गर्भवती महिलाओं के लिए खतरा बना प्रदूषण, रिसर्च में सामने आई जन्म से जुड़ी चौंकाने वाली बात

Published by : Neha Kumari Updated At : 06 Jun 2025 2:22 PM

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Air pollution increase risk Premature Birth america university study says

Premature Birth: वायु प्रदूषण का गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ पर बहुत खराब असर पड़ता है. अमेरिका के एमोरी विश्वविद्यालय की एक स्टडी से पता चला है कि वायु प्रदूषण के कारण महिलाओं में समय से पहले बच्चों को जन्म देने की समस्या बढ़ रही है.

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Premature Birth: दिन पर दिन वायु प्रदूषण की समस्या बढ़ती जा रही है और इसके साथ बढ़ रहा वायु प्रदूषण से होने वाली बीमारियों का खतरा. वायु प्रदूषण से गर्भवती महिलाओं को कई तरह की बीमारियों होने का खतरा होता है. हाल ही में अमेरिका में एमोरी विश्वविद्यालय की एक स्टडी से पता चला कि वायु प्रदूषण की वजह से प्रीमैच्योर बर्थ यानी समय से पहले ही बच्चों को जन्म देने का खतरा बढ़ता है.

एमोरी विश्वविद्यालय के रिसर्चर्स ने अटलांटा महानगरीय क्षेत्र में 330 अफ्रीकी अमेरिकी गर्भवती महिलाओं पर रिसर्च किया. रिसर्च के लिए महिलाओं के खून का सैंपल लिया गया था, जिसकी जांच कर पता चला कि शहर के बीचों-बीच यानी डाउनटाउन और मिडटाउन में रहने वाली महिलाओं को, शहर के बाहर रहने वाली महिलाओं के मुकाबले, एक साल में ज्यादा प्रदूषण झेलना पड़ा. इसकी बड़ी वजह है गाड़ियों से निकलने वाला धुआं, जो पीएम 2.5 जैसे खतरनाक प्रदूषण को बढ़ाता है. शोधकर्ताओं द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक 330 महिलाओं में से 66 महिलाओं ने समय से पहले ही बच्चे को जन्म दिया जबकि 54 महिलाओं ने समय पर बच्चों को जन्म दिया.

इस स्टडी में वैज्ञानिकों ने दो चीजों की पहचान की ‘कॉर्टेक्सोलोन’ और ‘लाइसोपीई (20:3)’, जिनका जुड़ाव हवा में फैले प्रदूषण और समय से पहले डिलीवरी (प्रीमैच्योर बर्थ) से पाया गया. ‘कॉर्टेक्सोलोन’ एक तरह का हार्मोन (ग्लूकोकॉर्टिकॉइड) है जो हमारे शरीर में मेटाबोलिज्म (पाचन), सूजन और इम्यून सिस्टम को नियंत्रित करने में मदद करता है. वहीं ‘लाइसोपीई (20:3)’ एक खास किस्म का फैट (लिपिड) है, जो कोशिकाओं के कामकाज के लिए जरूरी होता है.

यह स्टडी एनवायरनमेंटल साइंस एंड टेक्नोलॉजी नाम की पत्रिका में छपी है. इसमें यह भी बताया गया कि वायु प्रदूषण की वजह से शरीर में प्रोटीन को पचाने और अवशोषित करने की क्षमता कम हो सकती है, जो बच्चे के विकास और उसकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) के लिए जरूरी होती है.

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नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें लेखन के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. पिछले छह महीनों से वे राशिफल और धर्म से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. उनका मुख्य कार्य व्रत-त्योहारों, पौराणिक कथाओं और भारतीय रीति-रिवाजों से जुड़ी जानकारी को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. नेहा का हमेशा यह प्रयास रहता है कि वे कठिन से कठिन विषय को भी इतना आसान और रोचक बना दें कि हर कोई उसे सहजता से पढ़ और समझ सके. उनका मानना है कि यदि धर्म और संस्कृति से जुड़ी जानकारी सरल शब्दों में मिले, तो लोग अपनी परंपराओं से बेहतर तरीके से जुड़ पाते हैं. डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने प्रभात खबर में ही ‘नेशनल’ और ‘वर्ल्ड’ डेस्क पर छह महीने की इंटर्नशिप के साथ की थी. इस दौरान उन्होंने रियल-टाइम खबरों पर काम करना, तेजी और सटीकता के साथ कंटेंट लिखना, ट्रेंडिंग विषयों की पहचान करना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उनकी न्यूज़ सेंस, लेखन क्षमता और खबरों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की समझ को और अधिक मजबूत बनाया.

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