डीसी के प्रयास से परिजनों से मिली महाराष्ट्र की मीठा बाई, लॉकडाउन में भटक कर पहुंची थी लातेहार

Jharkhand news, Latehar news : लॉकडाउन के दौरान भटक कर लातेहार आयी महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले के कोलगर गांव निवासी 60 वर्षीय मीठा बाई को रविवार को डीसी अबु इमरान ने उसके पुत्र पांडुरम कुंभ्लैय को सौंप दिया. जिला मुख्यालय के परिसदन भवन में मीठा बाई ने अपने पुत्र को देखते ही गले लगा लिया और दोनों के आंसू छलक गये. गांव के सरपंच परमेश्वर तुपे और चौकीदार अनिल बाऊरे भी मीठा बाई को लेने लातेहार पहुंचे थे. काफी देर तक सभी लोग अपनी मातृभाषा (मराठी) में बात करते रहे. इसके बाद मीठा बाई ने अपनी भाषा में 8 माह पहले की कहानी पुत्र और सरपंच को बतायी.
Jharkhand news, Latehar news : लातेहार (चंद्रप्रकाश सिंह) : लॉकडाउन के दौरान भटक कर लातेहार आयी महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले के कोलगर गांव निवासी 60 वर्षीय मीठा बाई को रविवार को डीसी अबु इमरान ने उसके पुत्र पांडुरम कुंभ्लैय को सौंप दिया. जिला मुख्यालय के परिसदन भवन में मीठा बाई ने अपने पुत्र को देखते ही गले लगा लिया और दोनों के आंसू छलक गये. गांव के सरपंच परमेश्वर तुपे और चौकीदार अनिल बाऊरे भी मीठा बाई को लेने लातेहार पहुंचे थे. काफी देर तक सभी लोग अपनी मातृभाषा (मराठी) में बात करते रहे. इसके बाद मीठा बाई ने अपनी भाषा में 8 माह पहले की कहानी पुत्र और सरपंच को बतायी.
सरपंच श्री तुपे ने बताया कि वह अपने गांव औरंगाबाद जिले के कोलगर जाना चाह रही थी. इसी दौरान वहां के प्रवासी मजदूर बिहार के औरंगाबाद का समझ कर मीठा बाई को अपने साथ बिहार आने वाली गाड़ी में बैठा लिया. औरंगाबाद पहुंचने पर सभी लोग किसी तरह अपने घर चले गये, लेकिन मीठा बाई एक बार फिर भटक कर औरंगाबाद से लातेहार जिले के बालुमाथ पहुंच गयी. वहां पहुंचने पर उसे बारिखाप के कोविड केयर सेंटर में रखा गया. जून माह में सेंटर को बंद करने के बाद उसे जिला मुख्यालय में संचालित गुरुकुल में रखा गया.
मीठा बाई हिंदी नहीं जानकी है, इसके कारण उन्हें काफी परेशानी हुई. उनके पुत्र ने बताया कि मेरी मां का स्वास्थ्य काफी गिर गया है. हिंदी भाषा का ज्ञान नहीं रहने के कारण अपनी जरूरत के अनुसार किसी को कुछ बता नहीं पा रही थी जिसके कारण उनके खानपान को लेकर भी थोड़ी परेशानी सभी को हुई.
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डीसी श्री इमरान के जिला में योगदान देने के बाद समाज कल्याण पदाधिकारी प्रीती सिन्हा ने उन्हे मीठा बाई के बारे में बताया. इसके बाद डीसी ने महाराष्ट्र में अपने एयर फोर्स में कार्यरत मित्र समीर वानखेडे से इस बात का जिक्र किया. इसके बाद औरंगाबाद कलक्टर से महिला के गांव की जानकारी ली और औरंगाबाद के कलक्टर से संपर्क कर मामले की पूरी जानकारी दी.
उन्होंने गांव के सरपंच की काफी सराहना करते हुए कहा कि पंचायत प्रतिनिधि का कर्तव्य निर्वहन करना आसान नहीं है. ऐसे प्रतिनिधियों से पंचायत और राज्य का नाम रोशन होता है. इस दौरान जिला प्रशासन की ओर से मीठा बाई को उपहार देकर डीसी ने लातेहार से विदा किया. मौके पर नगर पंचायत उपाध्यक्ष नवीन कुमार सिन्हा समेत कई उपस्थित थे.
Posted By : Samir Ranjan.
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