World Physiotherapy Day: ऑफिस में बैठकर काम करने वालों के लिए Physiotherapist की खास Tips

World Physiotherapy Day
World Physiotherapy Day: डॉ. अंजना के अनुसार, फिजियोथेरेपी न सिर्फ इलाज का जरिया है, बल्कि यह बीमारियों की रोकथाम और लंबे समय तक शरीर को सक्रिय बनाए रखने का सबसे आसान और सुरक्षित तरीका भी है.
World Physiotherapy Day: विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर पटना की जानी-मानी फिजियोथेरेपिस्ट डॉ.अंजना आनंद ने फिजियोथेरेपी के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि आज भी अधिकतर लोग फिजियोथेरेपी को सिर्फ चोट या दर्द के इलाज तक सीमित मानते हैं, जबकि वास्तव में यह एक संपूर्ण और संतुलित जीवनशैली का अहम हिस्सा है. डॉ. अंजना के अनुसार, फिजियोथेरेपी न सिर्फ इलाज का जरिया है, बल्कि यह बीमारियों की रोकथाम और लंबे समय तक शरीर को सक्रिय बनाए रखने का सबसे आसान और सुरक्षित तरीका भी है.
बदलती जीवनशैली में बढ़ रही जरूरत
डॉ. अंजना ने बताया कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और ऑफिस के लंबे घंटों की वजह से कमर दर्द, गर्दन में जकड़न, जोड़ों का दर्द और स्ट्रोक जैसी समस्याएं आम हो गई हैं. वहीं खेलों के दौरान लगने वाली चोटें भी खिलाड़ियों को लंबे समय तक परेशान करती हैं. ऐसे में फिजियोथेरेपी न सिर्फ दर्द से राहत देती है, बल्कि शरीर की गतिशीलता और मजबूती को बनाए रखने में भी मदद करती है.
हल्की एक्सरसाइज और स्ट्रेचिंग का कमाल
उन्होंने यह भी बताया कि फिजियोथेरेपी का एक अहम हिस्सा है हल्की एक्सरसाइज, स्ट्रेचिंग और सही बैठने-उठने का तरीका (posture). अगर लोग इसे अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या में शामिल करें, तो कई गंभीर बीमारियों से बचाव संभव है. सुबह के 20–30 मिनट की एक्सरसाइज, सही पॉश्चर और समय-समय पर स्ट्रेचिंग से न सिर्फ शरीर चुस्त-दुरुस्त रहता है, बल्कि मानसिक तनाव भी कम होता है.
प्राकृतिक हीलिंग को बढ़ावा
फिजियोथेरेपी दवाओं पर निर्भरता को कम करती है और शरीर की प्राकृतिक उपचार क्षमता (natural healing power) को बढ़ावा देती है. इससे मांसपेशियां मजबूत होती हैं, हड्डियों की ताकत बढ़ती है, और उम्र के साथ होने वाली समस्याओं से बचा जा सकता है.
बुजुर्गों और ऑफिस कर्मचारियों के लिए वरदान
डॉ. अंजना ने खास तौर पर बुजुर्गों और लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले लोगों को फिजियोथेरेपी को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी. उनका मानना है कि यह थेरेपी न केवल भविष्य की बीमारियों से बचाती है, बल्कि चोट या सर्जरी के बाद रिकवरी में भी बेहद कारगर साबित होती है.
जीवनशैली का हिस्सा बनाएं
अंत में उन्होंने लोगों से अपील की कि फिजियोथेरेपी को सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि एक आदत और जीवनशैली के रूप में अपनाएं. यही एक बेहतर, स्वस्थ और सक्रिय जीवन की कुंजी है.
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