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World Diabetes Day 2023: वर्ल्ड डायबिटीज डे 14 नवंबर को ही क्यों मनाया जाता है, जानिए क्या है इस साल की थीम

Updated at : 13 Nov 2023 4:30 PM (IST)
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World Diabetes Day 2023: वर्ल्ड डायबिटीज डे 14 नवंबर को ही क्यों मनाया जाता है, जानिए क्या है इस साल की थीम

World Diabetes Day 2023 : विश्वभर में काफी तेजी से डायबिटीज के मरीज बढ़ रहे हैं. हैरानी की बात यह है कि हर उम्र के लोग इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं. आइए जानते हैं आखिर 14 नवंबर को ही क्यों वर्ल्ड डायबिटीज डे सेलिब्रेट किया जाता है.

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World Diabetes Day 2023 : विश्वभर में काफी तेजी से डायबिटीज के मरीज बढ़ रहे हैं. हैरानी की बात यह है कि हर उम्र के लोग इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं. आंकड़ों की बात करें तो 500 मिलियन यानी कि करीब 50 करोड़ से ज्यादा लोग पूरी दुनिया में सिर्फ डायबिटीज के शिकार हैं.14 नवंबर को हर साल विश्व डायबिटीज डे मनाया जाता है. आइए जानते हैं आखिर 14 नवंबर को ही क्यों वर्ल्ड डायबिटीज डे सेलिब्रेट किया जाता है.

14 नवंबर को क्यों मनाया जाता है डायबिटीज डे

दरअसल वर्ल्ड डायबिटीज डे की शुरुआत साल 1991 में आईडीएफ और WHO ने मनाना शुरू किया. यह दिन हर साल 14 नवंबर को सर फ्रेडरिक बैंटिंग के जन्मदिन पर मनाया जाता है, जिन्होंने 1922 में चार्ल्स बेस्ट के साथ इंसुलिन की खोज की थी..

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डायबिटीज को किस नाम से जाना जाता है

डायबिटीज को हिंदी में “मधुमेह” (Madhumeh) कहा जाता है. इसका अर्थ होता है “मधु (शर्करा)” और “मेह (मूत्र)”. यह शब्द इस बीमारी के लक्षणों में ग्लूकोज (रक्त शर्करा) के बढ़ जाने से उत्पन्न मूत्र समस्याओं को संकेतित करता है. यह भारतीय भाषाओं में डायबिटीज के लिए सामान्य एक शब्द है.

डायबिटीज के लक्षण

डायबिटीज के लक्षण व्यक्ति की स्थिति पर निर्भर करते हैं और ये लक्षण सामान्यत: धीरे-धीरे बढ़ते हैं. कुछ लोगों को शुरुआती अवस्था में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते हैं, इसलिए डायबिटीज को “खामियाजित रोग” कहा जाता है. हालांकि, इस बीमारी के कुछ सामान्य लक्षण निम्नलिखित हो सकते हैं.

प्यास लगना (Polydipsia): डायबिटीज के मरीजों में अत्यधिक प्यास होती है, और वे अक्सर पानी पीने के लिए अधिक तैयार रहते हैं.

बार-बार मूत्र आना (Polyuria): डायबिटीज के कारण शरीर में अत्यधिक ग्लूकोज हो जाता है, जिसे यूरीन में बाहर निकालने के लिए किड़नी अधिक काम करती हैं, जिससे व्यक्ति को बहुत बार मूत्र आता है.

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अत्यधिक भूख लगना (Polyphagia): डायबिटीज के कारण शरीर को उपयोग के लिए ग्लूकोज उपलब्ध नहीं होता है, जिससे व्यक्ति में अत्यधिक भूख हो सकती है.

वजन कम होना: डायबिटीज के मरीजों में वजन कम होना एक आम लक्षण हो सकता है, खासकर टाइप 1 डायबिटीज के मरीजों में.

शारीरिक थकान (Fatigue): अत्यधिक ग्लूकोज के कारण शरीर को सही से ऊर्जा प्राप्त नहीं होती है, जिससे व्यक्ति में थकान और शारीरिक थकान हो सकती है.

यदि आप में से किसी भी व्यक्ति को ये लक्षण अनुभव हो रहे हैं, तो आपको तुरंत एक चिकित्सक से मिलकर जांच करवाना चाहिए. डायबिटीज की सही देखभाल और प्रबंधन से इसे नियंत्रित किया जा सकता है.

विश्व डायबिटीज दिवस की थीम

बता दें कि इस साल विश्व डायबिटीज दिवस की थीम एक्सेस टू डायबिटीज केयर (Access to diabetes care) है. जिसका मतलब है कि डायबिटीज के मरीजों की ओर जितना ध्यान हो सके उतना ध्यान देने की जरूरत है.

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Shweta Pandey

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By Shweta Pandey

Shweta Pandey is a contributor at Prabhat Khabar.

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