एंग्जाइटी डिसऑर्डर: दिमाग में नकारात्मक विचार आपके लिए है नुकसानदायक
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 04 Jul 2019 11:46 AM
हमारे दिमाग में अक्सर कई बार नकारात्मक विचार चलते रहते हैं. हमेशा अपने साथ कुछ गलत होने की आशंका, छोटी-छोटी बातों को लेकर बेवजह घबराहट, बेचैनी, चिंता होती है, जो एंग्जाइटी डिसऑर्डर के लक्षण हैं. यह एक मनोविकार है, जो आमतौर पर 13 से 35 साल के लोगों में देखने को मिलता है. मगर इसे […]
हमारे दिमाग में अक्सर कई बार नकारात्मक विचार चलते रहते हैं. हमेशा अपने साथ कुछ गलत होने की आशंका, छोटी-छोटी बातों को लेकर बेवजह घबराहट, बेचैनी, चिंता होती है, जो एंग्जाइटी डिसऑर्डर के लक्षण हैं. यह एक मनोविकार है, जो आमतौर पर 13 से 35 साल के लोगों में देखने को मिलता है. मगर इसे पागलपन समझना गलत है. अगर इस रोग का सही समय पर इलाज न कराया जाये, तो धीरे-धीरे यह फोबिया में बदल जाता है. इस रोग से मुक्ति में परिवार व करीबी लोगों की भी बड़ी भूमिका है. हमारे विशेषज्ञ दे रहे हैं पूरी जानकारी.
किडनी डिजीज : एंग्जाइटी से किडनी संबंधी रोग भी हो सकते हैं. हॉर्मोन से संबंधित एंडोक्राइन सिस्टम भी लड़खड़ा जाता है. एंग्जाइटी से हमारे सेरोटोनिन और टेस्टोस्टेरॉन हॉर्मोंस भी प्रभावित होते हैं. इनकी वजह से कई अंगों की कार्यक्षमता पर असर पड़ता है. एंग्जाइटी से मस्तिष्क पर भी असर पड़ता है. मस्तिष्क में एन्यूरिज्म, इस्किमिया चेंजेज, स्ट्रेस रिएक्शन, लॉस ऑफ मेमोरी, मस्तिष्क की कार्यक्षमता में कमी आदि पर हो सकती है.
-65-70 फीसदी एंग्जाइटी के मरीज हाउसवाइफ होती हैं. अक्सर अकेलेपन की वजह से उनके दिमाग में नकारात्मक ख्याल आते हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










