Summer Drinks: गर्मी के मौसम में पीएं ये रिफ्रेशिंग ड्रिंक्स, मिलेगी शरीर को ठंडक

Summer Drinks: गर्मियों में खासकर पुदीने, नीबू, कच्चे आम, बेल, सत्तू आदि से बना शर्बत जरूर पीना चाहिए. ये आपको लू से बचाते हैं और शरीर में पानी की कमी नहीं होने देते. बेल का शर्बत पेट को ठंडक देने के साथ ही आंतों की सफाई भी करता है
Summer Drinks: गर्मियों में पसीने से सबसे ज्यादा नुकसान शरीर को पानी और नमक का होता है. ऐसे में डिहाइड्रेशन से बचने के लिए रोजाना 10-15 गिलास पानी पीना चाहिए. गर्मियों में कई ऐसे फल और सब्जियां मिलते हैं, जो शरीर को अंदर से ठंडक देते हैं. इनसे तैयार शर्बत या जूस सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है. आप लीची शेक, तरबूज शेक, सौंफ और गुड़ से बना शर्बत पी सकते हैं. गुड़ के शर्बत में तुलसी स्वरस मिलाकर पीने से लू से बचाव होता है.
गर्मियों में खासकर पुदीने, नीबू, कच्चे आम, बेल, सत्तू आदि से बना शर्बत जरूर पीना चाहिए. ये आपको लू से बचाते हैं और शरीर में पानी की कमी नहीं होने देते. बेल का शर्बत पेट को ठंडक देने के साथ ही आंतों की सफाई भी करता है. यह संग्रहणी, आंव और डायरिया जैसी समस्याओं को भी दूर करता है. इस मौसम में दही की लस्सी पीना भी स्वास्थ्य के लिहाज से बहुत फायदेमंद है. यह पेट की गर्मी को दूर कर पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है.
गर्मियों में जितना मुमकिन हो नीबू पानी पीना चाहिए. नीबू पानी में थोड़ा नमक या थोड़ी चीनी और थोड़ा नमक मिलाना बेहतर है. इससे शरीर से निकले सॉल्ट्स की भरपाई होती है. थोड़ी चीनी अच्छी होती है गर्मियों में. वजन कम करना चाहते हैं तो चीनी न मिलाएं और नमक भी कम डालें.
नारियल पानी को मां के दूध के बाद सबसे बेहतर और साफ पेय माना जाता है. नारियल पानी प्रोटीन और पोटैशियम (अच्छा सॉल्ट) का अच्छा सोर्स है. इसका कूलिंग इफेक्ट भी काफी अच्छा है, इसलिए यह एसिडिटी व अल्सर में भी कारगर है. शुगर के मरीज भी नारियल पानी पी सकते हैं.
छाछ में प्रोटीन खूब होते हैं. यह शरीर के टिश्यूज को हुए नुकसान की भरपाई करते हैं. मीठी लस्सी कम पीएं. छाछ जितनी चाहें पी सकते हैं. खाने के साथ छाछ लेना भी फायदेमंद है. छाछ में काला नमक, काली मिर्च, भुना जीरा डालकर पीना चाहिए.
यह गर्मियों का खास ड्रिंक है. कच्चे आम की तासीर ठंडी होती है. टेस्ट से भरपूर आम पना विटामिन-सी का अच्छा सोर्स है. यह स्किन और पाचन, दोनों के लिए अच्छा है. इसे लंबे समय तक रखा भी जा सकता है.
बेल का शरबत एसिडिटी और कब्ज, दोनों में असरदार है. कच्चे बेल का शरबत लूज मोशंस को रोकता है, तो पके बेल का शरबत कब्ज को ठीक करता है. इसका कूलिंग इफेक्ट भी काफी अच्छा होता है.
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