ePaper

देश-विदेश में पसंद किये जाते हैं इनके केक, पढ़ें कावेरी की कहानी

Updated at : 22 Dec 2019 11:24 AM (IST)
विज्ञापन
देश-विदेश में पसंद किये जाते हैं इनके केक, पढ़ें कावेरी की कहानी

वक्त…किस्मत… हालात… कब, किसे और कहां लाकर खड़ा करेगा, कोई नहीं जानता. बावजूद इसके अपने लिए नयी राहें तलाश लेना वाकई काबिले-तारीफ है, जिसकी हकदार हैं कावेरी प्रकाश अभाले. आजकल बर्थडे, एनिवर्सरी, सक्सेस पार्टी और यहां तक कि ब्रेकअप को भी लोग केक काट कर सेलिब्रेट करने लगे हैं. फिलहाल मौसम क्रिसमस का है और […]

विज्ञापन

वक्त…किस्मत… हालात… कब, किसे और कहां लाकर खड़ा करेगा, कोई नहीं जानता. बावजूद इसके अपने लिए नयी राहें तलाश लेना वाकई काबिले-तारीफ है, जिसकी हकदार हैं कावेरी प्रकाश अभाले.

आजकल बर्थडे, एनिवर्सरी, सक्सेस पार्टी और यहां तक कि ब्रेकअप को भी लोग केक काट कर सेलिब्रेट करने लगे हैं. फिलहाल मौसम क्रिसमस का है और इस मौके पर तो केक, पेस्ट्रीज और चॉकलेट्स की डिमांड दोगुनी हो जाती है. ऐसे में अगर आप अपनी पसंद का फ्रेश और पॉकेट फ्रेंडली केक चाहते हैं, तो इसके लिए आपको जमशेदपुर के कावेरी बेकरी का रुख करना होगा.

स्पेन से जमशेदपुर का सफर : नासिक में पैदाइश और पालन-पोषण, मुंबई में पढ़ाई और जॉब, फिर शादी के बाद तीन साल स्पेन में गुजारने के बाद कावेरी पिछले चार वर्षों से जमशेदपुर में हैं और फिलहाल दो साल से यही अपनी बेकरी चला रही हैं. अपने सफर के बारे में कावेरी बताती हैं- ‘हम दोनों पति-पत्नी नासिक से हैं. 15 वर्षों पूर्व हमारी शादी के बाद हम मुंबई रहने आ गये. फिर पति के जॉब की वजह से साढ़े तीन वर्षों तक स्पेन में रहना हुआ. वर्ष 2015 में पति के टाटा स्टील कंपनी ज्वॉइन करने पर हम जमशेदपुर आ गये. शुरुआत में मेरी दोनों बेटियों को भाषा की वजह से काफी दिक्कत हुई. उन्हें हिंदी-अंग्रेजी, दोनों नहीं आती थी, पर अब वे काफी कुछ सीख गयी हैं.’

विदेश में सीखे हुनर से कर रहीं देसी कमाई : कावेरी जब स्पेन में थीं, तो वहां रोज पति के ऑफिस और बच्चों के स्कूल जाने के बाद उन्हें काफी खाली समय मिल जाता था. इस समय का उपयोग करते हुए उन्होंने अपने आस-पड़ोस की सहेलियों से केक बनाना सीखा. फिर भारत वापस आने पर कोलकाता में कुछ महीनों के लिए बेकिंग क्लास भी ज्वॉइन की. शुरुआत में यूं ही शौकिया तौर पर बना कर लोगों को खिलाया करती थीं, पर जब कुछ लोगों ने बेकिंग बिजनेस करने की सलाह दी, तो इस ओर गंभीरता से सोचना शुरू किया.

कस्टमर च्वॉइस को देती हैं वरीयता
कावेरी के केक की खासियत यह है कि वह अपने कस्टमर्स की पसंद को ध्यान में रखते हुए कस्टमाइज एगलेस केक बनाती हैं. वह किसी तरह का प्रेजर्वेटिव भी यूज नहीं करतीं. बेस से लेकर क्रीम तक, सब कुछ ताजा और फ्रेश! कावेरी की मानें तो, ‘यहां एगलेस केक की डिमांड ज्यादा है, तो मैं वही बनाती हूं. अगर कभी एग केक का ऑर्डर मिलता भी है, तो उसका सामान मैंने अलग किया हुआ है.’ पान, प्लम, एल्कोहलिक, रोज-पिस्ता, सॉल्टेड कैरेमल, लेमन टाउन सहित कई सारे फ्लेवर के केक बनाने के अलावा कावेरी चॉकलेट्स, कुकीज और बेफर्स भी बनाती हैं. पिछले कुछ समय से वह बेकिंग क्लासेज भी ले रही हैं.

FSSAI से लाइसेंस प्राप्त ब्रांड
कावेरी ने अपनी बेकरी को ‘Kaveri’s Bakery’ का नाम दिया है और इसे भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) से पंजीकृत भी करवा रखा है. इसी नाम से फेसबुक पर उनका पेज भी है. उनकी मानें, तो देश के साथ-साथ विदेशों में भी उनके कस्टमर्स हैं. इसके अलावा, गूगल मैप के जरिये भी लोग आसानी से उनसे कॉन्टैक्ट कर सकते हैं. स्थानीय स्तर पर एक-दो जगह स्टॉल भी लगा चुकी हैं. अपने इस बेकिंग बिजनेस में हर महीने करीब 8-10 हजार रुपये का निवेश करके कावेरी 20 से 25 हजार रुपये मासिक कमा लेती हैं.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola