अभिषेक बनर्जी का भाजपा व चुनाव आयोग पर निशाना, बोले- अब SIR का खेल खत्म

Abhishek Banerjee: अभिषेक बनर्जी ने कहा कि अभी अदालत में भाजपा को हराया गया है और आगे चुनाव में भी हराया जायेगा. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश को भाजपा के गाल पर तमाचा बताया और आरोप लगाया कि भाजपा बंगाल के लोगों के मौलिक अधिकार छीनना चाहती थी.
मुख्य बातें
Abhishek Banerjee: बारासात. तृणमूल कांग्रेस के सांसद व राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि राजनीतिक रूप से मुकाबला न कर पाने के कारण भाजपा चुनाव आयोग और केंद्रीय एजेंसियों की मदद से चुनाव जीतना चाहती है. अभिषेक बनर्जी उत्तर 24 परगना के बारासात स्थित काछारी मैदान में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे.
तृणमूल की पक्ष सुप्रीम कोर्ट में स्वीकार
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि एसआइआर को लेकर तृणमूल कांग्रेस की ओर से दायर मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है.अब तक की सुनवाई में ही भाजपा का खेल पूरी तरह खत्म हो गया है. उन्होंने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल के तर्कों को स्वीकार कर लिया है और चुनाव आयोग को एसआइआर प्रक्रिया से जुड़े कई अहम निर्देश दिये हैं. अदालत के निर्देश के बाद अब आयोग को लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी श्रेणी में रखे गये मतदाताओं की सूची ग्राम स्तर पर जारी करनी होगी.
1.25 करोड़ वोटरों के नाम हटाने की थी साजिश
तृणमूल सांसद ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव आयोग के साथ मिलकर साजिश के तहत 1.25 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन अब आयोग को सूची जारी करनी ही होगी. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग पहले सूची जारी नहीं करने की बात कह रहा था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उसे ऐसा करना पड़ेगा. सुनवाई के दौरान बीएलए टू की भी मौजूदगी रहेगी.
उत्तर 24 परगना की मिट्टी है भाग्यशाली
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि उत्तर 24 परगना की मिट्टी उनके लिए लकी है और इस मिट्टी का स्पर्श विजय का प्रतीक है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में बांग्ला बोलने वालों को बांग्लादेशी बताकर प्रताड़ित किया जाता है. अभिषेक बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के कई नेताओं पर बंगाल के महापुरुषों के नाम सही ढंग से उच्चारित न कर पाने को लेकर कटाक्ष किया. उन्होंने कहा कि जिन्हें बंगाल का एक शब्द सही से बोलना नहीं आता, वे सोनार बांग्ला बनाने की बात करते हैं और बंगाल में जीत की उम्मीद रखते हैं.
भाजपा को हराने की अपील
उन्होंने भाजपा पर नागरिकता के नाम पर झूठे वादे करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि आज नेताजी सुभाष चंद्र बोस, स्वामी विवेकानंद, राजा राममोहन राय, कवि गुरु रवींद्रनाथ टैगोर और ईश्वर चंद्र विद्यासागर जीवित होते, तो भाजपा उन्हें भी चुनाव आयोग का नोटिस भेज देती. उन्होंने उत्तर 24 परगना के लोगों से आगामी विधानसभा चुनाव में जिले की सभी 33 सीटों पर भाजपा को शून्य करने का आह्वान किया.
चुनाव में भाजपा से पैसे लें, लेकिन वोट न दें
अभिषेक बनर्जी ने लोगों से अपील की कि चुनाव के दौरान यदि भाजपा पैसा दे तो पैसा ले लें, लेकिन वोट न दें, क्योंकि वह पैसा जनता का ही है. उन्होंने कहा कि यह चुनाव केवल तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी को जिताने का नहीं, बल्कि भाजपा को सबक सिखाने का चुनाव है. उन्होंने केंद्र सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि भाजपा अपने शासनकाल में उत्तर 24 परगना जिले के लिए किये गये कार्यों का रिपोर्ट कार्ड पेश करे. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा केवल हिंदू मुस्लिम की राजनीति करती है, विकास की नहीं.
केंद्र पर बंगाल का करीब दो लाख करोड़ बकाया
अभिषेक ने कहा कि केंद्र सरकार पर पश्चिम बंगाल का करीब दो लाख करोड़ रुपये बकाया है. यदि इसे 294 विधानसभा सीटों में बांटा जाये, तो प्रत्येक क्षेत्र को लगभग 680 करोड़ रुपये मिलेंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र ने आवास योजना, 100 दिन के रोजगार और अन्य कई योजनाओं के पैसे रोक रखे हैं, लेकिन किसी भाजपा नेता ने इसके लिए कभी केंद्र को पत्र नहीं लिखा.
पांच मृत घोषित लोगों को मंच पर लाये
सभा के दौरान अभिषेक बनर्जी मंच पर पांच लोगों को लेकर आये और कहा कि अब्दुल लतीफ मंडल, अनीता चक्रवर्ती, शीला घोष, कमला घोष और सोमेश्वर कर्मकार को चुनाव आयोग ने मृत घोषित कर दिया है, जबकि वे जीवित हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि चुनाव आयोग को आंखों से दिखायी भी नहीं देता. उन्होंने दावा किया कि 58 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे गये हैं और कितने लोग वास्तव में बांग्लादेशी थे, इसकी सूची चुनाव आयोग को सार्वजनिक करनी होगी. उन्होंने कहा कि अब पीएम मोदी बताइये, ज्यादा ताकतवर कौन है, पश्चिम बंगाल के 10 करोड़ लोग या भाजपा के जमींदार, बाहर से आये उत्पीड़क या मेहनतकश जनता.
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लेखक के बारे में
By Ashish Jha
डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.
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