ePaper

Chanakya Niti: व्यक्ति की ये दो आदतें बन जाती हैं दुखों का कारण

Updated at : 04 Apr 2025 9:29 AM (IST)
विज्ञापन
Chanakya Niti

Chanakya Niti

Chanakya Niti: चाणक्य नीति के अनुसार गुस्सा और घमंड व्यक्ति के दुखों का मुख्य कारण बनते हैं. ये आदतें जीवन को बर्बादी की ओर ले जाती हैं.

विज्ञापन

Chanakya Niti: चाणक्य के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति के स्वभाव में गुस्सा और घमंड आ जाए, तो उसे बर्बाद करने के लिए किसी बाहरी शत्रु की जरूरत नहीं होती, क्योंकि ये दोनों आदतें खुद ही उसे दुखों की ओर ले जाती हैं.

चाणक्य की यह नीति आज भी उतनी ही प्रासंगिक है जितनी प्राचीन काल में थी. आइए जानते हैं कि ये आदतें क्यों विनाशकारी हैं और इनसे कैसे बचा जा सकता है.

Chanakya Thoughts on Anger: सोचने-समझने की शक्ति खत्म कर देता है गुस्सा

Harmful effects of lack of sleep: नींद ना पूरी होने के कारण हो रहा है चिड़चिड़ापन? तो ये उपाय हैं आपके लिए
Chanakya thoughts on anger

चाणक्य नीति के अनुसार दुखों का कारण क्या है?

गुस्सा एक ऐसा दुर्गुण है जो व्यक्ति की तर्कशक्ति और निर्णय लेने की क्षमता को कमजोर कर देता है. जब हम गुस्से में होते हैं, तो अक्सर बिना सोचे-समझे कोई ऐसा कदम उठा लेते हैं जिसका पछतावा बाद में होता है.

गुस्से के नुकसान

  1. रिश्ते खराब हो जाते हैं.
  2. मानसिक तनाव बढ़ जाता है.
  3. गलत फैसले लेने की संभावना बढ़ जाती है.
  4. सामाजिक और पेशेवर जीवन प्रभावित होता है.

कैसे बचें:

  • गहरी सांस लें और खुद को शांत करने की कोशिश करें.
  • गुस्से के समय तुरंत कोई प्रतिक्रिया देने से बचें.
  • मेडिटेशन और योग का सहारा लें.

Chanakya Thoughts on Ego: सफलता को नष्ट कर सकता है घमंड

Chanakya thoughts on ego

घमंड व्यक्ति को वास्तविकता से दूर कर देता है. जब किसी को अपनी उपलब्धियों पर अत्यधिक गर्व हो जाता है, तो वह दूसरों को तुच्छ समझने लगता है और खुद को सबसे श्रेष्ठ मानने लगता है.

घमंड क्यों नहीं करना चाहिए

  1. करीबी रिश्तों में दूरियां आ जाती हैं.
  2. व्यक्ति सीखने की इच्छा खो देता है.
  3. सफलता स्थायी नहीं रहती, क्योंकि घमंड विनाश की जड़ बन जाता है.
  4. समाज में इज्जत कम होने लगती है.

कैसे बचें

  • हमेशा विनम्र बने रहें और दूसरों की इज्जत करें.
  • अपनी गलतियों से सीखें और आत्ममूल्यांकन करें.
  • जीवन में संतुलन बनाए रखें और अहंकार को त्यागें.

चाणक्य नीति हमें सिखाती है कि गुस्सा और घमंड व्यक्ति के जीवन में दुख और बर्बादी लाने वाले सबसे बड़े कारण हैं. यदि हम इन आदतों पर नियंत्रण नहीं रखते, तो हमारा आत्म-विनाश निश्चित है. इसलिए, सफलता और सुखी जीवन के लिए हमें चाणक्य की इस सीख को अपनाना चाहिए और अपने स्वभाव में संयम और विनम्रता लानी चाहिए.

Also Read: Sadhguru Quotes: जीवन हमारे भीतर है बाकी सब तो बस सामग्री है – सद्गुरु

Also Read: Jaya Kishori Quotes: आपके सारे कंफ्यूजन का एकमात्र हल है श्रीमद्भगवद गीता- जया किशोरी

विज्ञापन
Pratishtha Pawar

लेखक के बारे में

By Pratishtha Pawar

मैं लाइफस्टाइल कंटेंट राइटर हूं, मीडिया जगत में 5 साल का अनुभव है. मुझे लाइफस्टाइल, फैशन, ब्यूटी, वेलनेस और आध्यात्मिक विषयों पर आकर्षक और दिलचस्प कंटेंट लिखना पसंद है, जो पाठकों तक सही और सटीक जानकारी पहुंचा सके.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola