World Hindi Day 2023 Quotes: विश्व हिंदी दिवस पर यहां देखें प्रसिद्ध व्यक्तियों के प्रेरक कोट्स
World Hindi Day 2023 Quotes and Anmol Vichar: आज विश्व हिंदी दिवस मनाया रहा है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य हिंदी के प्रति जागरुकता और इस भाषा को अंतरराष्ट्रीय रूप से और मजबूत करना है. यहां देखें विश्व हिंदी दिवस पर प्रसिद्ध व्यक्तियों के प्रेरक कोट्स
World Hindi Day 2023 Quotes: हर साल 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है. हिंदी भारत की राष्ट्रभाषा है. आज विश्व हिंदी दिवस मनाया रहा है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य हिंदी के प्रति जागरुकता और इस भाषा को अंतरराष्ट्रीय रूप से और मजबूत करना है. इस दिन विश्व हिंदी दिवस के मौके पर दुनियाभर में कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. आपको बता दें, 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन का उद्घाटन किया था.
भारत की कौन सी राष्ट्रभाषा चुनी जाएगी येमुद्दा काफी अहम था. काफी सोच विचार के बाद हिम्दी और अंग्रेजी को नए राष्ट्र की भाषा चुना गया। संविधान सभा ने देवनागरी लिपी में लिखी हिन्दी को अंग्रजों के साथ राष्ट्र की आधिकारिक भाषा के तौर पर स्वीकार किया था। 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने एक मत से निर्णय लिया कि हिंदी ही भारत की राजभाषा होगी। देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने कहा कि इस दिन के महत्व देखते हुए हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाए। बता दें, पहला हिंदी दिवस 14 सितंबर 1953 में मनाया गया था.
हिंदी भारतीय संस्कृति की आत्मा है.
– कमलापति त्रिपाठी
हिन्दी हमारे राष्ट्र की अभिव्यक्ति का सरलतम स्रोत है.
– सुमित्रानंदन पंत
कोई राष्ट्र अपनी भाषा को छोड़कर राष्ट्र नहीं कहला सकता. भाषा की रक्षा सीमाओं की रक्षा से भी जरूरी है.
– थास्मिस डेविस
‘हिंदी का प्रश्न स्वराज्य का प्रश्न है’.
– महात्मा गांधी
जो सम्मान, संस्कृति और अपनापन हिंदी बोलने से आता हैं,
वह अंग्रेजी में दूर-दूर तक दिखाई नहीं देता हैं.
– अज्ञात
हिंदी का प्रचार और विकास कोई रोक नहीं सकता.
– पंडित गोविंद बल्लभ पंत
हिन्दी पढ़ना और पढ़ाना हमारा कर्तव्य है. उसे हम सबको अपनाना है.
– लालबहादुर शास्त्री
परदेशी वस्तु और परदेशी भाषा का भरोसा मत रखो अपने में अपनी भाषा में उन्नति करो.
– भारतेंदु हरिश्चन्द्र
हिन्दी देश की एकता की कड़ी है.
– डॉ. जाकिर हुसैन
हिन्दी के द्वारा सारे भारत को एक सूत्र में पिरोया जा सकता है.
– महर्षि स्वामी दयानन्द
देश के सबसे बड़े भूभाग में बोली जानेवाली हिन्दी राष्ट्रभाषा– पद की अधिकारिणी है.
– सुभाषचन्द्र बोस
हिंदी भारत की राष्ट्रभाषा तो है ही, यही जनतंत्रात्मक भारत में राजभाषा भी होगी.
– राजगोपालाचारी
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