ईडी का दावा : आलमगीर आलम के कार्यकाल में 3000 करोड़ कमीशन की हुई वसूली

टेंडर घोटाला मामले में ईडी ने फाइल की चार्जशीट.
Jharkhand Tender Scam: झारखंड के ग्रामीण विकास विभाग में हुए कथित टेंडर घोटाला मामले में ईडी ने चार्जशीट दाखिल कर दी है. उसने कई बड़े दावे किए हैं.
Jharkhand Tender Scam: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राज्य के तत्कालीन ग्रामीण विकास मंत्री, उनके आप्त सचिव संजीव लाल और सहायक जहांगीर आलम के खिलाफ मनी लाउंड्रिंग के मामले में आरोप पत्र दायर किया. ईडी द्वारा दायर आरोप पत्र में तीनों पर मनी लाउंड्रिंग के आरोप लगाये गये हैं.
विकास योजनाओं में तय था अधिकारी से कर्मचारी तक का कमीशन
इसमें कहा गया है कि विभाग द्वारा संचालित विकास योजनाओं में हर स्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कमीशन की दर तय थी. आलमगीर के कार्यकाल में कमीशन के तौर पर करीब 3000 करोड़ रुपये वसूले जाने और उसकी लाउंड्रिंग करने का आरोप लगाया गया है.
कमीशन वसूलने और बंटवारे के लिए सक्रिय था गिरोह
आरोप पत्र में कहा गया है कि कमीशन की राशि वसूलने और बंटवारे के लिए विभाग में एक गिरोह सक्रिय था. इसमें ठेकेदार, इंजीनियर सहित विभागीय अधिकारी शामिल थे. विभागीय मंत्री के लिए विकास योजनाओं में 1.5 प्रतिशत कमीशन निर्धारित था. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विभाग में जारी कमीशनखोरी को प्रमाणित करने के लिए कई तरह के दस्तावेज पेश किये हैं. इसमें आप्त सचिव के पास से बरामद एक्सेल शीट भी शामिल है. इस शीट पर विभाग द्वारा संचालित की जानेवाली योजनाओं का नाम, लागत, कुल कमीशन और कमीशन में हिस्सेदारी का उल्लेख है.
बड़े अफसरों को 0.75 से 1.50 प्रतिशत तक मिलता था कमीशन
रिपोर्ट में कहा गया है कि जहांगीर के घर से बरामद रुपये विकास योजनाओं से बतौर कमीशन वसूली गयी थी. रिपोर्ट में कहा गया है कि बड़े अफसरों के लिए कमीशन की दर 0.75 से 1.50 प्रतिशत तक निर्धारित थी. ईडी ने कमीशन की रकम से लाउंड्रिंग के सहारे अचल संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया है. जहांगीर को मंत्री के आप्त सचिव का करीबी बताया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि अब तक की जांच के दौरान अभियुक्तों की कुछ संपत्ति को चिह्नित किया गया है. साथ ही और संपत्ति का पता लगाया जा रहा है.
संजीव लाल व जहांगीर की चार करोड़ की संपत्ति जब्त
प्रवर्तन निदेशालय ने आलमगीर आलम के आप्त सचिव संजीव लाल और सहायक जहांगीर की कुल चार करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है. ईडी ने संपत्ति जब्त करने से संबंधित आदेश जारी कर दिया है. जब्त की गयी संपत्ति में संजीव लाल और जहांगीर का फ्लैट शामिल है. ईडी ने जांच में पाया कि संजीव लाल और जहांगीर के नाम पर खरीदी गयी संपत्ति का आर्थिक स्रोत वैध नहीं है. फ्लैटों की खरीदने में ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित विकास योजनाओं में वसूली गयी कमीशन की राशि का इस्तेमाल किया गया है.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवरेज करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है
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