कैमूर: तुतला भवानी धाम में नहीं शुरू हुआ वॉटरफॉल, जुलाई आधा बीता फिर भी दिख रहा सूना नजारा; पर्यटकों की कमी से स्थानीय व्यवसाय प्रभावित

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सूखा पड़ा मां तुतला भवानी धाम का वॉटरफॉल | Prabhat Khabar Network

सूखा पड़ा मां तुतला भवानी धाम का वॉटरफॉल

कैमूर के प्रसिद्ध मां तुतला भवानी धाम में इस बार जुलाई का आधा महीना बीतने के बाद भी वॉटरफॉल शुरू नहीं हो पाया है. बारिश की कमी के कारण सूखी चट्टानों को देखकर श्रद्धालु और पर्यटक मायूस लौट रहे हैं. इसका सीधा असर स्थानीय दुकानदारों पर भी पड़ रहा है.

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Kaimur Tutla Bhawani Dham : कैमूर पहाड़ी स्थित प्रसिद्ध मां तुतला भवानी धाम इस बार सूनेपन की मार झेल रहा है. जुलाई का आधा महीना गुजर चुका है, लेकिन यहां का मशहूर वॉटरफॉल अब तक शुरू नहीं हो पाया है. हर साल जून से ही जहां झरना बहने लगता था और पर्यटकों की भीड़ उमड़ पड़ती थी, वहीं इस बार सूखी चट्टानों के बीच लोग मायूस होकर लौट रहे हैं. बारिश की कमी ने इस प्रसिद्ध पर्यटन स्थल की रौनक फीकी कर दी है.

यहां पहुंचने वाले श्रद्धालु और पर्यटक वॉटरफॉल देखने की उम्मीद लेकर आते हैं, लेकिन सूखा नजारा देखकर निराश हो जाते हैं. कई लोग तो अब यह जानकर ही यहां आने का प्लान टाल रहे हैं कि अभी झरना शुरू नहीं हुआ है.

Kaimur News : बारिश नहीं, इसलिए थम गई तुतला की रौनक

स्थानीय लोगों के मुताबिक, हर साल जून महीने में ही यहां का वॉटरफॉल चालू हो जाता है. आद्रा नक्षत्र के शुरू होते ही इस इलाके में अच्छी बारिश होती है, जिससे पहाड़ियों से गिरता झरना अपनी पूरी खूबसूरती में नजर आता है. लेकिन इस बार मानसून की धीमी चाल के कारण अब तक पर्याप्त बारिश नहीं हो सकी है.

यही वजह है कि जुलाई का आधा महीना बीत जाने के बावजूद झरना सूखा पड़ा है. प्राकृतिक सुंदरता के लिए मशहूर यह स्थल फिलहाल अपने मुख्य आकर्षण से वंचित है.

Kaimur Tourism News : पर्यटक कम, दुकानदारों पर असर

वॉटरफॉल नहीं गिरने का असर सीधे तौर पर पर्यटकों की संख्या पर पड़ा है. पिछले साल जहां इस समय तक हजारों की भीड़ जुट जाती थी, वहीं इस बार गिनती के लोग ही नजर आ रहे हैं. जो लोग पहुंच भी रहे हैं, वे निराश होकर लौट रहे हैं.

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इसका असर स्थानीय दुकानदारों और छोटे कारोबारियों पर भी पड़ रहा है. चाय, नाश्ता, प्रसाद और अन्य सामान बेचने वाले दुकानदारों की आमदनी इस बार काफी घट गई है. उनका कहना है कि वॉटरफॉल ही यहां की जान है, उसके बिना पर्यटक नहीं आते.

वॉटरफॉल ही सबसे बड़ा आकर्षण

मां तुतला भवानी धाम की पहचान यहां के प्राकृतिक वॉटरफॉल से ही है. पहाड़ियों के बीच गिरता पानी, हरियाली और ठंडी फुहारें इस जगह को खास बनाती हैं. कई लोग इसे बिहार के सबसे खूबसूरत प्राकृतिक स्थलों में से एक मानते हैं.

जैसे ही झरना शुरू होता है, दूर-दूर से लोग यहां पहुंचने लगते हैं. परिवार, श्रद्धालु और पर्यटक सभी इस नजारे का आनंद लेने के लिए खिंचे चले आते हैं. लेकिन इस बार यह आकर्षण अब तक लोगों को देखने को नहीं मिल पाया है.

बारिश का इंतजार

स्थानीय लोगों और पर्यटकों की नजर अब आसमान पर टिकी है. सभी को इंतजार है कि कब अच्छी बारिश होगी और तुतला भवानी धाम का वॉटरफॉल फिर से शुरू होगा. जैसे ही बारिश तेज होगी, उम्मीद है कि यहां की रौनक एक बार फिर लौट आएगी.

तुतला भवानी धाम में सन्नाटा पसरा हुआ है और पर्यटक व स्थानीय लोग बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. वॉटरफॉल शुरू होते ही यहां फिर से भीड़ लौटने की उम्मीद है. अब सब कुछ मानसून की मेहरबानी पर टिका है.

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