रम आदि ने कब्ज को इनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बना दिया है. कब्ज का मूल कारण शरीर मे तरल की कमी होना है. फास्टफूड के दौर में लोग पानी की जगह कोल्डड्रिंक या कॉफ़ी लेना ज्यादा पसंद करते हैं.

आंकड़ों की माने तो…

कब्ज से देश का हर 10वां व्यक्ति परेशान है. खासकर शहरों में तो कब्ज की समस्या बेहद आम है. शहरों में रहने वाले 14% भारतीयों को रहती है कब्ज की शिकायत.

वैश्विक स्तर पर 10% लोग हमेशा कब्ज से परेशान रहते हैं. 45 से 65 साल की उम्र के 20% लोगों को होती है कब्ज की परेशानी.

इन शहरों में अधिक है कब्ज की समस्या

21% कोयंबतूर, 19%मुंबई, 13%दिल्ली, 13%कोलकाता

अनियमित लाइफस्टाइल भी इसका एक कारण है. ऐसे में आप कब्ज से बचने के लिए कीवी, शकरकंद, पॉपकॉर्न, पिस्ता, अखरोट, बादाम, मूंगफली, नाशपाती, स्ट्रॉबेरी, जामुन, अलसी के बीज, ब्रॉकली, दूध और दही अपने खाने में शामिल करें.

क्यों है कब्ज इसका पता लगायें…

कब्ज कई तरह का हो सकता है. जैसे कभी-कभार होने वाला कब्ज, क्रॉनिक कॉन्स्टिपेशन (कब्ज बहुत ज्यादा बढ़ जाने पर), यात्रा या उम्र से संबंधित कब्ज.

कुछ लोग बहुत कम पानी पीते हैं. ऐसे लोग मानते हैं कि दिन में दो गिलास पानी पी लें तो भी उनका काम चल जाएगा, लेकिन इससे हमारे पाचन तंत्र और शरीर की जरूरतें पूरी नहीं होतीं.

कुछ दवाओं के सेवन से भी कब्ज हो जाती है. ज्यादातर मामले पेनकिलर की वजह से देखने को मिले हैं. कुछ विटामिन और आयरन की खुराक से भी यह समस्या हो जाती है. ऐसे में डॉक्टर से राय लेकर आप इन दवाओं के साथ स्टूल सॉफ्टनर दवाएं ले सकते हैं.

अपनाएं कुछ सरल उपचार…

-नीबू हमारे शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है. अगर कभी कब्ज हो जाए तो एक गिलास गर्म पानी में एक नीबू का रस और शहद मिलाएं और पी लें.

-कब्ज की समस्या को दूर करने के लिए पेट में अच्छे बैक्टीरिया का भी होना जरूरी है. सादे दही से आपको प्रोबायोटिक मिलेगा, इसलिए आप दिन में एक से दो कप दही जरूर खायें. इसके अलावा यदि बहुत परेशान हैं तो एक गिलास दूध में एक से दो चम्मच घी मिला कर रात को सोते समय पिएं, लाभ होगा.

-सोने से पहले दो या तीन त्रिफला टैबलेट गर्म पानी के साथ लें. त्रिफला हरड़, बहेड़ा और आंवले से बना होता है. ये तीनों पेट के लिए लाभकारी हैं. त्रिफला रात में अपना काम शुरू कर देता है.

-एक दिन में एक महिला को औसतन 25 ग्राम फाइबर की जरूरत होती है, वहीं एक पुरुष को 30 से 35 ग्राम फाइबर की आवश्यकता होती है. अपने पाचन तंत्र को दोबारा ट्रैक पर लाने के लिए आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आप हर दिन अपनी जरूरत के अनुसार फाइबर की खुराक ले रहे हैं.

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