ओशो की सलाह ने विनोद खन्ना की बदल दी थी किस्मत, क्या अमिताभ से जलन के कारण चुनी राजनीति?
Published by : Sameer Oraon Updated At : 15 Jun 2025 8:34 PM
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Osho Advice For Vinod Khanna: ओशो के आध्यात्मिक मार्गदर्शन ने कई लोगों की जिंदगी बदली, उन्हीं में से एक थे बॉलीवुड स्टार विनोद खन्ना. स्वामी शैलेंद्र सरस्वती के अनुसार, ओशो ने न सिर्फ विनोद के मन की बात पढ़ ली, बल्कि उन्हें अमिताभ बच्चन के खिलाफ चुनाव लड़ने की सलाह भी दी.
Osho Advice For Vinod Khanna: महान दार्शनिक ओशो न सिर्फ एक महान विचारक थे बल्कि वह दूसरे के मन बात भी आसानी से पढ़ लेते थे. ऐसे ही एक किस्सा है जब उन्होंने उस वक्त के बॉलिवुड स्टार विनोद खन्ना को चुनाव लड़ने की सलाह दी थी. इसका खुलासा ओशो के करीबी रहे स्वामी शैलेंद्र सरस्वती ने हिंदी रश से इंटरव्यू के दौरान किया था. इसके बाद वह 1998 में बीजेपी के टिकट पर गुरुदासपुर से न सिर्फ चुनाव लड़ा बल्की जीता भी. इसके बाद वे वाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री भी बने.
विनोद खन्ना भी ओशो की सलाह पर रह गये थे हैरान
स्वामी शैलेंद्र सरस्वती ने उस इंटरव्यू में कहा था कि विनोद खन्ना उस वक्त ओशो के आश्रम में माली का काम करते थे. हर दिन तरह वह उन्हें एक दिन आश्रम में गार्डनिंग करते देखा. तब स्वामी शैलेंद्र सरस्वती से विनोद खन्ना ने पत्नी और दो बेटों की याद आने की बात कही. लेकिन ओशो की नजरों ने कुछ और ही देख लिया था. स्वामी शैलेंद्र सरस्वती की मानें तो वह अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) के बढ़ते स्टारडम से जल रहे थे, जिसके बाद ओशो ने विनोद को यूएस से घर वापसी की सलाह देते हुए कहा कि “तुम भारत जाओ, और अमिताभ बच्चन के खिलाफ चुनाव लड़.” यह सलाह सुनकर खुद विनोद भी हैरान रह गये थे. उन्होंने कभी भी राजनीति की गंभीरता से सोचा नहीं था. जब फिल्म छोड़कर विनोद खन्ना शांति की तलाश में ओशो के शरण में गये थे तो वह बॉलिवुड में एक बड़ा नाम थे. लेकिन इसके बाद अमिताभ बच्चन ने बॉलिवुड में अपना सिक्का जमा लिया था. विनोद खन्ना जब ओशो की सलाह पर घर वापसी की तो उस समय अमिताभ बच्चन बड़े स्टार बन चुके थे.
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ओशो की बात मानकर विनोद खन्ना ने की घर वापसी
विनोद खन्ना ने आखिरकार ओशो की बात मान ली और राजनीति में डगर पर कदम रखा. 1998 में ने भाजपा के टिकट पर सांसद बने और बाद में केंद्रीय मंत्री का भी पद संभाला. स्वामी शैलेंद्र सरस्वती ने कहा कि भले उस वक्त विनोद ने परिवार के याद आने की बात कही. लेकिन ओशो ने उनके मन की बात पढ़ ली थी. गौरतलब है कि विनोद खन्ना साल 80 के दशक भारत वापस लौटे फिर फिल्मों में दोबारा वापसी की. वह गुरुदासपुर से 4 बार लोकसभा का चुनाव जीता. हालांकि वर्ष 2009 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था.
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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.
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