Helpline numbers : मुश्किल स्थिति में इन हेल्पलाइन नंबरों को बनाएं अपनी ढाल

helpline numbers in India
मुश्किल वक्त में अक्सर समझ नहीं आता कि मदद के लिए किसे पुकारें. चाहे बात सड़क दुर्घटना की हो, महिला सुरक्षा की या फिर साइबर फ्रॉड की. ऐसे में जागरूकता और जानकारी ही बचाव के रास्ते खोलती है. आपातकालीन स्थितियों के लिए निर्धारित किये गये कुछ खास हेल्पलाइन नंबरों को याद रखकर आप न केवल खुद को सुरक्षित रख सकते हैं, बल्कि दूसरों की भी जान बचा सकते हैं...
Helpline numbers : सकारात्मकता के साथ दिन की शुरुआत करना और निर्धारित कामों को समय पर पूरा करने के लिए प्रयासरत रहना एक अच्छी आदत है. लेकिन, आपका हर दिन अच्छा गुजरे ऐसा जरूरी नहीं. मुसीबत बता कर नहीं आती. हां, मगर मुश्किल में वक्त रहते मदद मिल जाये, तो बड़ा नुकसान होने से रोका जा सकता है. आपातकालीन स्थिति के लिए कुछ महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर निर्धारित किये गये हैं, जिन्हें याद रखकर आप मुश्किल घड़ी में खुद को सुरक्षित रखते हुए मजबूती से मुश्किलों का सामना कर सकते हैं.
ऑल-इन-वन इमरजेंसी नंबर – 112
भारत में 112 ऑल-इन-वन इमरजेंसी नंबर है, जिसका उपयोग किसी भी आकस्मिक स्थिति जैसे – रोड एक्सिडेंट, मारपीट, चोरी, आग लगने या मेडिकल इमरजेंसी के समय किया जा सकता है. यह नंबर पुलिस (100), फायर ब्रिगेड (101) और एम्बुलेंस (102) जैसी सेवाओं को एक साथ जोड़ता है. पूरे देश में यह नंबर 24X7 एक्टिव रहता है और इसे सिम कार्ड न होने या नेटवर्क न होने पर भी डायल किया जा सकता है. स्मार्टफोन में पावर बटन को तीन बार दबाकर पैनिक अलर्ट भी भेजा जा सकता है. इस नंबर पर कॉल करके यूजर अपनी सटीक लोकेशन और समस्या बताकर तुरंत सहायता तक पहुंच सकता है.
महिलाओं के लिए ये नंबर हैं महत्वपूर्ण
महिलाओं की सुरक्षा एवं सहायता के लिए 112 के अतिरिक्त कुछ महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर भी जारी किये गये हैं, जो चौबीसों घंटे (24X7) सेवा में रहते हैं.
181 : किसी भी प्रकार की घरेलू हिंसा, छेड़छाड़ या किसी भी अन्य आपातकालीन स्थिति में मदद एवं परामर्श के कोई भी महिला इस नंबर की मदद ले सकती है.
1091 : सुरक्षा या किसी भी तरह के अपराध से संबंधित समस्या होने पर महिलाएं सीधे पुलिस से मदद मांगने के लिए इस नंबर पर कॉल कर सकती हैं.
011-26942369/ 26944754 : ये राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) के मुख्य कार्यालय के नंबर हैं, जहां महिलाएं किसी समस्या में होने पर शिकायत दर्ज करा सकती हैं.
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चाइल्डलाइन नंबर है 1098
कोई भी 18 वर्ष से कम आयु की लड़की या बच्चा हिंसा या शोषण की स्थिति में इस नंबर से सहायता मांग जा सकता है. यह हेल्पलाइन नंबर बच्चों के लिए 24 घंटे की आपातकालीन फोन सेवा है. बाल विवाह, बाल श्रम, शारीरिक शोषण या खोये हुए बच्चों की सूचना देने के लिए या फिर किसी संकट बच्चे को आश्रय और चिकित्सा सहायता दिलाने के लिए इस नंबर से सहायता प्राप्त की जा सकती है.
साइबर क्राइम का शिकार होने पर करें 1930 पर कॉल
1930 साइबर क्राइम से जुड़े मामलों के लिए तैयार किया गया हेल्पलाइन नंबर है. पैसों के लेन-देन से जुड़ी ऑनलाइन धोखाधड़ी जैसे- बैंक फ्रॉड, ओटीपी चोरी या सोशल मीडिया से जुड़ी शिकायतों – हैकिंग एवं बुलिंग के लिए इसकी सहायता ली जा सकती है. पैसों की लेन-देन से जुड़ी धोखाधड़ी होने के तुरंत बाद (गोल्डन ऑवर में) इस पर कॉल करने से आपके पैसे वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है. आप www.cybercrime.gov.in पर भी शिकायत कर सकते हैं.
मेंटल हेल्थ के लिए 14416 से लें मदद
लंबे समय से तनाव का सामना करने, भरी चिंता में डूबे रहने या फिर आत्महत्या करने का विचार आने जैसी मानसिक समस्या का सामना करनेवाले व्यक्ति के लिए भारत सरकार की ओर से टेली मानस नामक हेल्पलाइन सेवा चलायी जा रही है. 14416 पर फोन करके आप किसी भी मानसिक समस्या के लिए मुफ्त परामर्श प्राप्त कर सकते हैं. इसके तहत समस्या के अनुसार विशेषज्ञ व काउंसलर से आपकी बात करायी जाती है और वे आपको आगे बढ़ने का मार्गदर्शन देते हैं.
यहां मांगे वरिष्ठ नागरिकों के लिए सहायता
बुजुर्गों की सुरक्षा, उनके स्वास्थ्य संबंधी परामर्श या उनके साथ होने वाले दुर्व्यवहार की शिकायतों के लिए 14567 नंबर पर फोन कर सहायता मांगी जा सकती है. यह नंबर उन्हें अकेलेपन से निपटने और कानूनी सहायता प्राप्त करने में मदद करता है.
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लेखक के बारे में
By Prachi Khare
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