West Bengal Tourism: मां काली के दर्शन मात्र से पूरी होगी मनोकामना, चले आइए 51 शक्तिपीठों में सबसे सिद्ध कालीघाट मंदिर

Maa Kaali, Kalighat Temple
West Bengal Tourism: कालीघाट मंदिर हिंदुओं का प्रमुख दार्शनिक स्थल है. यह अपनी अनूठी वास्तुकला,समृद्ध इतिहास और अद्वितीय प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध है. तो लिए आज आपको बताते हैं भारत के सबसे सिद्ध मंदिर के बारे में.
West Bengal Tourism: पश्चिम बंगाल अपने साहित्य, कला, संस्कृति, प्राचीन मंदिरों और समृद्ध इतिहास के लिए वैश्विक स्तर पर मशहूर है. यहां का सुंदरबन डेल्टा, समुद्र तट और ऐतिहासिक व धार्मिक केंद्र पर्यटकों के बीच प्रसिद्ध हैं. यहां मौजूद विभिन्न देवी-देवताओं के मंदिरों की स्थापत्य कला और खूबसूरती अत्यंत मनोरम है. कोलकाता में मौजूद कालीघाट मंदिर हिंदुओं के प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक है. यह मंदिर मां काली को समर्पित है.
West Bengal Tourism: जाने कैसे पहुंचेंगे कालीघाट
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में स्थित कालीघाट मंदिर पर्यटकों के बीच काफी प्रसिद्ध है. इस मंदिर के प्रति लोगों में असीम श्रद्धा और विश्वास है. आप ट्रेन या हवाई यात्रा के माध्यम से मां काली के दर्शन कर सकते हैं. कोलकाता के मशहूर हावड़ा जंक्शन से कालीघाट मंदिर की दूरी महज 10 किमी है. कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से इस मंदिर की दूरी करीब 25 किमी है. अन्य शब्दों में कहा जाए तो कोलकाता आने के बाद आप आसानी से कालीघाट मंदिर पहुंच सकते हैं. कालीघाट मंदिर मां सती के 51 शक्तिपीठों में सबसे सिद्ध मंदिर है.
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West Bengal Tourism: यहां स्थापित है मां काली की अनूठी प्रतिमा
भारत में प्रसिद्ध मां काली का सबसे बड़ा मंदिर है कालीघाट मंदिर. यह प्राचीन मंदिर अपनी अद्भुत वास्तुकला,खूबसूरत नक्काशी और सुंदर परिवेश के लिए मशहूर है. मंदिर प्रांगण में स्थित म्यूजियम में मां महाकाली से संबंधित पौराणिक कथाओं और इतिहास की विभिन्न कलाकृतियां मौजूद हैं. कालीघाट मंदिर न केवल धार्मिक स्थान बल्कि कोलकाता शहर की सांस्कृतिक विरासत की समृद्धि का भी प्रतीक है. यह मंदिर 51 शक्तिपीठों में सबसे सिद्ध मंदिर है. यहां माता सती के दाहिने पैर का अंगूठा गिरा था. मंदिर प्रांगण में कुंडुपुकुर स्थित है. यह एक जल कुंड है, इसी कुंड में से माता सती का अंगूठा मिला था. कालीघाट मंदिर में स्थित मां काली की प्रतिमा अनूठी और अद्वितीय है. आदि गंगा के तट पर स्थित कालीघाट मंदिर में मां काली की प्रचंड रूप की प्रतिमा है. इस प्रतिमा में माता भगवान शिव के छाती पर पैर रखी हुई हैं. प्रतिमा में मां काली के तीन बड़े नेत्र और चार स्वर्ण भुजाएं हैं. कालीघाट मंदिर में स्थापित मां काली की जीभ सोने की बनी हुई है. यहां केवल माता के दर्शन करने भर से भक्तों की सारी मुरादें पूरी हो जाती है. पश्चिम बंगाल का दुर्गा पूजा विश्व प्रसिद्ध है. दुर्गा पूजा में कालीघाट मंदिर को विशेष रूप से सजाया जाता है. इस दौरान यहां विशेष पूजा होती है, जिसमें देश-विदेश से लोग शामिल होने आते हैं. कालीघाट मंदिर बंगाल के सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को संभाले हुए है.
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By Rupali Das
नमस्कार! मैं रुपाली दास, एक समर्पित पत्रकार हूं. एक साल से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. वर्तमान में प्रभात खबर में कार्यरत हूं. यहां झारखंड राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण सामाजिक, राजनीतिक और जन सरोकार के मुद्दों पर आधारित खबरें लिखती हूं. इससे पहले दूरदर्शन, हिंदुस्तान, द फॉलोअप सहित अन्य प्रतिष्ठित समाचार माध्यमों के साथ भी काम करने का अनुभव है.
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