ePaper

Parenting Tips: क्यों बच्चों को नहीं सोना चाहिए मां-बाप के साथ? जानें इससे होने वाले नुकसान

Updated at : 17 Feb 2025 9:58 AM (IST)
विज्ञापन
Parenting Tips

Parenting Tips

Parenting Tips: अगर आप अपने बच्चों को एक उम्र के बाद भी अपने साथ सुलाते हैं तो आगे चलकर आपके बच्चे के लिए यह काफी बुरा साबित हो सकता है. आज हम आपको इससे होने वाले नुकसानों के बारे में बताने जा रहे हैं.

विज्ञापन

Parenting Tips: छोटे बच्चों का मां-बाप के साथ सोने काफी आम बात है. हर माता-पिता अपने बच्चे का ख्याल रखने के लिए और उसके साथ रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए उसे एक उम्र तक अपने साथ ही सुलाते हैं. बता दें जब बच्चे अपने माता-पिता के साथ सोते हैं तो इससे वे और बेहतर तरीके से इमोशनल तौर पर उनसे जुड़ पाते हैं. बता दें अगर आपके बच्चे की उम्र 10 साल से कम है तो ही आपको उसे अपने साथ सुलाना चाहिए लेकिन अगर उसकी उम्र 10 साल से ज्यादा है तो आपको उसे कभी भी अपने साथ नहीं सुलाना चाहिए. जब आप इस उम्र के बाद भी उसे अपने साथ सुलाते हैं तो उसके मेंटल ग्रोथ पर काफी बुरा असर पड़ता है. आज की यह आर्टिकल उन पैरेंट्स के लिए काफी काम की होने वाली है जो अपने बच्चे को बड़े होए जाने के बावजूद भी साथ सुलाते हैं. आज हम आपको बताने वाले है कि आखिर क्यों आपको अपने बच्चे को एक उम्र के बाद अपने साथ नहीं सुलाना चाहिए. आखिर आपके ऐसा करने से उसे कौन से नुकसान हो सकते हैं. तो चलिए जानते हैं विस्तार से.

कॉन्फिडेंस हो जाता है कम

अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा जीवन में तरक्की करे तो ऐसे में उसके अंदर कॉन्फिडेंस होना बेहद ही जरूरी है. जब आप अपने बच्चे को बड़े हो जाने के बाद भी अपने साथ ही सुलाते हैं तो उसमें कॉन्फिडेंस बिल्ड नहीं हो पाता है. अगर आप चाहते हैं की आपके बच्चे में कॉन्फिडेंस बिल्ड हो तो उसे एक अलग कमरा दें और बिस्तर भी. अगर आपका बच्चा बड़ा हो गया है तो उसे अकेले सोने के लिए मोटिवेट करें. आपके ऐसा करने से वह अकेले सोने में डरेगा भी नहीं और उसमें कॉन्फिडेंस भी भरी होगी.

पैरेंटिंग से जुड़ी ट्रेंडिंग खबरें यहां पढ़ें

ये भी पढ़ें: Parenting Tips: रात में बच्चों के कपड़े घर से बाहर क्यों नहीं सुखाने चाहिए? जानें धार्मिक और वैज्ञानिक कारण

ये भी पढ़ें: Parenting Tips: हर सुबह अपने बच्चों से जरूर कहें ये बातें

मन में रह जाता है डर

अगर आप चाहते हैं कि आपके बच्चे के मन से सभी डर दूर हो जाए तो ऐसे में आपको उसे अकेले सोने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए. जब बच्चे आपके साथ सोते हैं तो उसे एक सुरक्षा का अनुभव होता है जिससे उनके मन से डर को निकलने में काफी ज्यादा समय लग जाता है. वहीं, जब बच्चा अकेले सोता है तो उसके मन से अकेलेपन का डर निकल जाता है. जब ऐसा होता है तो आपका बच्चा ज्यादा स्ट्रांग बनता है.

प्राइवेसी की समझ नहीं रहती

बच्चों को दस साल की उम्र के बाद प्राइवेसी की समझ होने लगती है. वे सभी चीजों पर ध्यान देने लगते हैं और उनके दिमाग में बातें बैठने भी लगती है. यहीं कारण है कि जब आप उसे दस साल की उम्र के बाद भी अपने साथ ही सुलाते हैं तो उसमें प्राइवेसी की समझ नहीं रह जाती है. प्राइवेसी के महत्व को समझने के लिए आपको उसे अकेले सुलाना शुरू कर देना चाहिए.

ये भी पढ़ें: Parenting Tips: बेटों के लिए क्यों खास होती है उनकी मां? जानें कारण

विज्ञापन
Saurabh Poddar

लेखक के बारे में

By Saurabh Poddar

मैं सौरभ पोद्दार, पिछले लगभग 3 सालों से लाइफस्टाइल बीट पर लेखन कर रहा हूं. इस दौरान मैंने लाइफस्टाइल से जुड़े कई ऐसे विषयों को कवर किया है, जो न सिर्फ ट्रेंड में रहते हैं बल्कि आम पाठकों की रोजमर्रा की जिंदगी से भी सीधे जुड़े होते हैं. मेरी लेखनी का फोकस हमेशा सरल, यूजर-फ्रेंडली और भरोसेमंद भाषा में जानकारी देना रहा है, ताकि हर वर्ग का पाठक कंटेंट को आसानी से समझ सके. फैशन, हेल्थ, फिटनेस, ब्यूटी, रिलेशनशिप, ट्रैवल और सोशल ट्रेंड्स जैसे विषयों पर लिखना मुझे खास तौर पर पसंद है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola