Nag Panchami: नाग पंचमी का महत्व और पूजन विधि

Updated at : 30 Jul 2024 7:19 PM (IST)
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Nag Panchami: नाग पंचमी का महत्व और पूजन विधि

Nag Panchami: नाग पंचमी एक पवित्र हिंदू पर्व है जिसे श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है. इस दिन नाग देवता की पूजा और व्रत का विशेष महत्व है. जानिए नाग पंचमी की पूजन विधि और इस पर्व के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के बारे में.

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Nag Panchami: नाग पंचमी एक पवित्र हिंदू पर्व है. यह श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है. नाग पंचमी का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है इस दिन व्रत और पूजा करने से नाग देवता की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. इस दिन व्रत रखने से नाग देवता प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं. और इसे मुख्य रूप से भारत के विभिन्न हिस्सों में धूमधाम से मनाया जाता है. इस लेख में हम आपको नाग देवता की पूजा कैसे करें इसकी पूजन विधि के बारे में बता रहे हैं.

प्रातः काल स्नान करें

व्रत रखने वाले व्यक्ति को प्रातःकाल स्नान करना चाहिए और स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए. स्नान के बाद भगवान शिव और नाग देवता की पूजा के लिए तैयार होना चाहिए.

उपवास और ध्यान

स्नान के बाद व्रत रखने उपवास करें और नाग देवता की पूजा में ध्यान लगाए. भगवान शिव और नाग देवता के प्रति अपने श्रद्धा और विश्वास को प्रकट करें. भगवान से अपनी मनोकामना पूर्ण करने की इच्छा को रखें.

फल मूल का सेवन

व्रत के दिन केवल फलाहार और दूध का सेवन करें. यदि हो सके तो निराहार व्रत रखें. प्याज, लहसुन और तामसिक भोजन से बचें।

पूजन स्थल की तैयारी

पूजा के लिए एक साफ सफाई का ध्यान रखें. एक चौकी पर भगवान शिव और नाग देवता की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें. चौकी को साफ कपड़े से ढकें और उसे फूलों से सजाएं.

पूजन सामग्री

पूजा के लिए निम्नलिखित दूध, दही, शहद, गंगाजल, चावल, फूल, धूप, दीप, नैवेद्य (भोग), हल्दी, कुमकुम, चंदन, और अक्षत जैस सामग्री की आवश्यकता होती है.

कलश स्थापना

एक कलश में जल भरकर उसमें आम के पत्ते और नारियल रखें. इसे पूजा स्थल के पास रखें. यह कलश पवित्रता और शुभता का प्रतीक होता हैं.

नाग देवता की पूजा

नाग देवता की प्रतिमा या तस्वीर को हल्दी, कुमकुम, चंदन और अक्षत से सजाएं. फिर फूलों से श्रृंगार करें. नाग देवता को दूध, दही, शहद और गंगाजल से अभिषेक करें.

भगवान शिव की पूजा

भगवान शिव की प्रतिमा या शिवलिंग की भी विधिपूर्वक पूजा करें. शिवलिंग पर जल, दूध और बेल पत्र चढ़ाएं। धूप और दीप जलाएं.

आरती और मंत्र

नाग देवता और भगवान शिव की आरती करें. इस दौरान ॐ नमः शिवाय, ॐ नागाधिपतये नमः मंत्र का जाप करें

व्रत कथा सुनना

नाग पंचमी की कथा सुनें और सुनाएं. इससे पूजा का महत्व बढ़ता है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.

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Rinki Singh

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By Rinki Singh

Rinki Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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