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श्राद्ध में भी कर सकते हैं शॉपिंग, नहीं होती मनाही, 17 सितंबर तक बचे हैं 2 शुभ योग, जानें इस बारे में क्या है एक्सपर्ट की राय

Updated at : 14 Sep 2020 1:58 PM (IST)
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श्राद्ध में भी कर सकते हैं शॉपिंग, नहीं होती मनाही, 17 सितंबर तक बचे हैं 2 शुभ योग, जानें इस बारे में क्या है एक्सपर्ट की राय

Shopping During Shraddha Karma, facts & myths, pitru paksha 2020 : श्राद्धपक्ष में किसी भी चीज की खरीदारी अशुभ नहीं मानी जाती है. लेकिन, इसका एक शुभ मुहूर्त होता है. पितृपक्ष में अपने पितरों को पूजने की परंपरा सदियों से चली आ रही है. ऐसी मान्यता है कि इससे पितृ खुश होते हैं. जिसमें पूजा-पाठ, नियम व संयम से करना होता है. इस दौरान दान करना भी बेहद लाभकारी माना गया है. हालांकि, इससे जुड़ी कई मिथ्य भी फैलाये जाते हैं.

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Shopping During Shraddha Karma, facts & myths, pitru paksha 2020 : श्राद्धपक्ष में किसी भी चीज की खरीदारी अशुभ नहीं मानी जाती है. लेकिन, इसका एक शुभ मुहूर्त होता है. पितृपक्ष में अपने पितरों को पूजने की परंपरा सदियों से चली आ रही है. ऐसी मान्यता है कि इससे पितृ खुश होते हैं. जिसमें पूजा-पाठ, नियम व संयम से करना होता है. इस दौरान दान करना भी बेहद लाभकारी माना गया है. हालांकि, इससे जुड़ी कई मिथ्य भी फैलाये जाते हैं.

दरअसल, कुछ लोगों का मानना है कि इस दौरान किसी वस्तु की खरीदारी से हमारे पितर नाराज होते हैं. अत: सामग्रियों की खरीदारी इस दौरान अशुभ माना गया है. लेकिन, एक वरिष्ठ पंडित की मानें तो इस श्राद्ध पक्ष में भी खरीदारी के लिए कुछ शुभ मुहूर्त हैं.

आइये जानते हैं इस बार श्राद्ध पक्ष में खरीदारी के क्या हैं शुभ मुहूर्त

आपको बता दें कि इस बार श्राद्ध पक्ष में खरीददारी के कई योग बने थे. जिनमें सर्वार्थसिद्धि मुहूर्त 4 और 6 सितंबर को था. वहीं, शुभ मुहूर्त की बात करें तो तीन दिन निकल चुकी है. जिनमें 8, 9 और 13 तारीख शामिल थी. इसके अलावा इस मामले के जानकार का कहना है कि 14 और 15 सितंबर को भी शुभ मुहूर्त है. अर्थात आज और कल आप कुछ भी खरीद सकते हैं. वहीं, इस पितृपक्ष में त्रिपुष्कर योग 8 सितंबर को था. इसके अलावा 2 रवियोग भी पड़े थे.

क्या है श्राद्ध

शास्त्रों की मानें तो पूर्वजों की तृप्त करने के लिए विधि-विधाद से किया गया पूजा-पाठ और दान ही सही मायनों में श्राद्ध कहलाता है.

क्या करना चाहिए इस दौरान

– इस दौरान गलत काम भूल कर भी नहीं करना चाहिए,

– इस दौरान दान करना शुभ माना जाता है,

– श्राद्धपक्ष मृत्यु या शोक से जुड़ा समय नहीं होता है. बल्कि, इस दौरान पूजा-पाठ, दान और नियम व संयमपूर्वक करना चाहिए.

– केवल श्राद्ध पक्ष में ही नहीं बल्कि सालभर पितरों की तृप्ति के लिए खास दिन तय होते हैं. इस दौरान भी उनका श्राद्ध श्रद्धापूर्वक संभव है.

पितृपक्ष से जुड़े कुछ मिथ्य

– इस दौरान मांगलिक कार्यों के लिए खरीदारी नहीं की जानी चाहिए,

– कई लोग मानते हैं कि श्राद्ध पक्ष में कपड़े, घर, गाड़ी आदि की खरीदारी करने से पितृ देव नाराजहो जाते हैं और इससे दोष लगना तय है.

– कुछ लोगों का मानना है कि इस दौरान कोई पवित्र काम भी नहीं करना चाहिए जैसे, नया ऑफिस खोलना, गृह प्रवेस आदि.

Note : उपरोक्त जानकारियां पंडित डॉ श्रीपति त्रिपाठी ने दी है. इसे अपनाने या छोड़ने से पहले आप अपने जानकार विशेषज्ञ से जांच-परख लें.

Posted By : Sumit Kumar Verma

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