ePaper

Vidur Niti: जीवन में इन कार्यों को अकेले करने से बचें, वरना उठाना पड़ सकता है नुकसान

Updated at : 01 Sep 2025 11:36 AM (IST)
विज्ञापन
Vidur Niti: जीवन में इन कार्यों को अकेले करने से बचें, वरना उठाना पड़ सकता है नुकसान

Vidur Niti

Vidur Niti: के अनुसार कुछ काम अकेले करने से जीवन में परेशानियां बढ़ सकती हैं. जानें वे कौन-से कार्य हैं जिन्हें कभी अकेले नहीं करना चाहिए.

विज्ञापन

Vidur Niti: जीवन में आचार विचार और सही निर्णय लेने के लिए हमारे शास्त्रों में अनेक नीतियों का वर्णन किया गया है. उन्हीं में से एक है विदुर नीति, जिसे महाभारत में महामनीषी विदुर ने बताया था. विदुर नीति आज भी प्रासंगिक है और यह हमें जीवन जीने की सही दिशा देती है. विदुर ने अपनी नीतियों में कई ऐसे नियम बताए हैं, जिन्हें अपनाकर इंसान सुखी और सुरक्षित रह सकता है.

उन्हीं नियमों में से एक यह है कि कुछ काम कभी अकेले नहीं करने चाहिए, वरना यह व्यक्ति के लिए हानिकारक हो सकता है.

Vidur Niti: अकेले इन कामों को करने से क्यों मना करते हैं विदुर?

अकेले स्वादिष्ट भोजन न करें

विदुर नीति के अनुसार, स्वादिष्ट भोजन का आनंद अकेले लेने से उसका महत्व कम हो जाता है. भोजन तभी सार्थक होता है जब उसे परिवार, मित्रों या अन्य लोगों के साथ साझा किया जाए. अकेले भोजन करना स्वार्थी प्रवृत्ति को दर्शाता है और इससे सामाजिक संबंध भी कमजोर पड़ते हैं.

अकेले किसी विषय पर निर्णय न लें

जीवन में कई बार ऐसे मोड़ आते हैं जब हमें बड़े निर्णय लेने पड़ते हैं. विदुर का कहना है कि ऐसे समय में अकेले निर्णय लेने के बजाय समझदार और विश्वसनीय लोगों से सलाह लेनी चाहिए. अकेले लिया गया निर्णय कई बार गलत साबित हो सकता है और इसके दुष्परिणाम भी झेलने पड़ सकते हैं.

अकेले रास्ते पर न चलें

विदुर नीति में कहा गया है कि सुनसान रास्ते पर अकेले चलना व्यक्ति के लिए खतरनाक हो सकता है. चाहे वह शारीरिक सुरक्षा की बात हो या मानसिक संतुलन की, अकेले सफर करने से जोखिम बढ़ जाता है. समूह में चलने से सुरक्षा के साथ आत्मविश्वास भी बढ़ता है.

अकेले जागते न रहें जब सब सोए हों

विदुर ने यह भी कहा है कि जब घर या समाज के लोग सो रहे हों, तो अकेले जागना उचित नहीं है. इसका अर्थ यह है कि इंसान को समाज के साथ सामंजस्य बनाकर चलना चाहिए. अलग-थलग रहना, सामाजिक जीवन से दूरी बनाना, व्यक्ति को अकेलापन और मानसिक तनाव की ओर ले जा सकता है.

विदुर नीति हमें यह सिखाती है कि जीवन में सामूहिकता और परामर्श का कितना महत्व है. अकेले रहकर न तो जीवन का आनंद लिया जा सकता है और न ही सही निर्णय लिए जा सकते हैं.

Also Read: Vidur Niti: समाज में पाना चाहते है इज्जत तो इन 2 आदतों को तुरंत सुधारें

Also Read: Vidur Niti: ये 3 दोष वाले व्यक्ति अपने मुख में ही लेकर चलते हैं मृत्यु और दरिद्रता

Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. प्रभात खबर इसकी पुष्टि नहीं करता है.

विज्ञापन
Pratishtha Pawar

लेखक के बारे में

By Pratishtha Pawar

मैं लाइफस्टाइल कंटेंट राइटर हूं, मीडिया जगत में 5 साल का अनुभव है. मुझे लाइफस्टाइल, फैशन, ब्यूटी, वेलनेस और आध्यात्मिक विषयों पर आकर्षक और दिलचस्प कंटेंट लिखना पसंद है, जो पाठकों तक सही और सटीक जानकारी पहुंचा सके.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola