ePaper

डर और नेगेटिव सोच से कैसे जीतें? जया किशोरी ने बताए असरदार टिप्स

Updated at : 28 Feb 2026 5:55 PM (IST)
विज्ञापन
Jaya Kishori Thoughts on Fear and Overthinking

डर और ओवरथिंकिंग पर जया किशोरी के विचार

डर और ओवरथिंकिंग अक्सर इंसान को आगे बढ़ने से रोक देते हैं। पढ़े जया किशोरी के प्रेरणादायक विचार जिनकी मदद से आप डर को हराकर ओवरथिंकिंग से बाहर निकल सकते हैं और आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ सकते हैं.

विज्ञापन

Jaya Kishori Thoughts on fear and Overthinking: जिंदगी में ओवरथिंकिंग और डर ऐसी प्रॉब्लेम्स बन चुके हैं जो कई लोगों को अपने ड्रीम्स की ओर कदम बढ़ाने से रोक देती हैं. कई बार हमें पता होता है कि हम किसी काम को कर सकते हैं, लेकिन डर और लगातार चलती सोच हमें खुद पर ही शक करने पर मजबूर कर देती है. मोटिवेशनल स्पीकर और कथावाचक जया किशोरी जी के अनुसार, डर असल में हमारे मन का खेल है. अगर हम अपने विचारों को सही दिशा दे दें तो डर और ओवरथिंकिंग दोनों पर काबू पाया जा सकता है.

डर असल में क्या है?

अक्सर लोग किसी काम से पहले उसके बुरे परिणाम की कल्पना करने लगते हैं. जैसे स्टेज पर परफॉर्म करने से पहले लोग सोचते हैं कि अगर गलती हो गई तो क्या होगा, लोग क्या सोचेंगे. यही सोच धीरे-धीरे ओवरथिंकिंग में बदल जाती है और हमारा आत्मविश्वास कम कर देती है.

जया किशोरी जी कहती हैं,
डर का असली कारण हमारी सोच होती है. जब हम हर स्थिति में बुरा परिणाम सोचते हैं, तब डर और भी स्ट्रॉंग हो जाता है.

ओवरथिंकिंग से बाहर निकलने के जरूरी टिप्स (Jaya Kishori Thoughts on fear and Overthinking)

Jaya Kishori Thoughts on fear and Overthinking
ओवरथिंकिंग

1. डर को एक्सेप्ट करें

सबसे पहले यह मानना जरूरी है कि आपको किसी चीज से डर लगता है. जब तक आप अपने डर को पहचानेंगे नहीं, तब तक उसका समाधान भी नहीं मिलेगा.

2. ओवरथिंकिंग को रोकें

खाली बैठना अक्सर दिमाग को नेगेटिव सोच की ओर ले जाता है. इसलिए खुद को किसी न किसी काम में बिजी रखें, कुछ नया सीखें या दोस्तों और परिवार के साथ टाइम स्पेन्ड करें.

3. पॉजिटिव सेल्फ टॉक करें

अपने मन में आने वाले नेगेटिव विचारों को पॉजिटिव सोच से बदलें. जैसे मैं असफल हो जाऊंगा की जगह मैं पूरी कोशिश करूंगा और अच्छा करूंगा जैसे विचार रखें.

जया किशोरी जी का कहना है,
नेगेटिव सोच को खत्म करने का सबसे आसान तरीका है उसे पॉजिटिव सोच से बदल देना.

4. भगवान पर विश्वास रखें

जब इंसान अपने जीवन में आध्यात्मिक जुड़ाव महसूस करता है, तो उसे अंदर से एक भरोसा मिलता है. यह विश्वास मन के डर और तनाव को कम करने में मदद करता है.

डर और ओवरथिंकिंग हर इंसान की जिंदगी का हिस्सा हैं, लेकिन यह तय करना हमारे हाथ में है कि हम उन्हें अपनी कमजोरी बनने दें या अपनी ताकत. अगर हम सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और विश्वास के साथ आगे बढ़ें, तो डर भी हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा दे सकता है. आखिर सच ही कहा गया है – डर के आगे ही जीत है.

यह भी पढ़ें: रिश्तों को खोखला करती हैं ये 5 गलतफहमियां – जया किशोरी ने कपल्स को दी चेतावनी

यह भी पढ़ें: परफेक्ट टाइम का इंतजार छोड़िए – जया किशोरी जी ने बताए 3 नियम जो तोड़ना है जरूरी

विज्ञापन
Pratishtha Pawar

लेखक के बारे में

By Pratishtha Pawar

मैं लाइफस्टाइल कंटेंट राइटर हूं, मीडिया जगत में 5 साल का अनुभव है. मुझे लाइफस्टाइल, फैशन, ब्यूटी, वेलनेस और आध्यात्मिक विषयों पर आकर्षक और दिलचस्प कंटेंट लिखना पसंद है, जो पाठकों तक सही और सटीक जानकारी पहुंचा सके.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola