ePaper

Gita Updesh: हर संकट में अडिग और अजेय बन जाने का रहस्य जानिए

Updated at : 07 Aug 2025 2:56 PM (IST)
विज्ञापन
Gita Updesh

Gita Updesh, Pic Credit- Freepik

Gita Updesh: क्या आपने कभी सोचा है कि कैसे कुछ लोग हर मुश्किल में अडिग, मजबूत और जीतने वाले बने रहते हैं? इसका जवाब हमें भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए भगवद गीता के अमूल्य उपदेशों में मिलता है.

विज्ञापन

Gita Updesh: जीवन में हर किसी को कठिनाइयों और संकटों का सामना करना पड़ता है. ऐसे समय में मन विचलित हो जाता है और हिम्मत टूटने लगती है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कैसे कुछ लोग हर मुश्किल में अडिग, मजबूत और जीतने वाले बने रहते हैं? इसका जवाब हमें भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए भगवद गीता के अमूल्य उपदेशों में मिलता है.

गीता के उपदेश क्यों हैं आज भी प्रासंगिक?

भगवद गीता महाभारत के युद्ध के बीच अर्जुन और भगवान कृष्ण के संवाद का नाम है. इसमें जीवन के हर पहलू पर गहरी शिक्षाएं छिपी हैं. चाहे तनाव हो, भय हो या उलझन, गीता का ज्ञान हमें सिखाता है कि कैसे स्थिर मन और सही सोच से हर मुश्किल को पार किया जा सकता है.

संकट में अडिग रहने का गीता का मंत्र

गीता में सबसे महत्वपूर्ण शिक्षा है, ‘कर्म करो, फल की चिंता मत करो.’ इसका मतलब है कि हमें अपने कर्तव्यों और मेहनत में पूरी लगन से जुट जाना चाहिए, न कि नतीजों की चिंता में. जब हम अपना काम पूरी ईमानदारी से करते हैं, तब मन स्थिर रहता है और भय दूर होता है.

ये भी पढ़ें: Gita Updesh: जो लोग ये 4 गीता उपदेश समझ जाते हैं, उन्हें जीवन में कभी डर नहीं लगता

ये भी पढ़ें: Gita Updesh: जीवन बदल देने वाले 5 अनमोल सूत्र जो हर इंसान को जानने चाहिए

मानसिक स्थिरता के लिए ध्यान और योग

गीता में भगवान कृष्ण ने अर्जुन को ध्यान और योग के महत्व के बारे में भी बताया है. जब हमारा मन चिंताओं और भावनाओं से भटकता है, तो ध्यान और योग हमें मानसिक शांति देते हैं. नियमित ध्यान से हम अपने अंदर की ताकत को पहचान पाते हैं और हर संकट में भी स्थिर रह सकते हैं.

भय और संदेह से लड़ना गीता का उपदेश

संकट के समय सबसे बड़ा दुश्मन होता है, भय और संदेह. गीता में कहा गया है कि हमें अपने डर को समझदारी और ज्ञान से हराना चाहिए. भगवान कृष्ण कहते हैं कि जो व्यक्ति अपने अहंकार और मोह से ऊपर उठ जाता है, वह अडिग और अजेय बन जाता है.

गीता का संदेश, जीवन में स्थिरता और आत्मविश्वास

गीता का सार यही है कि जीवन में स्थिरता, धैर्य और आत्मविश्वास बनाए रखें. चाहे कितनी भी कठिनाइयां आएं, हमें अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटना चाहिए. यही सोच हमें हर संकट में अडिग और अजेय बनाती है.

ये भी पढ़ें: Gita Updesh: भगवद गीता से सीखें सफलता और शांति पाने के बेहतरीन तरीके

ये भी पढ़ें: Gita Updesh: अगर जीवन में उलझे हो तो पढ़ो गीता के ये शब्द, जवाब मिल जाएगा

Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. प्रभात खबर इसकी पुष्टि नहीं करता है.

विज्ञापन
Shubhra Laxmi

लेखक के बारे में

By Shubhra Laxmi

शुभ्रा लक्ष्मी लाइफस्टाइल और हेल्थ राइटर हैं। प्रभात खबर के साथ एक साल से जुड़ाव। हेल्थ, फैशन, फूड और न्यूमरोलॉजी में गहरी रुचि। इमोशनल डेप्थ और मोटिवेशनल इनसाइट्स के साथ लिखने का शौक।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola