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Gita Updesh: अगर जीवन में उलझे हो तो पढ़ो गीता के ये शब्द, जवाब मिल जाएगा

Updated at : 01 Aug 2025 1:17 PM (IST)
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Gita Updesh

Gita Updesh

Gita Updesh: भगवद गीता, जिसे स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कुरुक्षेत्र में दिया था, आज भी उतनी ही प्रासंगिक है. इसमें छिपे उपदेश हर परिस्थिति में सच्ची राह दिखा सकते हैं. अगर आप भी जीवन में उलझन महसूस कर रहे हैं, तो गीता के ये शब्द आपके लिए मार्गदर्शक बन सकते हैं.

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Gita Updesh: जीवन में कई बार ऐसे मोड़ आते हैं जब हमें लगता है कि सब कुछ खत्म हो गया है. सवाल बहुत होते हैं, लेकिन जवाब कहीं नहीं मिलता. ऐसे समय में हमारे शास्त्रों में दर्ज ज्ञान ही हमें रास्ता दिखाता है. भगवद गीता, जिसे स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कुरुक्षेत्र में दिया था, आज भी उतनी ही प्रासंगिक है. इसमें छिपे उपदेश हर परिस्थिति में सच्ची राह दिखा सकते हैं. अगर आप भी जीवन में उलझन महसूस कर रहे हैं, तो गीता के ये शब्द आपके लिए मार्गदर्शक बन सकते हैं.

Gita Updesh: “कर्म किए जा, फल की चिंता मत कर”

गीता का सबसे प्रसिद्ध उपदेश यही है. यह हमें सिखाता है कि हमें अपने कार्य पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करने चाहिए, लेकिन उनके परिणाम की चिंता नहीं करनी चाहिए. जब हम फल की चिंता छोड़ देते हैं, तब मन शांत रहता है और कर्म में सच्चा समर्पण आता है.

Gita Updesh: जो हुआ, वह अच्छा हुआ, जो होगा, वह भी अच्छा ही होगा

यह श्लोक हमें स्वीकार्यता सिखाता है. जीवन में जो कुछ भी होता है, वह हमारे अच्छे के लिए होता है. यह सोच हमें दुख से बाहर निकलने की शक्ति देती है. इससे आत्मविश्वास और मानसिक शांति मिलती है.

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Gita Updesh: मन ही मनुष्य का मित्र है और मन ही शत्रु

अगर आप खुद को संभालना चाहते हैं, तो अपने मन को समझना जरूरी है. गीता कहती है कि हमारा मन ही सबसे बड़ा सहारा है, लेकिन अगर उस पर नियंत्रण न हो तो वही हमारा सबसे बड़ा शत्रु बन जाता है.

Gita Updesh: अहंकार, लालच और मोह, विनाश की जड़ हैं

जीवन में दुख और तनाव का बड़ा कारण यही हैं. जब हम इन भावनाओं से घिरे होते हैं, तो सही निर्णय लेना मुश्किल हो जाता है. गीता हमें इनसे दूर रहकर शांत और संयमित जीवन जीने की प्रेरणा देती है.

Gita Updesh: शांति भीतर से आती है, बाहर की चीजें सिर्फ भ्रम हैं

अगर आप शांति ढूंढ रहे हैं तो बाहर नहीं, अपने भीतर झांकिए. गीता बताती है कि आत्मज्ञान और ध्यान से ही सच्ची शांति मिलती है. बाहरी वस्तुएं सिर्फ मन को उलझाती हैं.

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Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. प्रभात खबर इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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Shubhra Laxmi

लेखक के बारे में

By Shubhra Laxmi

शुभ्रा लक्ष्मी लाइफस्टाइल और हेल्थ राइटर हैं। प्रभात खबर के साथ एक साल से जुड़ाव। हेल्थ, फैशन, फूड और न्यूमरोलॉजी में गहरी रुचि। इमोशनल डेप्थ और मोटिवेशनल इनसाइट्स के साथ लिखने का शौक।

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