कैमूर में बिजली विभाग की लापरवाही, नौ साल बाद भी नहीं लगा मीटर, 27 हजार का आया बिल

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 17 Apr 2022 1:54 PM

विज्ञापन

कैमूर के नुआंव प्रखंड क्षेत्र में हर घर बिजली व गांव के बधार में चलने वाले सबमर्सिबल पंप पर बिजली कनेक्शन देने की कवायद में विभाग के कर्मी भले ही ज्यादा से ज्यादा घरों को बिजली कनेक्शन देकर अपना पीठ थपथपा रहे हो.

विज्ञापन

कैमूर के नुआंव प्रखंड क्षेत्र में हर घर बिजली व गांव के बधार में चलने वाले सबमर्सिबल पंप पर बिजली कनेक्शन देने की कवायद में विभाग के कर्मी भले ही ज्यादा से ज्यादा घरों को बिजली कनेक्शन देकर अपना पीठ थपथपा रहे हो. किंतु विभाग के कर्मियों की लापरवाही का सच आम लोगों को रुला रहा है.

विभाग ने भेज 27 हजार रुपये का बिल

नौ वर्ष बाद भी विभाग ने मीटर नहीं लगाया और 27 हजार रुपये का बिल भेज दिया गया. दरअसल, हर घर बिजली देने की कवायद में कुढ़नी थाना क्षेत्र के महिला गांव की दलित बस्ती में नौ वर्ष साल 8 अगस्त 2013 को शिवशंकर राम ने घर की बिजली के लिए विभाग से एग्रीमेंट कराये. एग्रीमेंट के लगभग दो वर्षों तक विभाग द्वारा मीटर नहीं लगाया गया. इस दौरान शिव शंकर लगातार विभाग के मीटर रीडिंग कर्मियों को मीटर लगाने की बाते कहते रहे. किंतु किसी ने नहीं सुनी.

सात वर्ष के बाद भी विभाग द्वारा मीटर नहीं लगाया गया 

23 फरवरी 2015 में विभाग द्वारा शिव शंकर बिना मीटर लगे के 2500 रुपये बिजली बिल जमा कराये गये. तब भी उन्होंने इसका विरोध करते हुए विभाग के अधिकारियों से कहा कि आपलोगों की लापरवाही के चलते एक मुश्त यह रुपये जमा करने पड़ रहे हैं. आप जल्द से जल्द मीटर लगवाएं. किंतु सात वर्ष बीतने के बाद भी विभाग द्वारा मीटर नहीं लगाये गये और एक बार फिर बिना मीटर रीडिंग के घर में जलने वाले दो बिजली बल्ब का बिल विभाग द्वारा 27 हजार रुपये भेजे गये हैं. इसको लेकर शिव शंकर काफी परेशान हैं.

कर्मचारी व जेइ ने भी नहीं सुनी बात

महिला गांव के वार्ड पांच के दारोगा यादव ने बताया कि दो वर्षों पूर्व घर की बिजली के लिए एग्रीमेंट कराये. विभाग द्वारा समय से मीटर भी लगा. किंतु दो वर्षों तक कर्मी द्वारा बिजली मीटर रीडिंग नहीं किया गया. मैं प्रति माह पास के घरों में मीटर रीडिंग करने वाले कर्मियों को मीटर रीड के लिए दर्जनों बार कहता रहा, पर वह बात को टालते रहा. इतना ही नहीं मुख्यालय में बैठे जेइ को भी बताया, पर किसी ने मेरी नहीं सुनी. आज विभाग द्वारा घर में जलने वाले दो बिजली के बल्ब का बिल 17715 रुपये कर्मियों द्वारा थमा दिये गये. गरीब आदमी हूं, इतने रुपये कहां से दूंगा. पहले पता होता, तो लालटेन की रोशनी से ही गुजारा कर लेता.

पांच हजार रुपये कर्ज लेकर कनेक्शन को जुड़वाया

कर्मियों से बढ़ते बिल के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि छह से सात हजार रुपये कनेक्शन चार्ज है. बाकी समय से बिल नहीं देने को लेकर सूद दर सूद के रुपये विभाग द्वारा जोड़े गये हैं. पड़ोसियों से पांच हजार रुपये कर्ज लेकर घर के काटे गये कनेक्शन को जुड़वाया हूं. विभागीय लापरवाही के चलते काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

Also Read: गया का रेलवे स्टेशन बनेगा वर्ल्ड क्लास, जंक्शन प्रवेश करते ही भगवान विष्णु व बुद्ध के होंगे दर्शन
एक घर में दो लोगों के नाम पर बिल

तीसरा मामला महिला गांव के कमला सिंह का है. पीड़ित ने बताया कि पांच वर्षों पूर्व मेरे पिता शंकर सिंह की मृत्यु के बाद उनके नाम से 17 हजार रुपये के बकाया बिल मुझे थमाते हुए घर का कनेक्शन काट दिया गया है. जबकि, बिजली कटे उसी मकान पर दो वर्षों पूर्व मेरी पत्नी के नाम पर घर की बिजली का एग्रीमेंट कराया गया था. उसका प्रति माह मैं बिल भुगतान करता आया हूं. पीड़ित ने कहा अगर मेरे पिता के नाम पर विभाग का पांच वर्षों पूर्व का बकाया था, तो उसी मकान पर मेरी पत्नी के नाम पर विभाग ने कैसे एग्रीमेंट कर दिया व पिता के मरने के पांच वर्षों बाद मुझे क्यों बकाया बिजली बिल थमाया जा रहा है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन