मालदा में 278 मतदाताओं को री-वेरिफिकेशन का नोटिस, नाराज लोगों ने चुनाव आयोग के खिलाफ की नारेबाजी

चुनाव आयोग के नोटिस से नाराज मालदा के लोगों ने किया प्रदर्शन.
SIR Bengal: पश्चिम बंगाल में एसआईआर के बाद चुनाव आयोग ने मसौदा सूची जारी कर दी. सूची जारी करने के बाद मालदा जिले के एक ही गांव के 278 मतदाताओं को री-वेरिफिकेशन का नोटिस आया, तो लोग परेशान हो गये. इन्होंने बीएलओ, बीडीओ और चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. आरोप लगाया कि बीजेपी के कहने पर चुनाव आयोग लोगों को परेशान कर रहा है.
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SIR Bengal: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले स्पेशल इंटेंसिव रिवजीन (एसआईआर) के बाद चुनाव आयोग ने मसौदा सूची जारी कर दी. इसके बाद मालदा के 278 लोगों को री-वेरिफिकेशन के लिए बुलाया गया, तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. ये लोग सड़कों पर उतर आये और चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ), बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) और चुनाव आयोग के खिलाफ भी नारेबाजी की.
एक ही गांव के 278 लोगों को चुनाव आयोग का नोटिस
लोगों का कहना था कि वोटर लिस्ट जारी होने के बाद एक ही गांव के 278 लोगों के नाम उससे क्यों काट दिये गये, बीएलओ, बीडीओ और चुनाव आयोग को इसका जवाब देना होगा. उन्होंने कहा कि उन्होंने एसआईआर के समय सारे दस्तावेज प्रस्तुत किये थे. सभी कागजात सही थे. फिर भी 278 लोगों को फिर से वेरिफिकेशन के लिए चुनाव आयोग की ओर से नोटिस जारी किया गया है. बीएलओ को भी नहीं मालूम कि इन 278 लोगों को क्यों बुलाया गया है.
SIR Bengal: आयोग का नोटिस मिलने से महमूद मियां परेशान
ग्रामीणों ने कहा कि बूथ लेवल ऑफिसर कहते हैं कि री-वेरिफिकेशन के लिए बुलाया गया है. वह यह बता पाने में असमर्थ हैं कि री-वेरिफिकेशन क्यों हो रहा है. वोटर महमूद मियां ने कहा कि इस नोटिस की वजह से बहुत दिक्कतें हो रहीं हैं.
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रिजाउल ने कहा- बीजेपी के कहने पर परेशान कर रहा चुनाव आयोग
एक अन्य वोटर रिजाउल करीम ने कहा कि सभी के नाम वोटर लिस्ट में आ गये थे. अब बीएलओ कह रहे हैं कि 278 लोगों का री-वेरिफिकेशन होगा. आखिर क्यों होगा री-वेरिफिकेशन, इस बारे में पूछने पर बीएलओ के पास कोई सही जानकारी नहीं है. री-वेरिफिकेशन में क्या होगा, यह कैसे होगा, कोई कुछ नहीं बता पा रहा है. हम परेशान हैं. मतिउर रहमान ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कहने पर चुनाव आयोग लोगों को परेशान कर रहा है. बीएलओ को भी कोई जानकारी नहीं है.
बीडीओ बोले- नोटिस से बंगाल के लोगों को डरने की जरूरत नहीं
प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) ने इस संबंध में पूछने पर कहा कि बंगाल के लोग चिंतित न हों. एसआईआर की पूरी प्रक्रिया चुनाव आयोग की देखरेख में हो रहा है. मसौदा मतदाता सूची में अगर कोई छोटी-मोटी गलती है, तो उसमें सुधार हो जायेगा. किसी मतदाता को कोई परेशानी नहीं होगी.
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By Mithilesh Jha
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