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बंगाल में सबसे ज्यादा 74,553 वोटर के नाम चौरंगी में कटे, ममता बनर्जी के विधानसभा में 44,787

16 Dec, 2025 5:29 pm
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SIR Bengal Draft Roll West Bengal Chunav Mamata Banerjee Suvendu Adhikari

ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के निर्वाचन क्षेत्र में भी कटे मतदाताओं के नाम. फोटो : प्रभात खबर

SIR Draft Roll West Bengal: पश्चिम बंगाल में एसआईआर के बाद चुनाव आयोग ने मसौदा सूची का प्रकाशन कर दिया है. बंगाल में सबसे ज्यादा 74,553 वोटर के नाम कोलकाता के चौरंगी विधानसभा क्षेत्र में कटे हैं. इस सीट से ममता बनर्जी के करीबी नेता सुदीप बंद्योपाध्याय की पत्नी नयना बंद्योपाध्याय चुनाव लड़तीं हैं. ममता बनर्जी के निर्वाचन क्षेत्र भवानीपुर में 44 हजार से अधिक नाम काटे गये हैं. शुभेंदु अधिकारी और बंगाल सरकार के प्रभावशाली मंत्रियों के क्षेत्र में कितने मतदाताओं के नाम कटे हैं, यहां पढ़ें.

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SIR Draft Roll West Bengal: चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले एसआईआर मसौदा सूची का प्रकाशन कर दिया है. 58 लाख से अधिक लोगों के नाम मतदाता सूची से काट दिये गये हैं. चुनाव आयोग ने जो आंकड़े जारी किये हैं, कई सीटें ऐसी हैं, जहां तृणमूल कांग्रेस का प्रभाव है. मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी के विधानसभा क्षेत्र भवानीपुर भी ऐसा ही क्षेत्र है.

नंदीग्राम में 10,599 मतदाताओं के नाम काटे गये

भवानीपुर, जहां से ममता बनर्जी चुनी गयीं हैं, में 44,787 लोगों के नाम वोटर लिस्ट से काट दिये गये हैं. वहीं, नंदीग्राम विधानसभा सीट, जहां से ममता बनर्जी ने वर्ष 2021 का चुनाव लड़ा था, में 10,599 वोटर्स के नाम मतदाता सूची से काट दिये गये हैं. नंदीग्राम में भाजपा के टिकट पर शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को पराजित किया था.

चौरंगी विधानसभा क्षेत्र में कटे सबसे ज्यादा वोटर के नाम

भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में जनवरी 2025 में 2,06,295 मतदाता सूचीबद्ध थे. इनमें से 44,787 नाम हटा दिये गये. नंदीग्राम में 2,78,212 मतदाताओं में से 10,599 के नाम काट दिये गये. पश्चिम बंगाल के 294 विधानसभा क्षेत्रों में सबसे अधिक 74,553 मतदाताओं के नाम उत्तर कोलकाता के चौरंगी में काटे गये हैं. इस विधानसभा का नेतृत्व तृणमूल कांग्रेस की नेता नयना बंद्योपाध्याय करतीं हैं.

फिरहाद हकीम के क्षेत्र में 63,730 मतदाता नहीं दे सकेंगे वोट

पश्चिम बंगाल सरकार के वरिष्ठ मंत्री और कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम के निर्वाचन क्षेत्र कोलकाता पोर्ट से 63,730 नाम हटाये गये हैं. मंत्री आरूप विश्वास के चुनाव क्षेत्र टॉलीगंज में 35,309 नाम हटाये गये हैं. जिन अन्य क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाये गये हैं, उनमें शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु का निर्वाचन क्षेत्र दमदम (33,862 नाम), वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य के चुनाव क्षेत्र उत्तर दमदम (33,912 नाम) और मंत्री इंद्रनील सेन के निर्वाचन क्षेत्र चंदननगर (25,478 नाम) शामिल हैं.

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जिला स्तर पर सबसे अधिक नाम दक्षिण 24 परगना में हटाये गये

जिला स्तर पर सबसे अधिक 8,16,047 नाम दक्षिण 24 परगना में हटाये गये. मतदाता सूची में इस व्यापक संशोधन की तुलना बिहार से की जा रही है, जहां इस वर्ष की शुरुआत में इसी तरह की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया में लगभग 65 लाख मतदाताओं के नाम मसौदा सूची से बाहर कर दिये गये थे. राजनीतिक दलों ने इसका जोरदार विरोध किया था.

इन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाये गये

  • 24 लाख से अधिक ‘मृत’ मतदाता
  • 12 लाख से अधिक मतदाता जो अपने पंजीकृत पते पर नहीं मिले
  • 20 लाख मतदाता अपने पिछले निर्वाचन क्षेत्रों में नहीं रह रहे
  • 1.38 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में 2 बार दर्ज हैं
  • 57,000 से अधिक मतदाताओं के नाम गणना के दौरान सामने आयी अन्य जटिलताओं के आधार पर हटोय गये
  • 7,08,16,631 मतदाताओं के नाम हो सकते हैं मसौदा मतदाता सूची में

SIR Draft Roll West Bengal: चुनाव आयोग ने जारी की बूथवार विस्तृत सूची

पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव की संभावना को देखते हुए मतदाता सूची का मसौदा, बूथवार विस्तृत सूची, जिसमें हटाये गये मतदाताओं के नाम और हटाने के कारण शामिल हैं, पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) की वेबसाइट, निर्वाचन आयोग के मतदाता पोर्टल और ईसीआईएनईटी ऐप पर उपलब्ध करा दिये गये हैं.

58 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाये गये

निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद मंगलवार को पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची का मसौदा प्रकाशित किया. अधिकारियों ने बताया कि मृत्यु, पलायन और गणना प्रपत्र जमा नहीं करने सहित विभिन्न कारणों से 58,20,898 लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिये गये हैं. राज्य में मतदाताओं की संख्या 7.66 करोड़ से घटकर 7.08 करोड़ रह गयी है. प्रभावित मतदाताओं के लिए सुनवाई की प्रक्रिया लगभग एक सप्ताह में शुरू होगी. बंगाल में 4 नवंबर से 11 दिसंबर तक एसआईआर अभ्यास के बाद मसौदा मतदाता सूची जारी की गयी है.

बंगाल के बड़े नेता और ऐसे क्षेत्र जहां सबसे ज्यादा मतदाताओं के नाम काटे गये

नेता का नामविधानसभा क्षेत्रहटाये गये वोटर की संख्या
ममता बनर्जीभवानीपुर44,787
शुभेंदु अधिकारीनंदीग्राम10,599
नयना बंद्योपाध्यायचौरंगी74,553
फिरहाद हकीमकोलकाता पोर्ट63,730
अरूप विश्वासटॉलीगंज35,309
ब्रात्य बसुदमदम33,862
चंद्रिमा भट्टाचार्यउत्तर दमदम33,912
इंद्रनील सेनचंदननगर25,478
Source : CEO West Bengal

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवरेज करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है

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