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दो लाख के इनामी पीएलएफआई एरिया कमांडर दीत नाग को खूंटी पुलिस ने किया गिरफ्तार

Updated at : 01 Aug 2020 6:56 PM (IST)
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दो लाख के इनामी पीएलएफआई एरिया कमांडर दीत नाग को खूंटी पुलिस ने किया गिरफ्तार

खूंटी (चंदन कुमार) : झारखंड के खूंटी जिला में आतंक का पर्याय माने जाने वालेे पीएलएफआई के एरिया कमांडर दीत नाग को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. वह दो लाख रुपये का इनामी उग्रवादी है. पुलिस ने उसके पास से एक लोडेड देसी पिस्टल, एके-47 की 11 गोलियां, पिट्ठू, पीएलएफआई की रसीद और पर्चा बरामद किये हैं. एसपी आशुतोष शेखर ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके यह जानकारी दी.

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खूंटी (चंदन कुमार) : झारखंड के खूंटी जिला में आतंक का पर्याय माने जाने वालेे पीएलएफआई के एरिया कमांडर दीत नाग को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. वह दो लाख रुपये का इनामी उग्रवादी है. पुलिस ने उसके पास से एक लोडेड देसी पिस्टल, एके-47 की 11 गोलियां, पिट्ठू, पीएलएफआई की रसीद और पर्चा बरामद किये हैं. एसपी आशुतोष शेखर ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके यह जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर उसे अड़की और मुरहू पुलिस की संयुक्त टीम ने विशेष छापामारी अभियान चलाकर अड़की थाना क्षेत्र के चाड़ाडीह रायतोड़ांग के जंगल से गिरफ्तार किया है. वह किसी घटना को अंजाम देने की फिराक में यहां पहुंचा था. दीत नाग बंदगांव, मुरहू और अड़की क्षेत्र में सक्रिय था. उसके खिलाफ मुरहू थाना में 15 और अड़की थाना में 5 मामले दर्ज हैं. इसमें 7 मामले हत्या के हैं.

एसपी ने कहा कि दीत नाग की गिरफ्तारी खूंटी पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि है. लंबे समय से पुलिस को उसकी तलाश थी. उन्होंने बताया कि उसके दस्ते के ज्यादातर लोग या तो मारे जा चुके हैं या पकड़े जा चुके हैं. दीत नाग पीएलएफआई का एरिया कमांडर है. 25 साल की उम्र में ही वह अड़की, मुरहू और बंदगांव क्षेत्र में आतंक का पर्याय बन गया. चार साल से लोग उसके नाम से घबराते थे. उसने लगभग सात हत्याकांडों को अंजाम दिया है.

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बेहद क्रूर है दीत नाग

एसपी ने बताया कि दीत नाग इतना क्रूर है कि मामूली विवाद में अपने एक चचेरे भाई जितेंद्र मुंडा की हत्या कर दी थी. हत्या के बाद शव के टुकड़े-टुकड़े करके फेंक दिये. पीएलएफआई में वह जोनल कमांडर रहे प्रभु सहाय बोदरा के साथ काम करता था. 29 जनवरी, 2019 को अड़की के तिरला में पुलिस और पीएलएफआई के बीच हुई मुठभेड़ में वह बच निकला था.

उस मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी थी. पूर्व में वह एके 47 का प्रयोग करता था. तिरला मुठभेड़ में एके-47 को छोड़कर वह भाग निकला था. उक्त मुठभेड़ में प्रभु सहाय बोदरा समेत पांच उग्रवादी मारे गये थे. भैयाराम मुंडा हत्याकांड में भी दीत नाग शामिल था.

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गिरफ्तारी अभियान में एएसपी (अभियान) अनुराग राज, एसडीपीओ आशीष कुमार महली, इंस्पेक्टर राधेश्याम दास, अड़की थाना प्रभारी पंकज कुमार दास, मुरहू थाना प्रभारी पप्पू कुमार शर्मा, मुरहू थाना के पुअनि दीपक कुमार सिंह, अड़की थाना के पुअनि पवन कुमार, शिवम् राज, जयदेव सराक, विवेक महतो, संजय राय और सशस्त्र बल शामिल थे.

Posted By : Mithilesh Jha

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