ब्रिटेन की मंत्री सीमा मल्होत्रा से मिले सीएम हेमंत सोरेन, एजुकेशन और स्किल डेवलपमेंट पर मांगी मदद

लंदन में यूके की मंत्री सीमा मल्होत्रा के साथ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विधायक कल्पना सोरेन, मुख्य सचिव व अन्य.
Hemant Soren UK Visit: झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने यूके दौरे के दौरान ब्रिटेन की मंत्री सीमा मल्होत्रा से मुलाकात कर एजुकेशन, स्किल डेवलपमेंट, माइन्स और क्लाइमेट को-ऑपरेशन पर चर्चा की. दोनों पक्षों ने स्कॉलरशिप, इंटर्नशिप, यूनिवर्सिटी पार्टनरशिप और जस्ट ट्रांजिशन प्रोग्राम्स पर सहमति जताई. बैठक में झारखंड-यूके वर्किंग ट्रैक, ट्रांजिशन फाइनेंस और हेरिजेट कन्जर्वेशन पर भी जोर दिया गया. लंदन पहुंचने पर सीएम हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन का झारखंडी माइग्रेंट्स ने वेलकम किया. पूरी खबर नीचे पढ़ें.
Hemant Soren UK Visit: झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन गुरुवार को आधिकारिक दौरे पर यूनाइटेड किंगडम (यूके) पहुंचे. वहां पर उन्होंने यूके गवर्नमेंट की पार्लियामेंटरी अंडर सेक्रेटरी फॉर इक्वलिटी एंड इंडो-पैसेफिक की मंत्री सीमा मल्होत्रा से मुलाकात की. इस मीटिंग में एजुकेशन, स्किल डेवलपमेंट, रिस्पॉन्सिबल माइनिंग, क्लाइमेट चेंजिंग, कल्चर और हेरिटेज कन्जर्वेशन जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई. दोनों पक्षों ने झारखंड और यूके के बीच लॉन्ग टर्म और प्रैक्टिल को-ऑपरेशन को मजबूत करने पर सहमति जताई.
एजुकेशन और स्किल डेवलपमेंट पर बनेगा एक्शन प्लान
मीटिंग में ओवरसीज स्टडी, डायरेक्शन, इंटर्नशिप, लीडरशिप डेवलपमेंट और पब्लिक सर्विस एक्सपीरियंस से जुड़े प्रोग्राम को आपस में जोड़ने के लिए एक क्लीयर एक्शन प्लान बनाने पर सहमति बनी. सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड के युवाओं को ग्लोबल लेवल के अवसर उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्रॉयरिटी है. यूके सरकार ने झारखंड की मरांग गोमके जयपाल मुंडा फॉरेन स्कॉलरशिप स्कीम और चेवनिंग मरांग गोमके जयपाल मुंडा फॉरेन स्कॉलरशिप स्कीम की सराहना की. इन्हें भारत-यूके को-ऑपरेशन का पावरफुल एक्जांपल बताया गया. बताया गया कि पिछले चार सालों में इन स्कीम्स से 100 से अधिक स्टूडेंट्स को फॉरेन में हायर एजुकेशन का बेनिफिट मिल चुका है.
यूनिवर्सिटी और स्किल इंस्टीट्यूशंस के साथ को-ऑपेशन पर डिस्कशन
मीटिंग में यूके के मेन यूनिवर्सिटीज, स्किल और एलिजिबिलिटी इंस्टीट्यूश्ंस के साथ इंस्टीट्यूशनल को-ऑपरेशन की पॉसिबिलिटीज पर चर्चा की गई. माइनिंग टेक्नोलॉजी, क्लाइमेट स्टडीज और सस्टेनेबल डेवलपमेंट के सेक्टर में ज्वाइंट एजुकेशनल प्रोग्राम, टीचर्स के आदान-प्रदान और ट्रेनी रूट डेवलप करने पर जोर दिया गया. सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि अगर झारखंड के टेक्निकल इंस्टीट्यशंस और यूके के यूनिवर्सिटीज मिलकर काम करें, तो स्टेट के स्टूडेंट्स को वर्ल्ड लेवल ट्रेनिंग और रिसर्च का मौका मिलेगा, जिससे स्टेट की ह्यूमन रिसोर्स कैपिसिटी होगी.
रिस्पॉन्सिबल माइनिंग और क्रिटिकल मिनरल्स पर फोकस
इकोनॉमि और क्लाइमेट को-ऑपरेशन के बारे में सीएम हेमंत सोरेन ने रिस्पॉन्सिबल माइनिंग के सेक्टर में यूके की एक्सपर्टीज के साथ क्लोज को-ऑपरेशन का प्रपोजल रखा. इसमें एन्वायरमेंटल, सोशल और एडमिनिस्ट्रेटिव स्टैंडर्ड सिस्टम, माइनिंग की पहचान और मॉनिटरिंग, माइन्स सिक्योरिटी, क्लीन प्रोसेसिंग और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी परफॉर्मेंस शामिल हैं. मीटिंग में रिस्पॉन्सिबिल क्रिटिकल मिनरल्स पर एक झारखंड-यूके वर्किंग ट्रैक स्थापित करने पर भी चर्चा की गई. इसका मकसद स्टैंडर्ड को मजबूत करना, रिसर्च और डेवलपमेंट, इनोवेशन और सप्लाई चेन को-ऑपरेशन को मजबूत करना होगा. यह पहल झारखंड को फ्यूचर की ग्रीन इकोनॉमी के लिए तैयार करने की डायरेक्शन में अहम कदम मानी जा रही है.
कोल सेक्टर के लिए ट्रांजिशन फाइनेंस स्ट्रक्चर पर जोर
मीटिंग में यूके की क्लाइमेट और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस के साथ मिलकर झारखंड के कोल सेक्टर के डायवर्सिफिकेशन, क्लाइमेट एडॉप्टेशन, लेबर्स और लोकल कम्यूनिटी के समर्थन के लिए ट्रांजिशन फाइनेंस स्ट्रक्चर डेवलप करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई. सीएम ने झारखंड को जस्ट ट्रांजिशन प्रोग्राम के लिए एक पायलट स्टेट के रूप में स्थापित करने का प्रपोजल रखा.
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कल्चर और हेरिजेट प्रीजर्वेशन में भी को-ऑपरेशन
सीएम हेमंत सोरेन ने कल्चर, स्पोर्ट्स और हेरिटेज प्रीजर्वेशन को लोगों के बीच सीधे संपर्क और संबंध मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बताया. उन्होंने भारत-यूके हेरिटेज प्रीजर्वेशन एग्रीमेंट के तहत झारखंड के मेगालिथ और मोनोलिथ प्लेस के प्रीजर्वेशन में यूके से को-ऑपरेशन से रिक्वेस्ट किया. इन हिस्टोरिकल प्लेसेज को यूनेस्को से मान्यता दिलाने की दिशा में भी को-ऑपरेशन की डिमांड की गई. सीएम सोरेन ने कहा कि झारखंड की ओल्ड हेरिटेज न केवल स्टेट, बल्कि पूरी ह्यूमैन सिविलाइजेशन की धरोहर है.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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