झारखंड: Corona जांच से सस्ता Vaccine, फिर भी नहीं ले रहे लोग, बड़ा सवाल- नये वैरिएंट से कैसे होगा बचाव

Kolkata: A medic administers a dose of COVID-19 vaccine to a beneficiary at a vaccination camp in Kolkata, Friday, Sept. 3, 2021. (PTI Photo/Swapan Mahapatra)(PTI09_03_2021_000056B)
Coronavirus Vaccine: कोरोना की जांच की तुलना में इसके बचाव पर होनेवाला खर्च कम है. राज्य के निजी जांच लैब में कोरोना की जांच के लिए 400 रुपये खर्च करने पड़ते हैं, जबकि निजी टीका केंद्र में 387 रुपये देने पर सुरक्षा का टीका मिल जाता है. इसके बाद भी लोग टीका लेने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं.
राजीव पांडेय, रांची: राज्य में लोग चौथी लहर की आशंका के बाद भी टीका लेने को लेकर उत्साह नहीं दिखा रहे हैं. राज्य की 1.72 करोड़ आबादी को अभी भी सरकार से मुफ्त टीका मिलने की उम्मीद है. स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े के अनुसार राज्य के 18 से 59 साल की आयु वाले 7,200 लोगों ने बूस्टर डोज का टीका लिया है, जो 1.72 करोड़ की आबादी के 0.05% से भी कम है. राज्य के चार जिलों रांची, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम और रामगढ़ जिले में ही निजी टीका केंद्र पर लोग टीका लगवाने के लिए आ रहे हैं. बाकी जिलों में आम लोगों का कोई खास रुझान देखने को नहीं मिल रहा है.
अभी भी मुफ्त टीका मिलने की उम्मीद
यह स्थिति तब है, जब बचाव के लिए बूस्टर डोज लेने का रास्ता निजी सेंटरों (18 से 59 वर्ष) में खोल दिया गया है. यहां बता दें कि कोरोना की जांच की तुलना में इसके बचाव पर होनेवाला खर्च कम है. राज्य के निजी जांच लैब में कोरोना की जांच के लिए 400 रुपये खर्च करने पड़ते हैं, जबकि निजी टीका केंद्र में 387 रुपये देने पर सुरक्षा का टीका मिल जाता है. इसके बाद भी लोग टीका लेने को लेकर उत्साहित नहीं दिख रहे हैं.
राज्य की 1.72 करोड़ आबादी को अभी भी सरकार से मुफ्त टीका मिलने की उम्मीद है. स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े के अनुसार राज्य के 18 से 59 साल की आयु वाले 7,200 लोगों ने बूस्टर डोज का टीका लिया है, जो 1.72 करोड़ की आबादी के 0.05% से भी कम है.
मुफ्त बूस्टर डोज की गति भी धीमी
राज्य में मुफ्त बूस्टर डोज की गति भी धीमी है. राज्य में स्वास्थ्य कर्मी, फ्रंट लाइन वर्कर और 60 प्लस की आबादी 38,28,349 है, जिनको मुफ्त टीका देना है. वहीं, स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े (28 अप्रैल) के अनुसार 3,03,377 को बूस्टर डोज टीका दिया गया है. यह लक्ष्य का मात्र आठ फीसदी ही है. अभी तक लगे बूस्टर डोज में सबसे ज्यादा 1,26,347 बुजुर्गों का टीकाकरण हुआ है. वहीं 99,600 फ्रंट लाइन वर्कर और 77,430 हेल्थ वर्कर को टीका दिया गया है.
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निजी लैब में कोरोना जांच 400 रुपये में, जबकि टीका की कीमत 387 रुपये ही है
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कोरोना जांच से भी कम कीमत में सुरक्षा टीका, पर 1.72 करोड़ में 7,200 ने ही लगवाया
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नये वैरिएंट से कैसे होगा बचाव
यदि सभी लोग टीका नहीं लेते हैं, तो नये वैरिएंट से बचाव कैसे होगा, इसका जवाब स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के पास भी नहीं है. राज्य के चार जिले रांची,धनबाद, पूर्वी सिंहभूम और रामगढ़ जिले में ही निजी टीका केंद्र पर टीका मिल रहा या लगा है. इधर, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता केंद्र सरकार से बूस्टर डोज का टीका मुफ्त मुहैया कराने में लगे हैं. उन्होंने केंद्र से आग्रह किया है कि झारखंड गरीब राज्य है, इसलिए बूस्टर डोज व बच्चों का टीका मुफ्त दिया जाये.
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By Prabhat Khabar News Desk
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